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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
शहरी विकास मंत्रालय
16-जुलाई-2017 14:47 IST

नई दिल्‍ली नगरपालिका स्‍मार्ट सिटी परियोजना की समय-सीमा तय; एक हजार 240 करोड़ रू. की लागत से अक्‍तूबर में कार्य होगा आरंभ

निरीक्षण एवं नियंत्रण केंद्र, स्‍मार्ट जल एवं बिजली ग्रिड, सड़क, पार्किंग एवं क्‍लासरूम-प्राथमिक श्रेणी में

परिषद से कहा गया कि योजना में स्‍मार्ट सिटी के 311 ऐप्‍प पर बस समय-सीमा तय किए जाने के अतिरिक्‍त सभी नागरिक सुविधाओं को मुहैया कराया जाए  

स्‍मार्ट पहल के बाद विद्यालयों में नामांकन और ओपीडी पंजीकरण की संख्‍या में वृद्धि-एनडीएमसी अध्‍यक्ष

      आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय ने नई दिल्‍ली नगरपालिका परिषद से कहा है कि वह स्‍मार्ट सिटी परियोजनाओं को समय से पहले पूरा करें ताकि देशभर में स्‍मार्ट सिटी निर्माण का उद्हारण प्रस्‍तुत किया जा सके। कल शाम आवास एवं शहरी विकास सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा ने एनडीएमसी स्‍मार्ट सिटी प्‍लान के कार्यान्‍वयन की समीक्षा के दौरान यह समय-सीमा निश्‍चित की। इस अवसर पर एनडीएमसी के अध्‍यक्ष श्रीनरेश कुमार एवं मंत्रालय और परिषद के वरिष्‍ठ अधिकारी भी उपस्‍थित थे।

      एनडीएमसी ने एक हजार आठ सौ करोड़ रूपये की स्‍मार्ट सिटी योजना आरंभ की है। इस वर्ष अक्‍तूबर से प्रमुख महत्‍वपूर्ण परियोजनाओं पर विभिन्‍न चरणों पर कार्य आरंभ हो जाएगा। निविदा कार्य जारी है। इसमें एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र, स्‍मार्ट जल एवं बिजली ग्रिड, खान मार्केट में बहुस्‍तरीय पार्किंग, सेंसर आधारित स्‍मार्टपार्किंग, पब्‍लिक मोटर साइकिल शेयरिंग, तीन सौ 33 अतिरिक्‍त कक्षाओं में बेहतर सुविधाएं सीवर प्रबंधन संयंत्र, स्‍मार्ट जन-स्‍वच्‍छता केंद्र इत्‍यादि शामिल हैं। 13 सड़कों को फिर से डिजाइन किया जाएगा। इनमें 31 किलोमीटर का दायरा शामिल होगा। सात सड़के कनाट प्‍लेस से जुड़ेगी। इन पर जल्‍द काम शुरू हो जाएगा।

      पांच सौ करोड़ रू. की लागत से विभिन्‍न् परियोजनाओं पर अगले साल मार्च तक कार्य आरंभ हो जाएगा। इनमें यशंवत पैलेस में भारत निवेश केंद्र, शिवाजी टर्मिनल ट्रांसपोर्ट हब और मोती बाग में विश्‍वस्‍तरीय कौशल केंद्र, पर्यटन भवन इत्‍यादि शामिल हैं।

     परियोजना का ब्‍यौरा प्रस्‍तुत करते हुए एनडीएमसी के अध्‍यक्ष् श्री नरेश कुमार ने बताया कि नई दिल्‍ली नगरपालिका परिषद ने स्‍मार्ट समाधान के साथ योजना की स्‍मार्ट शुरूआत कर दी है जिसके सकारात्‍मक परिणाम भी आने आरंभ हो गए हैं। विद्यार्थियों में नामांकन संख्‍या और ओपीडी पंजीकरण में काफी सुधार हुआ है। 444 कक्षाओं को स्‍मार्ट कक्षाओं के रूप में बदला जा चुका है। परिषद द्वारा चला जा रहे अस्‍पतालों में ऑनलाइन पंजीकरण जारी है। मोबाइल एप्‍प स्‍मार्ट सिटी 311 के जरिए नागरिक जुड़े हुए हैं। विभिन्‍न ऑनलाइन सेवाओं का प्रयोग बढ़ रहा है।

