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भारत सरकार
अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय
14-दिसंबर-2018 10:24 IST

वर्षांत समीक्षा 2018: अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय ने अल्‍पसंख्‍यकों के कल्‍याण के लिए अनेक पहलें कीं

अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय ने देश में अल्‍पसंख्‍यकों के कल्‍याण के लिए वर्ष 2018 के दौरान अनेक पहलें की हैं। अन्‍य पहलों के अलावा, इसमें कौशल विकास, शिक्षा, हज, वक्‍फ, दरगाह अजमेर, प्रधानमंत्री जनविकास कार्यक्रम (पूर्ववर्ती बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम), धर्मनिरपेक्षता एवं सशक्तिकरण, महात्‍मा गांधी के उपदेशों पर आधारित स्‍वच्‍छता एवं मुशायरा आदि शामिल हैं।

1-      कौशल विकास

अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय ने देश में कई हुनर हाट आयोजित किए, जिनमें बाबा खड़गसिंह मार्ग, नई दिल्‍ली (11 फरवरी, 2018 से), ईलाहाबाद (सितंबर, 2018), प्रगति मैदान, नई दिल्‍ली (2016, 2017, 2018), पुडुचेरी (2017, 2018) और मुंबई (2017) शामिल हैं। अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय द्वारा आयोजित हुनर हाट का मूल विषय था- सम्‍मान के साथ विकास। अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय की ओर से नई दिल्‍ली में 10-18 फरवरी, 2018 को हुनर हाट आयोजित किए गए थे। देशभर के सिद्धहस्‍त कारीगरों को घरेलु और अंतरराष्‍ट्रीय अनुभव प्रदान करना इसका लक्ष था। ये हुनर हाट प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की मेक इन इंडिया’,’स्‍टैंडअप इंडिया और स्‍टार्टअप इंडिया के लिए प्रतिबद्धता का एक विश्‍वसनीय माध्‍यम बन गए हैं।

आने वाले दिनों में मुंबई (दिसंबर, 2018), बाबा खड़गसिंह मार्ग, नई दिल्‍ली (जनवरी, 2019) और गोवा (फरवरी, 2019) में हुनर हाट आयोजित किए जा रहे हैं। हुनर हाट के माध्‍यम से पिछले एक वर्ष के दौरान 1 लाख 50 हजार से अधिक कारीगरों और इससे जुड़े लोगों को रोजगार और रोजगार के अवसर प्रदान किए गए हैं।

शिक्षा  

 मंत्रालय ने पूर्वोत्‍तर राज्‍यों सहित पूरे देश में अल्‍पसंख्‍यक समुदाय से संबंधित उम्‍मीदवारों और छात्रों के लिए मुफ्त कोचिंग एवं संबद्ध योजना की शुरुआत की है। इसके तहत सार्वजनिक‍ उद्यमों, बैंकों, बीमा कंपनियों आदि सहित केंद्र और राज्‍य सरकारों के अधीन ग्रुप ए, ग्रुप बी और ग्रुप सी सेवाओं और समकक्ष पदों की भर्ती के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं और तकनीकी  तथा व्‍यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अर्हक परीक्षाओं की तैयारी के लिए चयनित अथवा पैनलबद्ध कोचिंग संस्‍थानों अथवा संगठनों के माध्‍यम से छह अधिसूचित अल्‍पसंख्‍यक समुदायों से संबंधित छात्रों को नि:शुल्‍क कोचिंग सुविधा दी जाती है। मंत्रालय ने अंजुमन-ए-इस्‍लाम बालिका उच्‍च विद्यालय, बांद्रा, मुंबई में तालीम-ओ-तरबियत आयोजित किया है।

मंत्रालय ने राजस्‍थान के अलवर जिले में अल्‍पसंख्‍यक बहुल चंदौली गांव में डिजिटल साक्षरता के लिए साइबर ग्राम नामक शीर्ष परियोजना शुरू की है। मंत्रालय ने एक विशेष पहल के रूप में वर्ष 2014-15 में बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के साथ साइबर ग्राम परियोजना को जोड़ दिया है।

अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय अल्‍पसंख्‍यक छात्रों को उच्‍चतर अनुसंधान और राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थानों में शामिल करने के लिए अनेक योजनाएं लागू कर रहा है। हालांकि, उच्‍चतर अनुसंधान के क्षेत्रों और राष्‍ट्रीय महत्‍व के संस्‍थानों में अल्‍पसंख्‍यक युवाओं के प्रवेश को आसान बनाने के लिए कोई विशेष कौशल योजना उपलब्‍ध नहीं है।

समुचित प्राधिकरण द्वारा मान्‍यताप्राप्‍त संस्‍थानों में स्‍नातकेतर और स्‍नातकोत्‍तर स्‍तरों पर व्‍यावसायिक और तकनीकी पाठ्यक्रम में शामिल होने के लिए मेधाविता-सह-संसाधन छात्रवृत्ति योजना लागू की गई है। इस मंत्रालय की वेबसाइट (www.minorityaffairs.gov.in) पर इन योजनाओं/ मार्गनिर्देशों और उपलब्धियों से संबंधित विवरण उपलब्‍ध हैं।

मंत्रालय ने 27 मार्च, 2018 को मदरसा शिक्षकों को मुख्‍यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के लिए एक प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है।

मंत्रालय ने जामिया मिलिया इस्‍लामिया विश्‍वविद्यालय के सहयोग से 40 मदरसा शिक्षकों के लिए आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद प्रमाण पत्र वितरित किए जाते हैं।

मंत्रालय ने बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले और मदरसा में अपनी पढ़ाई करने वाले छात्रों के लिए अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय और जामिया मीलिया इस्‍लामिया द्वारा संयुक्‍त रूप से संचालित सेतु पाठ्यक्रम में सफलता पाने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र वितरित किए। अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय ने मदरसा छात्रों और बीच में पढ़ाई छोड़ने वाले छात्रों को शिक्षा की मुख्‍य धारा में लाने के लिए जामिया मीलिया इस्‍लामिया विश्‍वविद्यालय के सहयोग से सेतु पाठ्यक्रम शुरू किया था।

मंत्रालय ने 13 सितंबर, 2018 को नई दिल्‍ली में देश का सबसे पहला नेशनल स्‍कॉलरशिप पोर्टल मोबाइल एपशुरू किया। यह पोर्टल गरीब और कमजोर हिस्‍से के छात्रों के लिए आसान, पहुंचयोग्‍य और निर्बाद छात्रवृत्ति प्रणाली सुनिश्चित करेगा।

केंद्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्यमंत्री श्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने 1 अक्‍टूबर, 2018 को राजस्‍थान में अलवर जिले के कोहरापीपली गांव में सबसे पहले विश्‍वस्‍तरीय शैक्षिक संस्‍थान की आधारशिला रखी। इसे भारत सरकार के अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय की सहायता से स्‍थापित किया जा रहा है। अलवर में स्‍थापित होने वाला यह सबसे पहला विश्‍वस्‍तरीय शैक्षिक संस्‍थान अल्‍पसंख्‍यकों सहित गरीबों और कमजोर बर्गों के लिए किफायती, पहुंच योग्‍य एवं गुणवत्‍तापूर्ण शिक्षा की दिशा में एक मील का पत्‍थर साबित होगा।

इस शैक्षिक संस्‍थान में वर्ष 2020 में काम शुरू हो जाएगा। इस संस्‍थान के लिए राजस्‍थान सरकार ने कोहरापीपली गांव में 15 एकड़ भूमि दी है। यहां एक विश्‍वस्‍तरीय कौशल विकास केंद्र, प्राथमिक से उच्‍चतर अध्‍ययन के लिए शैक्षिक सुविधाएं, आयुर्वेद और यूनानी विज्ञान के साथ-साथ खेल सुविधाएं भी स्‍थापित की जाएंगी।

