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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
मंत्रिमंडल
10-जुलाई-2019 18:44 IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अतंर्राज्यीय जल विवादों को कुशलता पूर्वक और तेजी से निपटाने के लिए अतंर्राज्यीय नदी जल विवाद (संशोधन) विधेयक, 2019 को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने अतंर्राज्यीय नदियों के जल और नदी घाटी से संबंधित विवादों के न्यायिक निर्णय के लिएअतंर्राज्यीय  नदी जल विवाद (आईएसआरडब्लयूडी) अधिनियम, 1956 को मंजूरी दी है।

यह अतंर्राज्यीय नदी जल विवादों के न्यायिक निर्णय को और सरल तथा कारगर बनाएगा। इस विधेयक अतंर्राज्यीय नदी जल विवाद अधिनियम, 1956 को संशोधन करने के लिए लाया जा रहा है। ऐसा अतंर्राज्यीय  नदी जल विवादोंके न्यायिक निर्णय को सरल और कारगर बनाने के दृष्टिकोण और मौजूदा संस्थागत ढांचे को मजबूत बनाने के लिए किया जा रहा है।

प्रभाव:

न्यायिक निर्णय के लिए कड़ी समय सीमा निर्धारण और विभिन्न बैंचों के साथ एकल ट्रिब्यूनल के गठन से अतंर्राज्यीय नदियों से संबंधित विवादों का तेजी से समाधान करने में मदद मिलेगी। इस विधेयक में संशोधनों से ट्रिब्‍यूनल को सौंपे गए जल विवादों के न्‍यायिक निर्णय में तेजी आएगी।

जब किसी राज्य सरकार से अतंर्राज्यीय नदियों के बारे में किसी जल विवाद के संबंध में कोई अनुरोध इस कथित अधिनियम के तहत प्राप्त होता और केंद्र सरकार का यह मत हो कि जल विवाद का बातचीत के द्वारा समाधान नही हो सकता है तो केंद्र सरकार जल विवाद के न्यायिक निर्णय के लिए जल विवाद ट्रिब्यूनल का गठन करती है।

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एकेटी/आरकेएम/आरएनएम/एएम/आईपीएस/पीबी-