संदर्भ
सामग्री
संदर्भ
सामग्री
भारत
को जानो कार्यक्रम
(केआईपी)
भारत को जानो
कार्यक्रम (केआईपी)
समुदाय के 18 से 26 वर्ष
के युवाओं के लिए
तीन सप्ताह का
एक समन्वय कार्यक्रम
है और उसके भागीदारों
का चयन विदेश के
भारतीय मिशनों
से प्राप्त नामांकनों
के आधार पर किया
जाता है। इस कार्यक्रम
में प्रत्येक
वर्ष लगभग 35 भागीदारों
से बने 2-3 बैच भाग
लेते हैं। उस कार्यक्रम
का उद्देश्य भारत
के बारे में विभिन्न
क्षेत्रों में
जागरूकता को बढ़ावा
देना है और उद्योग,
अर्थव्यवस्था,
आधारभूत सुविधा,
उच्च शिक्षा,
कला और संस्कृति
के क्षेत्र में
भारत द्वारा की
गई प्रगति के बारे
में जानकारी देना
है। प्रवासी भारतीय
कार्य मंत्रालय
ने अब तक ऐसे 19 कार्यक्रम
आयोजित किये हैं
जिसमें अबतक 623 प्रवासी
भारतीय युवाओं
ने भागीदारी की
है।
आधार
तक पहुंच
इस योजना के
अधीन भारत ने आधार
तक पहुंच कायम
करने के प्रति
इच्छुक भारतीय
मूल के प्रवासियों
की ओर से निर्धारित
प्रपत्र पर आवेदन
किये जा सकते हैं।
आवेदन के साथ उपलब्ध
जानकारी/संबद्ध
कागजात और जमा
राशि से संबंधित
विवरण उस देश में
भारतीय मिशन में
दाखिल किया जा
सकता है। साथ में
30 हजार रूपये का
शुल्क भी जमा
कराया जाता है।
इस प्रयास में
सफल नहीं होने
की स्थिति में
भारतीय मिशन आवदेक
को 20 हजार रूपये
वापिस करने के
लिए अधिकृत है।
समुदाय
के बच्चों के
लिए छात्रवृति
कार्यक्रम (एसपीडीसी) शैक्षिक
वर्ष 2006-07 में समुदाय
के बच्चों केलिए
छात्रवृति कार्यक्रम
(एसपीडीसी) शुरू
किया गया था। इसका
उद्देश्य प्रवासी
भारतीय लोगों के
बच्चों के लिए
भारत में उच्च
शिक्षा तक पहुंच
कायम करना और भारत
को एक उच्च अध्ययन
के केन्द्र के
रूप में बढ़ावा
देना है। इस योजना
के अधीन भारतीय
मूल के प्रवासी/अप्रवासी
भारतीय 100 छात्रों
को अभियंत्रण प्रौद्योगिकी,
मानव विज्ञान,
उदारतावादी कलाओं,
वाणिज्य, प्रबंधन,
पत्रकारिता, होटल
प्रबंधन, कृषि,
पशुपालन और कुछ
पाठ्यक्रमों में
स्नातक-पूर्व
पाठ्क्रमों के
लिए प्रतिवर्ष
अधिकतम 4,000 अमरीकी
डॉलर की छात्रवृत्ति
दी जाती हैं।
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वि.कासौटिया/सुधीर/सुनील-175