2-  हज

सऊदी अरब ने हज यात्रियों को समुद्री मार्ग से भेजने का विकल्‍प फिर से शुरू करने से संबंधित भारत सरकार के निर्णय के लिए हरी झंडी दे दी है। इसके लिए दोनों देशों के अधिकारी आवश्‍यक औपचारिकताओं के बारे में विचार-विमर्श करेंगे। इसके बाद आगामी वर्षों में समुद्री मार्ग से हज यात्रा शुरू की जा सकती है। भारत और सऊदी अरब के बीच मक्‍का में द्विपक्षीय वार्षिक हज 2018 समझौते पर हस्‍ताक्षर के दौरान इसके बारे में एक निर्णय लिया गया था। समुद्री जहाजों से हज यात्रियों को भेजने से यात्रा व्‍यय में भी काफी कमी होगी। मुंबई और जेद्दा के बीच समुद्री मार्ग से हज यात्रा की परंपरा को वर्ष 1995 में रोक दिया गया था।

इस बार हज 2018 को शत-प्रतिशत डिजिटल/ऑनलाइन किया गया है। पहली बार भारत की लगभग 1300 मुस्लिम महिलाएं मेहराम (पुरुष साथी) के बिना हज के लिए गईं। सऊदी अरब में इन महिला हज यात्रियों के लिए अलग से आवास और परिवहन का प्रबंध किया गया था। पहली बार 100 से अधिक महिला हज सहायकों को सऊदी अरब में महिला हज यात्रियों की सहायता के लिए तैनात किया गया था।

लगतार दूसरे वर्ष भारत का हज कोटा बढ़ाया गया है और स्‍वतंत्रता के बाद पहली बार भारत से एक लाख 75 हजार 25 की अभूतपूर्व संख्‍या में हज या‍त्री हज पर गये, वह भी हज सब्सिडी के बिना।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व में सरकार ने लगातार दूसरे वर्ष भी भारत का हज कोटा बढ़ाने में सफलता पाई है।

भारत सरकार द्वारा दी जा रही हज सब्सिडी की धनराशि का पता नागर विमानन मंत्रालय के बजट से चलता है, जो भारतीय हज समिति द्वारा चयनित हज यात्रियों के लिए विमान यात्रा का प्रबंध करने वाला शीर्ष मंत्रालय है।

अल्‍पसंख्‍यकों के लिए कल्‍याण योजनाएं अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालय द्वारा इस मंत्रालय के लिए आवंटित धनराशि से कार्यान्वित की जाती हैं। वर्ष 2018-19 के लिए अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्रालयके लिए 505 करोड़ रुपये की अतिरिक्‍त धनराशि दी गई है। अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए अतिरिक्‍त धनराशि उपलब्‍ध कराने का निर्णय लिया गया है। स्‍वतंत्रता के बाद पहली बार इस वर्ष हज यात्रा पर अपने देश से अभूतपूर्व संख्‍या में हज यात्री गए और वह भी किसी सब्सिडी के बिना।

हज यात्रा 2018 के लिए केंद्र सरकार की ओर से एयरलाइनों के लिए जारी सख्‍त निर्देशों के कारण यात्रा किराए में अनावश्‍यक वृद्धि पर रोक लगी।

हज सब्सिडी समाप्‍त होने के बाद भी, भारतीय हज समिति के माध्‍यम से हज यात्रा पर जाने वाले लोगों को इस वर्ष एयरलाइनों के लिए 57 करोड़ रुपये कम देने पड़े।

केंद्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्री श्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने 14 जुलाई, 2018 को सुबह में देश की सुरक्षा और समृद्धि की प्रार्थनाओं के साथ नई दिल्‍ली हवाई अड्डे से हज यात्रियों के पहले बैच को झंडी दिखाकर रवाना किया था।

स्‍वतंत्रता के बाद ऐसा पहली बार हुआ कि भारत में मौजूदा वर्ष की हज प्रक्रिया पूरी होने के तत्‍काल बाद अगले वर्ष की हज यात्रा के लिए तैयारी शुरू कर दी गई है। केंद्रीय अल्‍पसंख्‍यक कार्य मंत्री श्री नकवी ने 3 अक्‍टूबर, 2018 को हज 2019 के लिए तैयारी बैठक की समीक्षा की है।

