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  • पटेल: जीवन, सन्देश, एवं उनकी अनंत प्रासंगिकता (30-अक्टूबर,2017)
  • हस्‍तशिल्‍प निर्यात संवर्धन परिषद के बढ़ते कदम (17-अक्टूबर,2017)
  •  भारतीय गौरवशाली गणराज्य के रचयिता – सरदार वल्लभ भाई पटेल (25-अक्टूबर,2017)
  • समर्पित आत्‍मा : सिस्‍टर निवेदिता, आज के भारत के लिए एक प्रेरणा  (25-अक्टूबर,2017)
  • 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस 2017 का जश्न (24-अक्टूबर,2017)
  • रो-रो फेरी सेवा और परिवहन एवं लॉजिस्टिक्सय पर उसका प्रभाव (23-अक्टूबर,2017)
  • कारीगरों और बुनकरों की चिंता (14-अक्टूबर,2017)
  • पर्यटन पर्व: भारत की विविधता के अन्वेषण का एक विशेष अवसर (13-अक्टूबर,2017)
  • पर्यटन पर्वः सब देखो अपना देश (13-अक्टूबर,2017)
  • किसानों को खेती में प्रवृत्त रखने की चुनौती (12-अक्टूबर,2017)
  • अहिंसक पथ के प्रेरक : महात्‍मा गांधी (11-अक्टूबर,2017)
  • ग्रामीण भारत में बदलाव (11-अक्टूबर,2017)
  • देश में अपराधी न्याय प्रणाली को फास्ट ट्रैक बनाने के लिये सीसीटीएनएस डिजिटल पुलिस पोर्टल का शुभारंभ (11-अक्टूबर,2017)
  • बेहतर जल प्रबंधन समय की जरूरत (05-अक्टूबर,2017)
  • गांधी जी के लिए अहिंसा स्‍वच्‍छता के समान थी (03-अक्टूबर,2017)
 
विशेष सेवा और सुविधाएँ

टूल रूम्स के माध्यम से सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यमों के विकास को प्रोत्साहन
आज के दौर के तेज रफ्तार व्यापारिक परिदृश्य में प्रौद्योगिकी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो चुकी है। देश की सम्पूर्ण आर्थिक उन्नति के लिए इसका विकास और समावेश महत्वपूर्ण है। यह विकाशसील देशों के संदर्भ में और भी ज्यादा प्रासांगिक है जहां प्रौद्योगिकीय वि

आज के दौर के तेज रफ्तार व्यापारिक परिदृश्य में प्रौद्योगिकी पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो चुकी है। देश की सम्पूर्ण आर्थिक उन्नति के लिए इसका विकास और समावेश महत्वपूर्ण है। यह विकाशसील देशों के संदर्भ में और भी ज्यादा प्रासांगिक है जहां प्रौद्योगिकीय विकास और रोजगारों का सृजन साथ-साथ चलता है।

            देश में सूक्ष्म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र के विकास को प्रोत्साहन देने के लिए सूक्ष्म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय देश भर में विभिन्न स्थानों पर स्थित टूल रूम्स के माध्यम से अपने कार्यक्रम का कार्यान्वयन कर रहा है। इनमें सेंट्रल टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (सीटीटीसी), कोलकाता, सेंट्रल टूल रूम (सीटीआर), लुधियाना, इंडो जर्मन टूल रूम (आईजीटीआर), इंदौर, इंडो जर्मन टूल रूम (आईजीटीआर) अहमदाबाद, इंडो जर्मन टूल रूम (आईजीटीआर), औरंगाबाद, सेंट्रल टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (सीटीटीसी), भुवनेश्वर, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ टूल डिजाइन (सीआईटीडी), हैदराबाद, इंडो डेनिश टूल रूम (आईडीटीआर), जमशेदपुर, टूल रूम एंड ट्रेनिंग सेंटर (टीआरटीसी), गुवाहाटी और सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ हैंड टूल्स (सीआईएचटी), जालंधर शामिल हैं।

एमएसएमई-टूल रूम्स की स्थापना का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक विकास के लिए अपनी अत्याधुनिक टूल रूम्स सुविधाओं के साथ प्रशिक्षित, कुशल और प्रगतिशील कामगारों की क्षमताओं पर आधारित सतत, विश्वसनीय, गुणवत्तापूर्ण सेवा और दीर्घावधि एवं लघु अवधि प्रशिक्षण के माध्यम से प्रशिक्षित कामगार उपलब्ध कराना है।

