Print
XClose
पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
मंत्रिमंडल
14-मार्च-2018 20:08 IST

मंत्रिमंडल ने भारत और ईरान के बीच दोहरे कराधान को टालने और वित्‍तीय करवंचना की रोकथाम के लिए समझौते को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने भारत और ईरान के बीच दोहरे कराधान को टालने और वित्‍तीय करवंचना की रोकथाम के लिए समझौते को अपनी स्‍वीकृति दे दी है।

इस समझौते से निवेश, टेक्‍नोलॉजी तथा भारत से ईरान और ईरान से भारत में कर्मियों के प्रवाह में तेजी आयेगी। यह समझौता नवीनतम अन्‍तर्राष्‍ट्रीय मानकों के अनुसार समझौता करने वाले दोनों पक्षों के बीच सूचना का आदान-प्रदान का प्रावधान करेगा और दोहरे कराधान को रोकेगा। इस तरह यह समझौता टैक्‍स के मामलों में पारदर्शिता में सुधार लायेगा और टैक्‍स चोरी तथा टैक्‍स को टालने पर नियंत्रण करने में मददगार साबित होगा।

यह समझौता उन्‍हीं तर्जों पर हैं जिन पर भारत ने अन्‍य देशों के साथ समझौता किया है। प्रस्‍तावित समझौता जी-20 ओईसीडी बेस इरोजन एंड प्रोफिट शिफ्टिंग (बीईपीएस) परियोजना के अंतर्गत संधि से संबंधित न्‍यूनतम मानकों को पूरा करता है। इस परियोजना में बराबर के सहभागी के रूप में भारत ने हिस्‍सा लिया।

जहां तक भारत का संबंध है, केन्‍द्र सरकार आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 90 के अंतर्गत किसी भी देश या निर्दिष्‍ट भूभाग के साथ समझौता कर सकती है। इसके तहत केन्‍द्र सरकार आय पर दोहरे कराधान से बचने, करवंचना संबंधी सूचना के आदान-प्रदान या आयकर अधिनियम, 1961 के अंतर्गत कर योग्‍य आय के संबंध में समझौता कर सकती है।

 

*****

एकेटी/वीके/एजे/बीएम