|
संदर्भ सामग्री
| माह |
|
वर्ष |
|
- पूर्वोत्तर परिषद (16-मई,2013)
- न्याय पालिका को सुदृढ बनाने के उपाय (16-मई,2013)
- तमाशा (13-मई,2013)
- पर्यावरण अनुकूल पर्यटन परियोजनाओं के लिए केन्द्रीय वित्तीय सहायता
(06-मई,2013)
|
  |
पर्यटन मंत्रालय
स्वच्छता अभियान
पर्यटन को बढ़ाने के लिए आवश्यक है स्वच्छता
|
किसी देश की सभ्यता संस्कृति को जानने समझने का सबसे अच्छा ज़रिया पर्यटन है। जब सैलानी किसी ऐतिहासिक या विरासत स्थल पर घूमने जाते हैं तो उनके ज़हन में उस स्थान की पहले से ही एक तस्वीर रची बसी होती है जो सुनी सुनाई या पढ़ी लिखी बातों पर ही ज्यादातर आधारित होती है। पर्यटक जब अपने गंतव्य पर्यटन स्थल पर पहुंचे और उसे वह स्थल उम्मीद से भी ज्यादा भव्य और बेहतर लगे तो यकीन मानिए इसमें माहौल की बहुत बड़ी भूमिका होगी। इस माहौल को बनाने में साफ सफाई और बुनियादी आवश्यकताओं का प्रबंधन ही वह कुंजी है जिससे पर्यटक को खुश किया जा सकता है और फिर उनके ज़रिए ही वह अनूठा प्रचार मुमकिन है जिसे माउथ पब्लिसिटी कहते हैं। यानि एक दूसरे को किसी पर्यटन स्थल के बारे में बताना और वहां की साफ सफाई से लेकर अन्य सुविधाओं का ऐसा वर्णन करना जिससे अन्य लोग भी उस स्थान विशेष पर घूमने का मन बना लें और अवसर मिलते ही वहां घूमने जाएं।
भारत अंतर्राष्ट्रीय और घरेलु दोनों ही तरह के पर्यटकों के लिए घूमने फिरने का एक आदर्श स्थान है। आंकड़ो के मुताबिक 2001 से लेकर 2010 तक आंतरिक पर्यटन में वार्षिक विकास 9.6 प्रतिशत की दर से हुआ। 2011 में फॉरेन टूरिस्ट अराइवल(एफटीए) यानि विदेशी पर्यटकों की आमद 6.29 मिलियन रही । इसके बाद के समय में भी एफटीए में 8.9 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हुई। वाणिज्यिक संस्था एसोचैम ने एक अध्ययन के आधार पर अनुमान व्यक्त किया है कि भारत पर्यटन क्षेत्र में वर्ष 2019 तक 94.5 बिलियन डॉलर का पूंजीगत निवेश प्राप्त कर सकता है । इसमें कहा गया है कि 2011-2019 के बीच इस क्षेत्र के 8.8 प्रतिशत की दर से विकास करने की संभावना है। यह भी अनुमान व्यक्त किया गया है कि वर्ष 2019 तक इस क्षेत्र में चालीस करोड़ से अधिक रोजग़ार के अवसर पैदा हो सकते हैं। देशी विदेशी पर्यटक आम तौर पर , विरासत और सांस्कृतिक स्थल, पर्वतीय क्षेत्र, समुद्र तटीय क्षेत्र, वन्य जीव क्षेत्र, साहस और जोखिम पूर्ण खेल इत्यादि के सिलसिले में भारत का भ्रमण करते हैं। अतुल्य भारत अभियान ने भी देश में पर्यटन की संभावनाओं को काफी बढ़ा दिया है।
लेकिन इसका एक दूसरा पहलू भी है। भारत के बारे में स्थानीय तौर पर एक आम धारणा बन गई है कि लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता की कमी है। लोग किसी भी स्थान पर कूड़ा डाल देते हैं। वे केवल अपने हित और पारिवारिक सुख सुविधा के बारे में सोचते हैं। अपने द्वारा उत्पन्न गंदगी को भी निपटान के लिए सुरक्षित स्थान पर ना रख सार्वजनिक स्थलों पर ही छोड़ आते हैं। ‘सब चलता है’ कि इस मानसिकता को बदल कर भारत की छवि सुधारने की आवश्यकता है। यह ज़िम्मेदारी किसी एक व्यक्ति की नहीं है। इसमें ऐतिहासिक विरासत स्थल की देखरेख और पर्यटकों की सहायता से जुड़े लोगों, सैलानियों की पसंद वाले मनोरम स्थलों पर नियुक्त पेशेवरों, होटलों, ट्रेवल एजेन्टों, टूर ऑपरेटरों, टूरिस्ट ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर्स इत्यादि सभी संबंधित लोगों और स्वयं पर्यटकों को लगना होगा। सभी सस्थाओं और संगठनों को एक खास मुहिम के तहत स्वच्छता को सबसे पहली प्राथमिकता देनी होगी। खास तौर पर स्थानीय नगरपालिका प्राधिकरणों को शामिल कर, स्वच्छता, स्वास्थ्य और आकर्षक वातावरण का निर्माण करने का एक बहुत ही अहम कार्य करना होगा।
इसी के तहत केन्द्रीय पर्यटन मंत्री श्री सुबोकांत सहाय कल मंगलवार को दिल्ली स्थित ऐतिहासिक स्थल कुतुब मीनार में स्वच्छ भारत अभियान के तहत प्रायोगिक परियोजना का शुभारंभ करने वाले हैं। इस स्वच्छ भारत परियोजना के तहत विरासत स्थल से संबंधित सभी मुद्दों को ध्यान में रखा जाएगा। इसके तहत बेहतर प्रबंधन, पेय जल की सुविधा, शौचालयों की मरम्मत , परिसर के अंदर और बाहर संकेतक चिन्ह लगाना, कू़ड़़ेदान रखना, कुतुब मीनार के पास पार्किंग स्थलों का रखरखाव, इस परिसर को निशक्त व्यक्तियों के लिए अनुकूल बनाना, चौबीसों घंटे कचरा निकासी की व्यवस्था करना, पर्यटक सहायता काउंटर और स्वयंसेवकों की तैनाती करना इत्यादि शामिल है। स्वच्छ भारत अभियान पर्यटन मंत्रालय द्वारा देश में पर्यटकों के आगमन को बढ़ाने, सुविधाओं की गुणवत्ता में बढ़ोत्तरी करने, भारत सरकार के 12 वीं योजना के तहत देश में पर्यटन स्थलों के आसपास स्वच्छ वातावरण उपलब्ध कराने के उद्येश्य से शुरू की गई है। इस काम में स्वयंसेवी संस्थाएं भी बढ़ चढ़ कर हिस्सा ले रही हैं। रविवार 17 जून को कुतुब मीनार परिसर में बच्चों के कल्याण के लिए काम करने वाली संस्था-प्रयास और भारत पर्यटन विकास निगम-आईटीडीसी ने मिलकर स्वच्छता अभियान- क्लीन इंडिया अभियान चलाया। प्रयास के संयोजक ने ये भी कहा कि वे साफ सफाई के प्रति जागरूकता अभियान की शुरूआत कुतुब मीनार से कर रहे हैं और बाद में इसे दिल्ली के अन्य ऐतिहासिक स्थलों पर आरंभ करेंगे।
वि.कासोटिया/अजित/पवन-166
संदर्भ सामग्री को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
|
|