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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
रक्षा मंत्रालय
12-अक्टूबर-2017 13:21 IST

भारतीय सेना ने सेवा इकाइयों की स्थिति के बारे में भ्रम को दूर किया

 

   सेना कमांडर्स सम्मेलन के दौरान सेना की गैर लड़ाकू सेवाओं के विषय पर  विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में आर्मी सर्विस कोर (एएससी) के कुछ कर्मियों ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि गैर लड़ाकू श्रेणी होने के कारण उनकी युद्धक्षेत्र में तैनाती के लिए विचार नहीं किया जाता है। इस पर प्रकाश डाला गया कि सेना ने सर्वोच्च न्यायालय में दिये गए हलफनामा में निम्नलिखित का उल्लेख किया हैः-

1.  नियंत्रण रेखा, कम तीव्रता संघर्ष, उग्रवाद निरोधी और आंतकवाद निरोधी कार्यवाही में मजबूती के लिए प्रोत्साहन हेतु सहयोगी शाखाओ और संचालन इकाई के बहुत से अधिकारी,जेसीओ और अन्य कर्मियो को पैदल सेना की उग्रवाद और आंतकवाद निरोधी इकाईयो में तैनात किया गया है।  यह इन अधिकारियों, जेसीओ और अन्य कर्मियो को संचालन संबंधी आवश्यक अनुभव प्रदान करता है। इन भूमिकाओ में कर्मियो का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा है।

2.  सेना युद्ध और शांति परिस्थितियो में अपना दायित्व समान रूप से  निभाती है। सेना की प्रत्येक शाखा की निर्धारित भूमिका और कार्य है।

3.   लड़ाकू शाखा/ लड़ाकू सहयोगी शाखा और सेवा शाखा भारतीय सेना की संचालन इकाईया हैं जिनके कर्तव्य एवं कार्यो की भूमिका निर्धारित हैं।  संचालन के दौरान लड़ाकू इकाईयो को सेवा इकाई द्वारा दिए जा रहे संचालन सहयोग का महत्व कम किए बिना सेना का लगातार ये पक्ष कहा है कि एएससी,आयुध और इलेक्ट्रोनिक्स एवं तकनीकी अभियंताओं (इएमई) की प्रमुखो को अग्रिम बलों के सम्पर्क में रहने की आवश्यकता बड़े स्तर पर नहीं है।शारीरिक क्षमता प्रांसगिक होने के कारण सेवा सेवाओं की आयु लड़ाकू बलों से अधिक हो सकती है। सभी सैन्य बल एवं सेवाओ के लड़ाकू होने के कारण यह कभी भी विवाद का विषय नहीं रहा।  इसलिए सेना ने सेवा इकाइयों को कभी भी गैरलड़ाकू इकाई नहीं कहा है।

4. इसके अलावा सेना प्रमुख ने पदभार ग्रहण करने पर उल्लेख किया था कि वह सभी सैन्य बलों और सेवाओं का ध्यान रखेंगे और उन्हें यथायोग्य लाभ मिलेगा। इस सम्मेलन के दौरान किसी सैन्य शाखा या सेवाओं द्वारा उठाए गए मुद्दो का समाधान किया जाएगा। कुछ सैन्य कर्मियो के बीच अंतर को लेकर व्यथा को समाप्त किया जाएगा और सेना प्रमुख ने आश्वासन दिया है इस संबंध में सभी आवश्यक सुधार किए जाएगें।

 

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वीएल/पीकेए/पीबी – 5032