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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
11-जून-2019 15:17 IST

नया जीएसटी रिटर्न अपनाने के लिए परिवर्तन योजना

जीएसटी परिषद ने 31वीं बैठक में करदाताओं को सुविधा प्रदान करने के लिए एक नयी जीएसटी रिटर्न प्रणाली को लागू करने का निर्णय लिया। नयी रिटर्न प्रणाली को अपनाने में आसानी के लिए एक परिवर्तन योजना तैयार की गई है। इस योजना के ब्‍यौरे निम्‍न हैं –

 

  1. मई 2019 में एक ऑफलाइन टूल के प्राथमिक संस्‍करण को पोर्टल पर साझा किया गया था, ताकि उपयोगकर्ता इसे देख और समझ सकें। यह ऑफलाइन टूल पोर्टल पर दिए गए ऑनलाइन टूल के समान ही है। करदाता जानते हैं कि इस नई प्रणाली के तीन प्रमुख घटक हैं- पहला, मुख्‍य रिटर्न (फॉर्म जीएसटी आरईटी-1) और दूसरा दो अनुलग्‍नक (फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-1 तथा फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-2)
  2. जुलाई 2019 से उपयोगकर्ता फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-1 ऑफलाइन-2 की मदद से इन्‍वाइस अपलोड कर सकेंगे। उपयोगकर्ता फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-2 ऑफलाइन टूल की मदद से इनवार्ड सप्‍लाई इन्‍वाइस को देख सकेंगे तथा डाउनलोड कर सकेंगे। पोर्टल पर इनवार्ड सप्‍लाई इन्‍वाइस का संक्षिप्‍त रूप भी उपलब्‍ध होगा। अगस्‍त 2019 से वे ऑफलाइन टूल में खरीद रजिस्‍टर को इम्‍पोर्ट कर सकेंगे और डाउनलोड किए गए इनवार्ड सप्‍लाई इन्‍वाइस से मिलान कर सकेंगे, ताकि त्रुटियों का पता लगाया जा सके।
  3. जुलाई से सितम्‍बर 2019 के दौरान करदाताओं को अभ्‍यास के लिए नई रिटर्न प्रणाली (केवल अनुलग्‍नक 1 और 2) उपलब्‍ध होगी। इस दौरान करदाता फॉर्म जीएसटीआर-1 और फॉर्म जीएसटीआर-3बी फाइल कर सकेंगे। आउटवार्ड सप्‍लाई ब्‍यौरा फॉर्म जीएसटीआर-1 में महीना/तिमही आधार पर तथा फॉर्म जीएसटीआर-3बी में रिटर्न महीने के आधार पर दाखिल किया जा सकेगा। इन रिटर्न को नहीं दाखिल करना जीएसटी अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय होगा।
  4. अक्‍टूबर 2019 और इसके बाद फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-1 को अनिवार्य बनाया जाएगा तथा फॉर्म जीएसटीआर-1 के स्‍थान पर फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-1 का उपयोग किया जाएगा। बड़े करदाता (जिनका सालाना टर्नओवर पांच करोड़ रुपये से अधिक है) अक्‍टूबर 2019 से प्रति महीने फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-1 अपलोड कर सकेंगे। छोटे करदाताओं (जिनका सालाना टर्नओवर पांच करोड़ रुपये तक है) के लिए पहला अनिवार्य तिमाही फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-1 (अक्‍टूबर-दिसंबर 2019 तिमाही के लिए) को जनवरी 2020 तक दाखिल किया जा सकेगा। अक्‍टूबर 2019 से बड़े और छोटे दोनों ही प्रकार के करदाता फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-1 में इन्‍वाइस आदि को अपलोड कर सकेंगे। इस अवधि के दौरान फॉर्म जीएसटी अनुलग्‍नक-2 का अवलोकन किया जा सकता है, परंतु इस पर कोई कार्य नहीं किया जा सकता।
  5. अक्‍टूबर और नवम्‍बर 2019 के लिए बड़े करदाता महीने के आधार पर फॉर्म जीएसटी आर-3बी दाखिल कर सकेंगे। वे दिसंबर 2019 महीने के लिए अपना पहला फॉर्म जीएसटी आरईटी-01 20 जनवरी 2020 तक दाखिल कर सकते हैं।
  6. अक्‍टूबर 2019 के बाद से छोटे करदाता फॉर्म जीएटीआर-3बी दाखिल करना बंद कर देंगे और फार्म जीएसटी पीएमटी-08 दाखिल करना प्रांरभ करेंगे। वे अक्‍टूबर 2019 से दिसंबर 2019 की तिमाही के लिए अपना पहला फॉर्म जीएसटी-आरइटी-01 20 जनवरी, 2020 से दाखिल कर सकते हैा।
  7. जनवरी 2020 से सभी करदाता फॉर्म जीएसटी आरईटी01 दाखिल करेंगे तथा फॉर्म जीएसटीआर-3बी को पूरी तरह से समप्‍त कर दिया जाएगा। रिफंड आवेदनों को दाखिल करने के लिए अलग से दिशा-निर्देश अक्‍टूबर से दिसंबर 2019 के बीच जारी किए जाएंगे।        

      

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आर.के.मीणा/आरएन/एएम/जेके/वाईबी