ये एमएसएमई-टूल रूम्स अंतर्राष्ट्रीय गुणवत्ता वाले टूल्स, प्रशिक्षित कामगारों, टूलिंग और सम्बद्ध क्षेत्रों में परामर्श मुहैया करवाकर उद्योग के सम्बद्ध खंडों के एकीकृत विकास पर ध्यान दे रहे हैं और उत्कृष्टता हासिल करने के प्रयास में नई हदें पार कर रहे हैं।

 

एमएसएमई-टूल रूम्स नवीन एवं उन्नत सीएनसी लेथ मशीन, मिलिंग, ईडीएम और वॉयर कट मशीन सहित अत्याधुनिक मशीनों की व्यापक रेंज के साथ अत्याधुनिक टूल रूम्स सुविधाएं एक ही स्थान पर मुहैया करवा रहे हैं।

       ये एमएसएमई-टूल रूम्स टूल और डाई निर्माण तकनीकी में बेहद पारंगत हैं तथा अत्याधुनिक सांचों, डाइयों, टूल्स और उपकरणों के विकास और निर्माण में सटीकता और गुणवत्ता को प्रोत्साहन देते हैं।

        एमएसएमई-टूल रूम्स निम्नलिखित क्षेत्रों में एमएसएमई के लिए प्रौद्योगिकी के केंद्र के रूप में काम करते हैं:

डिजाइन एवं विनिर्माण: सटीक डाइयों, टूल्स, मोल्ड्स, सांचे, जोड़ने वाले उपकरणों, गेज आदि के डिजाइन और निर्माण तथा अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों से टूल विनिर्माण, रेपिड प्रोटोटाइपिंग टैक्नॉलोजी के इस्तेमाल से उत्पाद के बेहतर डिजाइन के लिए टूल से सम्बद्ध नवप्रर्वतन, सटीक मशीनिंग और ऊष्मा प्रशोधन (हीट ट्रीटमेंट) के उचित इस्तेमाल और रखरखाव पर परामर्श देना।

प्रशिक्षण:  टूल इंजीनियरिंग में दीर्घावधि डिप्लोमा और सर्टिफिकेट पाठ्यक्रम, इंजीनियरिंग में स्नातकों के लिए टूल इंजीनियरिंग में विशिष्ट पाठ्यक्रम, डिप्लोमा और आईटीआई सर्टिफिकेट होल्डर्स, उद्योग कर्मियों के लिए कौशल संवर्द्धन पाठ्यक्रम, प्रशिक्षण संस्थानों और उद्योगों के प्रशिक्षुओं के लिए उन्नयन पाठ्यक्रम, उद्योगों के लिए विशिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम।

परामर्श एवं अन्य सेवाएं: उत्पाद एवं प्रक्रिया विकास, उत्पादकता/गुणवत्ता में सुधार, प्रशिक्षण कार्यक्रम/प्रशिक्षण संस्थानों के लिए पाठ्यक्रम विकास, टर्न-की परियोजनाओं के कार्यान्वयन, निरीक्षण एवं मानकीकरण सुविधाएं।

