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पत्र सूचना कार्यालय
भारत सरकार
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
12-जुलाई-2019 17:30 IST

मई, 2019 में औद्योगिक विकास दर 3.1 प्रतिशत रही

विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों में से 12 समूहों ने मई, 2019 के दौरान धनात्मक वृद्धि दर दर्ज की अप्रैल-मई, 2019 में औद्योगिक विकास दर 3.7 फीसदी आंकी गई मई, 2019 में खनन, विनिर्माण एवं बिजली क्षेत्रों की उत्‍पादन वृद्धि दर क्रमश: 3.2 फीसदी, 2.5 फीसदी तथा 7.4 फीसदी रही

मई, 2019 में औद्योगिक उत्‍पादन सूचकांक (आईआईपी) 133.6 अंक रहा जो मई, 2018 के मुकाबले 3.1 फीसदी ज्‍यादा है। इसका मतलब यही है कि मई, 2019 में औद्योगिक विकास दर 3.1 फीसदी रही। उधर, अप्रैल-मई, 2019 में औद्योगिक विकास दर पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि की तुलना में 3.7 फीसदी आंकी गई है।

मई, 2019 में खनन, विनिर्माण (मैन्‍युफैक्‍चरिंग) एवं बिजली क्षेत्रों की उत्‍पादन वृद्धि दर मई, 2018 के मुकाबले क्रमश: 3.2 फीसदी, 2.5 फीसदी तथा 7.4 फीसदी रही। उधर, अप्रैल-मई  2019 में इन तीनों क्षेत्रों यानी सेक्‍टरों की उत्‍पादन वृद्धि दर पिछले वित्‍त वर्ष की समान अवधि की तुलना में क्रमश: 4.1, 3.2 तथा 6.7 फीसदी आंकी गई है।

उद्योगों की दृष्टि से विनिर्माण क्षेत्र के 23 उद्योग समूहों (दो अंकों वाली एनआईसी-2008 के अनुसार) में से 12 समूहों ने मई, 2018 की तुलना में मई, 2019 के दौरान धनात्मक वृद्धि दर दर्ज की है। इस दौरान 'फर्नीचर को छोड़ काष्ठ एवं काष्ठ उत्पादों और कॉर्क के विनिर्माण; पुआल सामग्री एवं प्लेटिंग सामग्री के विनिर्माण' ने 24.8 प्रतिशत की सर्वाधिक धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद खाद्य उत्पादों के विनिर्माण का नम्बर आता है जिसने 15.9 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरहकम्प्यूटर, इलेक्ट्रॉनिक एवं ऑप्टिकल उत्पादों के विनिर्माण ने 9.4 प्रतिशत की धनात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। वहीं, दूसरी ओर उद्योग समूहकागज एवं कागज उत्‍पादों के विनिर्माण ने (-) 12.2 प्रतिशत की सर्वाधिक ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसके बाद 'फर्नीचर के विनिर्माण' का नंबर आता है जिसने (-) 9.9 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है। इसी तरह मशीनरी एवं उपकरणों को छोड़ गढ़े हुए धातु उत्पादों के विनिर्माण ने (-) 8.7 प्रतिशत की ऋणात्‍मक वृद्धि दर दर्ज की है।

उपयोग आधारित वर्गीकरण के अनुसार मई, 2019 में प्राथमिक वस्‍तुओं (प्राइमरी गुड्स), पूंजीगत सामान, मध्‍यवर्ती वस्तुओं एवं बुनियादी ढांचागत/निर्माण वस्‍तुओं की उत्‍पादन वृद्धि दर मई 2018 की तुलना में क्रमश: 2.5 फीसदी, 0.8 फीसदी, 0.6 फीसदी और 5.5 फीसदी रही। जहां तक टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान का सवाल है, इनकी उत्‍पादन वृद्धि दर मई, 2019 में (-) 0.1 फीसदी रही है। इसी तरह गैर-टिकाऊ उपभोक्‍ता सामान की उत्‍पादन वृद्धि दर मई, 2019 में 7.7 फीसदी रही।

इस प्रेस विज्ञप्ति से जुड़ी सूचना मंत्रालय की वेबसाइट http://www.mospi.nic.in पर भी उपलब्ध है।

 

वक्तव्य I : औद्योगिक उत्पादन सूचकांक – क्षेत्रवार

(आधार वर्ष : 2011-12=100)

 

 

 

 

 

 

 

 

 

माह

खनन

विनिर्माण

बिजली

सामान्य

(14.3725)

(77.6332)

(7.9943)

(100)

2018-19

2019-20

2018-19

2019-20

2018-19

2019-20

2018-19

2019-20

अप्रैल

102.6

107.8

123.1

128.0

153.7

162.9

122.6

127.9

मई*

107.6

111.0

130.1

133.3

164.7

176.9

129.6

133.6

जून

104.9

 

128.6

 

159.9

 

127.7

 

जुलाई

95.5

 

127.6

 

162.0

 

125.7

 

अगस्त

92.0

 

130.6

 

167.2

 

128.0

 

सितंबर

94.5

 

131.6

 

162.9

 

128.8

 

अक्टूबर

108.2

 

133.9

 

166.0

 

132.8

 

नवंबर

110.6

 

126.8

 

147.3

 

126.1

 

दिसंबर

114.4

 

135.8

 

150.4

 

133.9

 

जनवरी

119.1

 

135.5

 

150.9

 

134.4

 

फरवरी

112.5

 

129.3

 

137.9

 

127.6

 

मार्च

132.7

 

140.3

 

160.1

 

140.8

 

औसत

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अप्रैल-मई*

105.1

109.4

126.6

130.7

159.2

169.9

126.1

130.8

 

 

 

 

 

 

 

 

 

पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में वृद्धि दर

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

मई*

5.8

3.2

3.6

2.5

4.2

7.4

3.8

3.1

 

 

 

 

 

 

 

 

 

अप्रैल-मई*

4.8

4.1

4.2

3.2

3.1

6.7

4.1

3.7

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

 

* मई 2019 के आंकड़े त्वरित अनुमान हैं

 

 

 

 

 

नोट : फरवरी 2019 और अप्रैल 2019 के सूचकांकों में उत्पादन के अद्यतन आंकड़े शामिल हैं।

 

औद्योगिक उत्पादन सूचकांक से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए अंग्रेजी का अनुलग्नक यहां क्लिक करें

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