4   वक्फ

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने उन मुतवल्लियों को पुरस्कृत करने का फैसला किया है, जो वक्फ सम्पत्तियों का ऐसा प्रबंधन करेंगे जिससे समाज की उन्नति हो और खासतौर से लड़कियों को शैक्षिक रूप से अधिकार सम्पन्न बनाया जा सके। केंद्रीय वक्फ परिषद दस्तावेजों के डिजिटलीकरण के लिए राज्य वक्फ बोर्डों को वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है, ताकि राज्य वक्फ बोर्ड निर्धारित समय के अन्दर अपना कार्य पूरा कर ले।

केंद्र सरकार ने 2009 में एक योजना शुरू की थी, जिसका नाम राज्य वक्फ बोर्डों के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण है। इसका उद्देश्य दस्तावेजों को दुरुस्त करना है, ताकि पारदर्शिता आए तथा राज्य/ केंद्र शासित प्रदेशों के वक्फ बोर्डों की सम्पत्तियों के दस्तावेजों का कम्प्यूटरीकरण और डिजिटलीकरण हो सके। इस योजना में संशोधन करके इसे एक नया नाम कौमी वक्फ बोर्ड तरक्कियाती स्कीम दिया गया है। प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम के तहत अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय स्कूल, कॉलेज, आईटीआई, कौशल विकास केंद्र, बहु-उद्देश्यीय सामुदायिक केंद्र, सदभाव मंडल, हुनर हब, अस्पताल, व्यापारिक केंद्र, पूरे देश में वक्फ सम्पत्तियों पर बनाएगा। यह भारत की आजादी के बाद पहली बार किया जा रहा है।

वक्फ अधिनियम, 1995 की धारा 32 के प्रावधानों के संशोधन के अनुसार राज्य के सभी वक्फों का सामान्य निरीक्षण राज्य वक्फ बोर्ड को सौंप दिया गया है। वक्फ बोर्डों को यह अधिकार दिया गया है कि वे वक्फ सम्पत्ति की देखभाल करें और इन सम्पत्तियों पर होने वाले अतिक्रमण तथा गैर-कानूनी कब्जे के खिलाफ कानूनी कार्यवाही करें। केंद्रीय वक्फ परिषद ने फैसला किया है कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए उन्हें प्रशिक्षण दिया जाए। इसमें सिलाई एवं बुनाई, खाद्य प्रसंस्करण, कढ़ाई और कपड़े पर छपाई शामिल हैं। इसके लिए प्रस्ताव आमंत्रित किये गए हैं। केंद्रीय वक्फ परिषद ने मुस्लिम छात्रों की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में कोचिंग के लिए वित्तीय सहायता देने का फैसला किया है। यह कोचिंग सिविल सेवाओं के लिए 50 छात्रों को जामिया मिलिया इस्लामिया में दी जाएगी। इसी तरह अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में 100 छात्रों को कोचिंग दी जाएगी, जिसमें 50 छात्रों को सिविल सेवाओं और अन्य 50 छात्रों को एसएससी-सीजीएल/बैंक पीओ परीक्षाओं के लिए कोचिंग दी जाएगी।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय नई रोशनी नामक एक नई योजना चला रहा है। यह योजना अल्पसंख्यक महिलाओं के नेतृत्व विकास के लिए है। उसका उद्देश्य ज्ञान, सरकारी प्रणालियों, बैंकों और हर स्तर के माध्यमों के संबंध में तकनीकी जानकारी देकर महिलाओं को अधिकार सम्पन्न बनाना है।

मौलाना आजाद शिक्षा फाउंडेशन अल्पसंख्यक बालिकाओं के लिए बेगम हजरत महल राष्ट्रीय छात्रवृत्ति को क्रियान्वित कर रहा है। इस योजना के तहत छात्राओं को 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षाओं के लिए छात्रवृत्ति दी जाती है। पात्र छात्राएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। इस योजना का विवरण वेबसाइट www.maef.nic.in पर उपलब्ध है। मंत्रालय की अन्य योजनाओं की जानकारी उसकी वेबसाइट www.minorityaffairs.gov.in पर उपलब्ध है।