        एमएसएमई को टूल रूम्स द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली प्रौद्योगिकीय सहायता के कुछ प्रमुख अंश इस प्रकार हैं: आईवी फ्लूइड बोतले भरने और बंद करने के सांचों और सीरिंज का डिजाइन एवं विनिर्माण,  टूथ ब्रश और पैट बोतलों के सांचों का डिजाइन एवं विनिर्माण, टोपी और ढक्कन के सांचों का डिजाइन एवं विनिर्माण, रैपिड प्रोटोटाइपिंग टेक्नॉलोजी का इस्तेमाल करते हुए स्वचालित-अवयवों, इलेक्‍ट्रानिक अवयवों, कार्यालय उपकरणों, चिकित्सा उपकरणों आदि का प्रोटोटाइप विकास, प्रिंटिड सर्किट बोर्ड छिद्रान्वेषण प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए अत्याधुनिक सीएनसी मशीनों का रखरखाव और एमएसएमई कर्मचारियों का प्रशिक्षण, बूंद-बूंद सिंचाई के लिए दो सुराख वाले खुले इंजेक्शन के सांचे का डिजाइन एवं विनिर्माण, हॉर्न्स, स्विचे, डैशबोर्ड उपकरणों, जटिल छोटे पुर्जों की प्रैशर डाई, गियर बॉक्स, बैटरी कंटेनर्स, व्हील रिम्स और क्लच जैसे ऑटोमोबाइल अवयवों के टूल्स का डिजाइन एवं विनिर्माण, लेमिनेशंस, कंप्यूटर कैबिनेट्स/पुर्जों, टेलीफोन उपकरण, घड़ियों, ऑडियो/वीडियो प्रणाली अवयवों, लघु सर्किट ब्रेकर्स आदि जैसे विविध इलेक्ट्रिकल और इलेक्‍ट्रानिक अवयवों का डिजाइन एवं विनिर्माण।

        एमएसएमई की विशिष्ट जरूरतें पूरी करने के लिए, टूल रूम्स में स्कूली शिक्षा अधूरी छोड़ने वालों के लिए मशीन ऑपरेशन में सर्टिफिकेट कोर्स, मैकेनिस्ट में सर्टिफिकेट कोर्स (टूल रूम), टूल और डाई निर्माण में डिप्लोमा, सीएनसी मशीनिंग में एडवांस्ड कोर्स, सीएडी/सीएएम में एडवांस्ड कोर्स, ऊष्मा प्रशोधन,  माप पद्धति एवं निगरानी, वायुचालित और हाइड्रॉक्सि के क्षेत्रों के पूर्णतया योग्य पाठ्यक्रम, विविध डिजाइन एवं विनिर्माण सॉफ्टवेयर्स आदि विशेष प्रशिक्षण/ कौशल सुधार कार्यक्रम हैं।

       अत्याधुनिक मशीनरी और उपकरण पर व्यावहारिक अनुभवों वाले एमएसएमई-टूल रूम्स के सफल प्रशिक्षु उद्योगों में प्रवेश पा जाते हैं। हर साल टूल रूम्स से औसतन 40,000 प्रशिक्षु प्रशिक्षण पाते हैं। दीर्घावधि प्रशिक्षण पाने वाले प्रशिक्षुओं को बड़ी संख्या में एमएसएमई सहित विभिन्न उद्योगों में 100 फीसदी जगह मिल जाती है। टूल रूम्स के बहुत से प्रशिक्षुओं ने अपनी इकाइयां लगाई हैं जो अब संगठित क्षेत्र का दर्जा पा चुकी हैं।

एमएसएमई खंड को सेवाएं विशिष्ट दरों पर दी जाती हैं। वर्ष 2010-11 में सहयोग करने वाली इकाइयों की संख्या 13636 और टूल रूम्स की संख्या 40214 रही।

एमएसएमई-टूल रूम्स ने समाज के वंचित वर्गों को सहायता देने में नई पहल की है और विशेष पाठ्यक्रम डिजाइन किए हैं, जिन्हें केंद्र और राज्य सरकारों के विविध मंत्रालय और विभाग प्रायोजित करते हैं। इसके अलावा अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के उम्मीदवारों को नि:शुल्क प्रशिक्षण मुहैया कराया जा रहा है और उनकी फीस सरकार अदा कर रही है।

        आधुनिक टूल रूम्स सुविधाएं देश के औद्योगिक विकास के लिए अनिवार्य हैं। आधुनिक प्रौद्योगिकी का समावेश और इस्तेमाल गुणवत्ता में सुधार लाने, उत्पादकता और वस्तुओं की उपलब्धता में सहायक है। उचित प्रकार से प्रशिक्षित कामगार राष्ट्र की सम्पत्ति हैं। एमएसएमई मंत्रालय विशेषकर एमएसएमई-टूल रूम्स के माध्यम से देश के एमएसएमई को सहायता देने के उद्देश्य के साथ देश के औद्योगिक विकास को प्रोत्साहन देने प्रयास निरंतर जारी रखेगा।

            सूक्ष्म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम मंत्रालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार ।

 

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विनोद/रीता/बिष्‍ट- 133



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