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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
संस्कृति मंत्रालय
18-जून-2017 16:27 IST

डा. महेश शर्मा ने मथुरा के गोवर्द्धन ब्लायक से 'भारत के सांस्कृ।तिक मानचित्रण अभियान का शुभारंभ किया


यह अभियान अगले तीन वर्षों में देश के सभी 6.40 लाख गांवों को कवर करेगा।

 

 

केन्‍द्रीय संस्‍कृति और पर्यटन राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) डा महेश शर्मा ने उत्‍तर प्रदेश के मथुरा जिले में गोवर्द्धन ब्‍लाक में खंड स्‍तरीय विशाल प्रतिभा खोज कार्यक्रम के उद्घाटन के साथ ही 'भारत के सांस्‍कृतिक मानचित्रण अभियान' का शुभारंभ किया। उत्‍तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीयुत श्रीकांत शर्मा, मंत्रालय के वरिष्‍ठ अधिकारी और पद्म, संगीत नाटक अकादमी के कलाकारों सहित जाने-माने प्रसिद्ध कलाकार और राज्‍य के पुरस्‍कार विजेता, इस अवसर पर मौजूद थे। यह अभियान 'एक भारत श्रेष्‍ठ भारत' कार्यक्रम के बैनर तले शुरू किया गया है। संस्कृति मंत्रालय ने इसकी शुरूआत पंडित दीन दयाल उपाध्‍याय की जन्‍म सदी वर्ष मनाने के हिस्‍से के रूप में की थी, जो मथुरा से सम्‍बद्ध थे।   

 

खंड स्‍तरीय इस कार्यक्रम में बड़ी संख्‍या में कलाकारों ने हिस्‍सा लिया। उन्‍होंने अपने को पंजीकृत करते हुए पंजीकरण प्रमाणपत्र/स्लिप/कोड भी प्राप्‍त किया। पंजीकृत कलाकारों को एक मंच प्रदान किया गया ताकि वे अपनी प्रस्‍तुती देते हुए अपनी प्रतिभा प्रदर्शित कर सकें। विभिन्न कलारूपों में प्रतिभागियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने के लिए जाने माने कलाकारों को निर्णायकों के पैनल के रूप में आमंत्रित किया गया था। पंजीकरण की सुविधा सीधे पोर्टल culturalmappingofindia.nic.in पर करने की सुविधा प्रदान की गयी।  जो कलाकार किसी कारणवंश पोर्टल पर स्वयं का और अपनी कला का पंजीकरण नहीं कर पाए थे, उनकी खोज के लिए गोवर्धन ब्लॉक के सभी 47 गांवों में गणनाकारों की टीमें भेजी गयी थीं। कोई भी व्यक्ति जो कलाकार होने का दावा करता हो, वह प्रारंभिक स्तर पर अपना पंजीकरण कर सकता है। .

 

इस अवसर पर डॉ. महेश शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में, “एक भारत श्रेष्ठ भारत” का मार्ग प्रशस्त करते हुए मिशन का उद्देश्य भारत के विस्तृत व्यापक सांस्कृतिक केन्वास को एक उद्देश्यपूर्ण सांस्कृतिक मानचित्र में रूपांतरित करना है। इसके जरिए एक ऐसी व्यवस्था कायम की जा रही है जिससे राष्ट्र के संपूर्ण कलाकार समुदाय की आक्षांए पूरी की जा सकें और साथ ही कलाकारों और कलारूपों के एक सांस्कृतिक कोष का निर्माण करते हुए देश की समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर की रक्षा की जा सके।

मथुरा जिले में कार्यक्रम के समापन के बाद श्री महेश शर्मा ने बताया कि संस्कृति मंत्रालय अन्य राज्यों में भी ऐसे ही खंड स्तरीय कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। ताकि देश के सभी ब्लॉकों में प्रतिभा की खोज की प्रक्रिया शुरू की जा सके। वर्तमान दौर में कर्नाटक के शिमोगा जिले के शिमोगा ब्लॉक, हरियाणा में कुरूक्षेत्र जिले के थानेसर ब्लॉक, उत्तर प्रदेश में गोरखपुर जिले के चोरी-चोरा ब्लॉक और झारखंड में सराईकेला- खारश्वान जिले के सराईकेला ब्लॉक को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में इस कार्यक्रम के अंतर्गत देश के कुल 6.40 लाख गांवों को कवर किया जाएगा।

संस्कृति मंत्रालय में सचिव श्री एन.के.सिन्हा ने अपने उद्घाटन भाषण में कहा कि मंत्रालय व्यापक सांस्कृतिक जागरूकता अभियान शुरू करने की कोशिश कर रहा है ताकि कोई कलाकार पीछे न रहे। उन्‍होंने कहा कि कलाकार/संगठन www.culturalmapping.nic.in पर ऑनलाइन भी अपना पंजीकरण कर सकते हैं।

 

 

 

 

 

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 वि.कासोटिया/आरएसबी/धमेन्‍द्र