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भारत सरकार
प्रधानमंत्री कार्यालय
13-जनवरी-2019 15:55 IST

प्रधानमंत्री ने गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती पर 350 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया  

कहा कि,  गुरु गोबिंद सिंह जी के उपदेश मानवता की राह दिखाते हैं     

प्रधानमंत्री ने लोहड़ी पर देश को बधाई दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने गुरु गोबिंद सिंह जी के जयंती समारोहों के अवसर पर आज राष्ट्रीय राजधानी में 350 रुपये का एक स्मारक सिक्का जारी किया। उन्होंने गुरु गोबिंद सिंह जी के उदात्त आदर्शों और मूल्यों- मानवता, भक्ति, वीरता और बलिदान की निस्वार्थ सेवा की सराहना की और लोगों से उनके द्वारा बताये मार्ग पर चलने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री गुरु गोबिंद सिंह जी की जयंती मनाने के लिए स्मारक सिक्का जारी करने के बाद अपने निवास, 7 लोक कल्याण मार्ग पर एक चुनिंदा सभा को संबोधित कर रहे थे। श्री मोदी ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह जी एक महान योद्धा, दार्शनिक, कवि और गुरु थे। उन्होंने उत्पीड़न और अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। लोगों को उनके दिये गये उपदेश धर्म और जाति की बाधाओं को तोड़ने पर केंद्रित थे। प्रेम, शांति और बलिदान का उनका संदेश आज भी समान रूप से प्रासंगिक है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी, उनके मूल्य और उपदेश आने वाले वर्षों में मानव जाति के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि यह स्मारक सिक्का हमारी ओर से उनके प्रति सम्मान और श्रद्धा प्रदर्शित करने का एक छोटा सा प्रयास है। उन्होंने लोगों से गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज द्वारा बताये गए 11 सूत्रीय मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर देशवासियों को लोहड़ी की शुभकामनाएं दीं।

इससे पूर्व, प्रधानमंत्री ने देश के लोगों से 30 दिसंबर, 2018 के उनके मासिक रेडियो कार्यक्रम, मन की बात की तर्ज पर गुरू गोबिंद सिंह जी द्वारा दिखाये गये देश भक्ति और बलिदान के मार्ग पर चलने का आग्रह किया। उन्होंने 5 जनवरी, 2017 को पटना में गुरु गोविंद सिंह के 350 वीं जयंती समारोहों में भाग लिया और इस अवसर को चिह्नित करने के लिए एक स्मारक डाक टिकट जारी किया। श्री मोदी ने 15 अगस्त, 2016 को लाल किले की प्राचीर से स्वतंत्रता दिवस संबोधन में और फिर 18 अक्टूबर 2016 को लुधियाना में राष्ट्रीय एमएसएमई पुरस्कार समारोह में गुरु गोबिंद सिंह जी के आदर्शों और मूल्यों को मानवता के मूल के रूप में स्मरण किया।

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आर.के.मीणा/अर्चना/एसकेजे/एनके -168