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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
05-जनवरी-2019 18:23 IST

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण पेट्रोलियम खुदरा दुकानों के माध्यम से फास्टटेग्स को जारी करने के लिए तेल विपणन कंपनियों के साथ मिलकर कार्य करेगा

फास्टटेग्स की आसान उपलब्धता को सुनिश्चित करने के लिए, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा प्रवर्तित कंपनी भारतीय राजमार्ग प्रबंधन कंपनी लिमिटेड (आईएचएमसीएल) 7 जनवरी 2019 को राज्य सरकार द्वारा संचालित तेल विपणन कंपनियों (आईओसीएल,बीपीसी और एचपीसी) के साथ एक समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर कर रही है। इस समझौते से भारत भर के पेट्रोलियम विक्रय केन्द्रों पर फास्टटेग्स की उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा सकेगा। पहले चरण में, यह टैग दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के  50 तेल स्टेशनों पर उपलब्ध होंगे, इसके बाद इन्हें सम्पूर्ण भारत के विक्रय केन्द्रों में विस्तारित किया जाएगा।

आईएचएमसीएल को देश में राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह कार्यक्रम (एनईटीसी) को लागू करने के लिए अधिकृत किया गया है। कंपनी ने अप्रैल 2016 में "फास्टैग" ब्रांड के तहत इस कार्यक्रम का शुभांरभ किया था। इस कार्यक्रम ने पिछले वर्षों में शानदार सफलता हासिल की और अब यह राष्ट्रीय राजमार्गों और चयनित 450 से अधिक टोल प्लाजाओं पर संचालन में हैं।

वर्तमान एनईटीसी कार्यक्रम में, फास्टटेग्स को प्रमाणित बैंकों द्वारा कुछ सीमित माध्यमों जैसे एनएच टोल प्लाजा पर प्वाइंट-ऑफ-सेल, ऑनलाइन और चयनित बैंक शाखाओं के माध्यम से  जारी किया जा रहा हैं। सरकार के हाल के उपायों जैसे भारत के सभी टोल प्लाज़ाओँ में प्रस्तावित फास्टटेग्स-जीएसटी एकीकरण और फास्टटेग्स स्वीकृति जैसे विपणन माध्यमों को बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता है। ये समझौता ज्ञापन विकसित बाजार की उम्मीदों को पूरा करने में आईएचएमसीएल की सहायता करेगा।

आईएचएमसीएल अपनी रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए, दो मोबाइल एप्लिकेशनों- माई फास्टटेग और आईएचएमसीएलपीओएस का शुभांरभ करने की भी योजना बना रहा है। यह ऐप ग्राहकों को न सिर्फ फास्टटेग को अपने पसंदीदा बैंक खाते के साथ जोड़ने में सक्षम बनाएगा बलिक यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से फास्टटेग को रिचार्ज भी करेगा। आईएचएमसीएल वन नेशन-वन टैग की दृष्टि से विभिन्न राज्य प्राधिकारियों/एसपीवी के साथ समन्वय करके यह सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है कि फास्टटेग देश भर के प्लाज़ाओँ में पसंदीदा डिजिटल भुगतान का साधन बन जाए। महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और हैदराबाद स्थित छब्बीस टोल प्लाजाओँ को इस योजना के तहत पहले ही शामिल किया जा चुका हैं, जबकि अन्य राज्य सरकारों/एजेंसियों के साथ डिजिटल इंडिया प्लेटफॉर्म पर चल रही कैशलेस अर्थव्यवस्था को प्राप्त करने में सहायता करने के लिए विचार विमर्श चल रहा है।

ये उपाय भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रियों को एक सुरक्षित, सुचारू और निर्बाध यात्रा प्रदान करने की अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने में मदद करेंगे। फास्टटेग्स कार्यक्रम के विस्तार से प्लाज़ा में निर्बाध टोल-शुल्क भुगतान सुविधा के साथ साथ धन और ईंधन की बचत होगी। ऑनलाइन भुगतान से टोल लेन-देन की पारदर्शिता में सुधार होगा, राजस्व के नुकसान में कमी आयेगी और समग्र दक्षता और वाणिज्यिक प्रतिस्पर्धा में सुधार होगा।  

 

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आर.के.मीणा/एएम/संजीव/एनके-54