Print ReleasePrint
XClose
पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
13-सितम्बर-2017 19:45 IST

वर्तमान सरकार ने वित्तीय समावेशन की नीति को केन्द्र में ला दियाः अरुण जेटली

पीएमजेडीवाई के अंतर्गत लगभग 30 करोड़ खाते खुले, निष्क्रिय खातों की संख्या 20 प्रतिशत से कम हुई

 

आधार विधेयक संविधान की कसौटी पर खरा उतरेगा, विमुद्रीकरण से नकदी कारोबार में कमी आई और डिजिटल भुगतान बढ़ा, कर आधार भी बढ़ा

 

नीति निर्माताओं के लिए वित्तीय समावेशन के प्रक्रियाओं को बदलना संभव नहीं

 

 

 वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा है कि वर्तमान सरकार ने वित्तीय समावेशन की नीति को केन्द्र में ला दिया और अगस्त, 2014 में बड़े पैमाने पर प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएमजेडीवाई) लांच किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने बैंकों की सहायता से वित्तीय समावेशन की पूरी क्षमता के दोहन करने का प्रयास किया है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें दूसरों की तुलना में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों ने अच्छा काम किया। वित्त मंत्री आज नई दिल्ली में संयुक्त राष्ट्र द्वारा आयोजित वित्तीय समावेशन सम्मेलन में मुख्य भाषण दे रहे थे।

वित्त मंत्री ने कहा कि जब अगस्त, 2014 में पीएमजेडीवाई लांच किया गया था तब केवल 58 प्रतिशत लोगों के पास बैंक खाते थे और 42 प्रतिशत लोग बैंकिंग दायरे से बाहर थे। श्री जेटली ने कहा कि अब पीएमजेडीवाई के अंतर्गत खुले खातों की संख्या 30 करोड़ से अधिक हो गई है। सितंबर, 2014 में पीएमजेडीवाई के अंतर्गत जीरो बैलेंस खातों की संख्या 76.81 प्रतिशत से कम होकर अब 20 प्रतिशत से कम रह गई है। इसके अतिरिक्त 5,000 रुपये की ओवर ड्राफ्ट सुविधा के साथ 22 करोड़ से अधिक रूपे कार्ड जारी किए गए हैं।

वित्त मंत्री श्री जेटली ने कहा कि वित्तीय समावेशन के अतिरिक्त वर्तमान सरकार ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) के अंतर्गत गरीबों को जीवन बीमा तथा प्रधानमंत्री सुरक्षा जीवन योजना (पीएमएसबीवाई) के अंतर्गत दुर्घटना बीमा के माध्यम से गरीबों को सुरक्षा देने का कदम उठाया है। 07 अगस्त, 2017 को पीएमजेजेबीवाई के अंतर्गत कुल 3.46 करोड़ नामांकन हुए और पीएमएसबीवाई के अंतर्गत 10.96 करोड़ नामांकन हुआ। दोनों योजनाओं में शामिल होने वालों में 40 प्रतिशत महिलाएं हैं।

विमुद्रीकरण के परिणामों की चर्चा करते हुए वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने कहा कि इससे नकदी कारोबार की विशालता कम करने, डिजिटलकरण को बढ़ाने, कर आधार बढ़ाने तथा अर्थव्यवस्था को अधिक औपचारिक रूप देने में मदद मिली। उन्होंने कहा कि विमुद्रीकरण के बाद अर्थव्यवस्था में नकद की सम्पूर्ण मात्रा को घटाने पर बल दिया जा रहा है।

आधार के बारे में वित्त मंत्री श्री जेटली ने कहा कि यह देश के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम है और अब हम इसकी क्षमता को समझने लगे हैं। उन्होंने कहा कि 92 प्रतिशत लोगों के पास आधार कार्ड है। उन्होंने कहा कि वह इस बात को लेकर आश्वस्त हैं कि आधार विधेयक संविधान की कसौटी पर खरा उतारेगा। उन्होंने कहा कि आधार से सब्सिडी लक्षित करने में मदद मिली है और इससे संसाधनों की बर्बादी टालने में मदद मिली है। उन्होंने कहा कि आधार प्रणाली लागू करने के बाद अब सरकार समर्थन/सब्सिडी पात्र गरीब लोगों तक सीमित रह गई है। वित्त मंत्री ने कहा कि पात्र व्यक्तियों के खाते में सीधे वित्तीय सहायता पहुंचने से पीएमजेडीवाई बैंक खातों के संचालन में मदद मिली है और इससे निष्क्रिय खातों की संख्या में कमी आई है।

वित्त मंत्री श्री जेटली ने कहा कि वर्तमान सरकार को पिछले तीन वर्षों में राजनीतिक और आर्थिक एजेंड के केन्द्र में वित्तीय समावेशन को लाने में सफलता मिली है और आने वाले समय में नीति-निर्माताओं को केवल इसी निर्देश का अनुसरण करना होगा और नीति-निर्माता इसमें कोई बदलाव नहीं ला सकते।

 

 

*****

वीके/एजी/डीके-3765