      आवास एवं शहरी विकास सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा ने एनडीएमसी से कहा कि 311 ऐप पर और अधिक सेवाओं जैसे बस समय-सारणी, बस स्‍टॉप, पार्किंग से संबंधित जानकारी भी उपलब्‍ध कराएं। उन्‍होंने यह निर्देश भी दिया की एनडीएमसी एरिया में रहने वाले लोगों को इस प्‍लेटफॉर्म के अंतर्गत लाया जाना चाहिए और इस ऐप्‍प के इस्‍तेमाल के लिए और प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए।

      एनडीएमसी अध्‍यक्ष श्री नरेश कुमार ने आश्‍वासन दिया कि अधिकतर परियोजनाओं पर इस साल अक्‍तूबर तक कार्य आरंभ हो जाएगा और शेष परियोजनाएं अगले साल मार्च में शुरू हो जाएगी। इस प्रकार 2020 की समय-सीमा से पहले ही सभी स्‍मार्ट सिटी परियोजनाएं पूरी कर ली जाएंगी।

      श्री नरेश कुमार ने आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय से अनुरोध किया कि वे स्‍मार्ट पुर्न डिजाइन एवं प्रबंधन के लिए ‘सेंट्रल विस्‍टा’, स्‍थानांतरित करें। मंत्रालय ने इस मांग पर विचार का आश्‍वासन दिया है।

      सरोजिनी नगर क्षेत्र में बहुस्‍तरीय कार्य पार्किंग के कम प्रयोग पर चिंता व्‍यक्‍त करते हुए सचिव श्री दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि परिषद को इस पार्किंग के पूर्ण उपयोग के लिए कार्य योजना लाएं एवं कनॉट प्‍लेस एवं खान मार्केट में पैदल यात्रियों के पार-पथ बनाए जाने के लिए उचित कार्य योजना पर जल्‍द काम करें।

      परिषद की स्‍मार्ट सिटी परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन पर प्रसन्‍नता व्‍यक्‍त करते हुए श्री मिश्रा ने कहा कि लोगों को इन पहलों से होने वाले फायदों के बारे में जानकारी मुहैया कराएं इसके लिए विशेष संचार आउटरीच कार्यक्रम बनाए जाने चाहिए।

      उन्‍होंने यह भी कहा कि एकीकृत कमान एवं नियंत्रण केंद्र, स्‍मार्ट जल एवं बिजली ग्रिड इत्‍यादि से प्रभावी संसाधन प्रबंधन का मार्ग प्रशस्‍त होगा इस विषय में लोगों को और अधिक जानकारी दी जानी चाहिए और जनभागीदारी को प्रोत्‍साहित किया जाना चाहिए।

      एनडीएमसी अध्‍यक्ष श्री नरेश कुमार ने बताया कि एनडीएमसी ने विभिन्‍न भवनों की छतों पर 3.30 मेगावाट सौर ऊर्जा के सौर पैनल लगाए हैं। श्री नरेश कुमार ने यह सुझाव भी दिया कि विभिन्‍न केंद्रीय कार्यालयों की भवनों की छतों पर नि:शुल्‍क अथवा न्‍यूनतम लागत पर सौर पैनल लगाने के लिए एनडीएमसी को अनुमति दी जानी चाहिए।

      श्री डी.एस. मिश्रा ने यह भी कहा कि एनडीएमसी को विभिन्‍न बड़े पार्कों को भी स्‍मार्ट रूप में परिवर्तित करना चाहिए। यह कार्य बहुत ही कम लागत से पूरा हो सकता है लेकिन इससे लोगों को पार्क में बेहतर महसूस कर सकेंगे और अच्‍छा अनुभव प्राप्‍त कर पाएंगे।

 

वीएल/पीकेए/आरके-3010