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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
15-मई-2018 19:51 IST

पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) के लिए केन्द्र सरकार के स्तर पर एक समर्पित विशेषज्ञ समूह (थिंक टैंक) बनाने का समयः

क्षेत्र में जल एवं जलमार्ग शक्ति पर जोर देने की आवश्यकता, भविष्य के संपर्क के रूप में आर्थिक गलियारों, डिजिटल प्रौद्योगिकी की आवश्यकता, स्थानीय मांग एवं आवश्यकताओं के अनुरूप बुनियादी ढांचे की कमी पर विचार करना, जमीनी स्तर की अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं को प्रोत्साहित करना, क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखलाओं का सुदृढ़ीकरण एवं अन्य मुद्दों के अतिरिक्त स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा पर ध्यान केन्द्रित करनाः गुवाहाटी में वित्त मंत्रालय द्वारा आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के परिणाम

सुदूर एवं अल्प विकसित क्षेत्रों में विभिन्न नगरों एवं शहरी केन्द्रों को जोड़ने की जगह, आदर्श दृष्टिकोण क्षेत्रीय विकास के लिए इसे गलियारों की संरचना में विकसित करना होना चाहिए। अब समय आ गया है कि पूर्वोत्तर क्षेत्र (एनईआर) के लिए केन्द्र सरकार के स्तर पर एक समर्पित विशेषज्ञ समूह (थिंक टैंक) बनाया जाए। गुवाहाटी में वित्त मंत्रालय द्वारा क्षेत्रीय विकास के लिए भौतिक एवं सामाजिक बुनियादी ढांचा थीम पर आयोजित दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन के अंतिम दिन आज विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस) के महानिदेशक प्रोफेसर सचिन चतुर्वेदी ने ये उद्गार व्यक्त किए।

प्रोफेसर चतुर्वेदी ने दो दिनों के परामर्श के प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा करते हुए कहा कि दो दिवसीय सम्मेलन में कई महत्वपूर्ण अनुशंसाओं पर चर्चा की गई, जो पूर्वोत्तर क्षेत्र में भौतिक एवं सामाजिक बुनियादी ढांचे के लिए अनिवार्य है। पहला बिंदु क्षेत्र के चारों तरफ जमीन से घिरी होने की प्रवृति के कारण निम्न समेकन था। सरकार द्वारा हाल के प्रयासों के साथ अब एनईआर के भीतर एवं बांग्लादेश, नेपाल, म्यामार आदि जैसे पड़ोसी देशों के साथ संपर्क खुला है। क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, एक समयबद्ध तरीके से पांच मिशन मोड परियोजनाओं के द्वारा बागवानी, पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, बांस के उपयोग एवं पूर्वोत्तर में निर्मित वस्तुओं का भी विकास किया जाएगा।

प्रोफेसर चतुर्वेदी ने क्षेत्र में जल एवं जलमार्ग शक्ति, आर्थिक गलियारे में सुधार, भविष्य के संपर्क के रूप में डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्थानीय मांग एवं आवश्यकताओं के रूप में बुनियादी ढांचे की कमी को दूर करने, जमीनी स्तर की अनुसंधान एवं विकास सुविधाओं को प्रोत्साहित करने, क्षेत्रीय मूल्य श्रृंखलाओं के सुदृढ़ीकरण तथा स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा पर ध्यान केन्द्रित करने जैसे कई अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।

दो दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन का आयोजन एशियाई अवसंरचना विकास बैंक (एआईआईबी), विकासशील देशों के लिए अनुसंधान एवं सूचना प्रणाली (आरआईएस) एवं भारतीय वाणिज्य एवं उद्योग संघ (फिक्की) के सहयोग से भारत सरकार के वित्त मंत्रालय द्वारा किया गया था।

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वीके/एएम/एसकेजे/एमएस-8538