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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय
13-जुलाई-2018 19:40 IST

पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय ने ‘स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018’ का शुभारंभ किया

सभी जिलों में 1 अगस्‍त से 31 अगस्‍त तक एक स्‍वतंत्र सर्वेक्षण कराया जाएगा

पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय ने आज राजधानी में ‘स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण ग्रामीण 2018 (एसएसजी 2018)’ का शुभारंभ किया। सभी जिलों में 1 से 31 अगस्‍त, 2018 तक एक स्‍वतंत्र सर्वेक्षण एजेंसी द्वारा सर्वेक्षण किया जाएगा और इसके नतीजों की घोषणा मात्रात्‍मक एवं गुणात्‍मक स्‍वच्‍छता के पैमानों के आधार सभी जिलों और राज्‍यों की रैंकिंग के रूप में की जाएगी। इस मामले में श्रेष्‍ठ प्रदर्शन करने वाले राज्‍यों और जिलों को 2 अक्‍टूबर, 2018 को पुरस्‍कृत किए जाने की आशा है।

    इस अवसर पर पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय में सचिव श्री परमेश्‍वरन अय्यर ने कहा कि ‘एसएसजी 2018’ का उद्देश्‍य ‘एसबीएम-जी’ से जुड़े महत्‍वपूर्ण मात्रात्‍मक एवं गुणात्‍मक पैमानों पर प्रदर्शन के आधार पर राज्‍यों और जिलों की रैंकिंग करना है। उन्‍होंने कहा कि इस प्रक्रिया के तहत देशव्‍यापी संचार अभियान के जरिए ग्रामीण समुदायों को अपने आसपास के क्षेत्रों में स्‍वच्‍छता एवं साफ-सफाई में बेहतरी लाने के कार्य से जोड़ा जाएगा।

     श्री अय्यर ने सर्वेक्षण के स्‍वरूप एवं प्रक्रिया को भी रेखांकित किया। स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण ग्रामीण के हिस्‍से के रूप में देश भर के 698 जिलों के 6980 गांवों को कवर किया जाएगा। सर्वेक्षण के लिए इन गांवों के कुल 34,000 सार्वजनिक स्‍थानों जैसे कि स्‍कूलों, आंगनबाड़ी केन्‍द्रों, सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्रों, हार्ट/बाजार/धार्मिक स्‍थानों का मुआयना किया जाएगा। सीधी बातचीत के साथ-साथ ऑनलाइन फीडबैक के जरिए स्‍वच्‍छ भारत मिशन (एसबीएम) से जुड़े मुद्दों पर 50 लाख से भी अधिक नागरिकों से उनके फीडबैक को इकट्ठा किया जाएगा।

   इस प्रक्रिया के दौरान 65 प्रतिशत भारांक (वेटेज) इस सर्वेक्षण के निष्‍कर्षों एवं नतीजों को दिया गया है, जबकि 35 प्रतिशत भारांक सेवा क्षेत्र से जुड़े उन पैमानों को दिया गया है, जिन्‍हें पेयजल एवं स्‍वच्‍छता मंत्रालय के आईएमआईएस से प्राप्‍त किया जाएगा। स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण ग्रामीण के विभिन्‍न अवयवों को भारांक निम्‍नलिखित रूप से होगा :

  • सार्वजनिक स्‍थानों में स्‍वच्‍छता का प्रत्‍यक्ष अवलोकन : 30 प्रतिशत
  • स्‍वच्‍छता के पैमानों पर ना‍गरिकों से प्राप्‍त फीडबैक : 35 प्रतिशत
  • एसबीएमजी-एमआईएस के अनुसार देश में स्‍वच्‍छता में सुधार पर सेवा स्‍तरीय प्रगति : 33 प्रतिशत

इस अवसर पर एक श्रव्‍य-दृश्‍य संचार अभियान का भी शुभारंभ किया गया, जिससे स्‍वच्‍छ भारत के एम्‍बेसडरों सहित कई जानी-मानी हस्तियां जुड़ी हुई हैं। इन हस्तियों में श्री अमिताभ बच्‍चन और श्री सचिन तेंदुलकर भी शामिल हैं। इसके अलावा, एसएसजी 2018 के लोगो और एसएसजी 2018 की विवरणिका भी जारी की गई, जिसमें इस पहल से जुड़े आवश्‍यक तथ्‍यों का उल्‍लेख किया गया है।

    स्‍वच्‍छ सर्वेक्षण ग्रामीण के शुभारंभ के अवसर पर मीडिया के प्रश्‍नों का जवाब देते हुए श्री अय्यर ने ग्रामीण भारत में एसबीएम (जी) की दिशा में हुई प्रगति से जुड़े आंकड़ों को साझा किया। अक्‍टूबर 2014 में अपने शुभारंभ के बाद से लेकर अब तक स्‍वच्‍छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत ग्रामीण भारत में 7.7 करोड़ से भी अधिक शौचालयों का निर्माण किया गया है। सभी राज्‍यों/केन्‍द्र शासित प्रदेशों में वर्ष 2017-18 में किसी अन्‍य पक्ष (थर्ड-पार्टी) द्वारा कराए गए एक स्‍वतंत्र सर्वेक्षण से इनके उपयोग का आंकड़ा 93 प्रतिशत दर्ज किया गया है। लगभग 4 लाख गांवों, 400 से भी अधिक जिलों और 19 राज्‍यों तथा केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने खुद को खुले में शौच मुक्‍त घोषित किया है।       

 

 

 

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वीके/एएम/आरआरएस/वाईबी-9436