5  अजमेर दरगाह

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की तरफ से 19 मार्च, 2018 को अजमेर शरीफ में सूफी संत हजरत ख्वाजा मुइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर चादर चढ़ाई थी।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती के 806 वें वार्षिक उर्स के मौके पर भारत और विदेश में उनके अनुयायियों  को बधाई और शुभकामना दी थी। प्रधानमंत्री ने कहा था, इन महान संत के वार्षिक उत्सव पर मैं दरगाह अजमेर शरीफ पर चादर और खिराजे-अकीदत पेश कर रहा हूं। मैं हमारी संस्कृति के लिए सौहार्दपूर्ण सह-अस्तित्व की कामना करता हूं। वार्षिक उर्स के अवसर पर मैं ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती के भारत और विदेश के अनुयायियों को शुभकामनाएं देता हूं। प्रधानमंत्री द्वारा भेजी जाने वाली चादर का समाज के सभी वर्गों ने हार्दिक स्वागत किया है। नकवी ने दरगाह के निकट विश्रामस्थली में अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय द्वारा निर्मित 100 शौचालयों के परिसर का उद्घाटन भी किया। दरगाह आने वाले जायरीन को इस सुविधा से बहुत लाभ होगा। श्री नकवी ने अधिकारियों के साथ अजमेर दरगाह से संबंधित चलने वाले विभिन्न विकास कार्यों का भी जायया लिया।

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि सूफी दर्शन शांति और समरसता का संदेश देता है। नई दिल्ली में 17 जुलाई, 2018 को दरगाह ख्वाजा साहिब अजमेर का आधिकारिक वेब पार्टल जारी करते हुए श्री नकवी ने कहा कि मौजूदा सरकार समाज के हर वर्ग के समावेशी विकास के लिए प्रयास कर रही है। इस वेब पोर्टल को https://gharibnawaz.minorityaffairs.gov.in पर देखा जा सकता है।

 

6-प्रधानमंत्री जन विकास योजना (पूर्ववर्ती बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम)

प्रधानमंत्री जन विकास योजना (पूर्ववर्ती बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम) अल्पसंख्यकों और समाज के अन्य वर्गों की सामाजिक, आर्थिक-शैक्षिक सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हुई है। स्वतंत्रता के बाद पहली बार देश के 308 जिलों में, विशेष रूप से अल्पसंख्यक वर्ग की लड़कियों को शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने के लिए युद्ध स्तर पर मूल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए यह अभियान शुरू किया गया था। अल्पसंख्यक वर्ग की लड़कियों को शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने और उनके रोजगार जनित कौशल विकास को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार देश के पिछड़े और उपेक्षित क्षेत्रों में प्रधानमंत्री जन विकास योजना के अंतर्गत स्कूल, कॉलेज, पॉलिटेक्निक, लड़कियों के छात्रावास, आईटीआई और कौशल विकास आदि उपलब्ध करा रही है।

पिछले चार वर्षों के दौरान इस योजना के तहत 16 डिग्री कॉलेज,1992 स्कूल भवन, 37123 अतिरिक्त क्लास रूम, 1147 हॉस्टल, 173 आईटीआई, 48 पॉलिटेक्निक, 38753 आंगनवाड़ी केंद्र, 348624 घऱ, 323 सदभावना मंडप, 73 आवासीय स्कूल, 494 मार्केट शेड, 17397 पेयजल सुविधाओं का मोदी सरकार द्वारा अल्पसंख्यक क्षेत्रों में निर्माण कराया गया है।

7. धर्म निरपेक्षता और सशक्तिकरण

धर्म निरपेक्षता सामाजिक सद्भाव और सहनशीलता पूरे विश्व की तुलना में भारत के डीएनए में है। भारत में अल्पसंख्यकों के संवैधानिक, सामाजिक, धार्मिक अधिकार अधिक सुरक्षित हैं। सरकार ने देश में अल्पसंख्यक समुदाय की लड़कियों को सशक्त बनाने के लिए मूल शैक्षिक सुविधाएं सुनिश्चित कराने के लिए एक व्यापक अभियान चलाया है केंद्र सरकार द्वारा उठाए गये कदमों का उद्देश्य अल्पसंख्यक वर्ग को विकास की मुख्य धारा में शामिल करना है। सरकार ने सीखो और कमाओं, उस्ताद, गरीब नवाज, कौशल विकास योजना,नई मंजिल,नई रोशनी,बेगम हजरत महल बालिका छात्रवृत्ति योजनाएं शुरू की हैं जिनसे विशेष रूप से इस वर्ग की लड़कियां सशक्त हो रही हैं।

मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए योजनाओं को त्वरित और पारदर्शी रूप में लागू करने पर जोर दिया है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक विकास और वित्त निगम ने 17 जुलाई, 2018 को  नई दिल्ली में वित्तीय प्रबंधन पर एक कार्यशाला का आयोजन किया था। अल्पसंख्यक मंत्रालय ने एनसीएम अधिनियम 1992 की धारा 2(सी) के तहत अधिसूचित अल्पसंख्यक समुदायों के लिए अनेक योजनाएं/कार्यक्रम लागू किये है। इनमें से कुछ इस प्रकार है -

1.      प्रधानमंत्री जन विकास कार्यक्रम (बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम का पुनर्गठन) -बुनियादी-ढांचा विकास के लिए।

2.      प्री और पोस्ट मैट्रिक स्कोलरशिप योजना-शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए।

3.      मौलाना आजाद नेशनल फैलोशिप-अनुसंधान फैलो सशक्तिकरण के लिए।

4.      पढ़ो प्रदेश-विदेशों में पढ़ाई के लिए शैक्षिक ऋण के ब्याज में छूट देने की योजना।

5.      नई उड़ान-यूपीएससी, एसएससी, राज्य लोक सेवा आयोगों द्वारा आयोजित प्राथमिक परीक्षाएं पास करने में मदद।

6.      जीओ पारसी- पारसी समुदाय की घटती जनसंख्या को रोकने की योजना।

7.      सीखो और कमाओ- अल्पसंख्यक महिलाओं के नेतृत्व विकास की योजना।

8.      नई मंजिल- स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की स्कूली शिक्षा और कौशल की योजना।

9.      हमारी धरोहर- भारतीय संस्कृति की समग्र अवधारणा के तहत इन समुदायों की समृद्ध विरासत के संरक्षण की योजना।

10.  गरीब नवाज कौशल विकास केंद्रीय योजना आदि।

 

स्वच्छता

मंत्रालय ने स्वच्छता की जरूरत पर जोर देते हुए। 15 सितंबर 2018 को मौलाना आजाद शैक्षिक प्रतिष्ठान नई दिल्ली में स्वच्छता ही सेवा कार्यक्रम का आयोजन किया अल्पसंख्यक मामलों  के मंत्री श्री मुख्तार अब्बास नकवी ने फिल्म स्टार अन्नू कपूर, गायक साबरी ब्रदर्स और अऩ्य गणमान्य व्यक्तियों के साथ श्रमदान गतिविधियों में भाग लिया।

 

मुशायरा  

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने महात्मा गांधी की शिक्षाओं और सिद्धांतों के विषयों पर आधारित एक मुशायरे का 6 अक्टूबर 2018 का आयोजन किया। यह कार्यक्रम राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 150 वीं जंयती मनाने के लिए केंद्र सरकार के निर्णय के एक हिस्से के रूप में आयोजित किया गया।  इस मुशायरे का उद्घाटन महाराष्ट्र के राज्यपाल श्री सी विद्या सागर ने किया। यह मुशायरा रंगशारदा ऑडिटोरियम बांद्रा वेस्ट, मुंबई में आयोजित किया गया इसमें अनेक प्रसिद्ध उर्दू कवियों  और कवयित्रियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से शांति, मानवता और एकता को मजबूत बनाने का संदेश दिया। बड़ी संख्या में मौजूद  राजनीतिक, सामाजिक और अन्य क्षेत्रों के लोग, बौद्धिकजनों और युवाओं ने कवियों को प्रोत्साहित किया। ऐसे ही मुशायरे निकट भविष्य में लखनऊ, चड़ीगढ, अहमदाबाद, बेंगलूरू और अऩ्य शहरों में आयोजित किये जायेंगे।

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आर.के.मीणा/अर्चना/एसकेएस/एकेपी/आईपीएस/एनआर/सीएस/पीबी-