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  • समर्पित आत्‍मा : सिस्‍टर निवेदिता, आज के भारत के लिए एक प्रेरणा  (25-अक्टूबर,2017)
  • 31 अक्टूबर को सरदार पटेल की जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय एकता दिवस 2017 का जश्न (24-अक्टूबर,2017)
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  • कारीगरों और बुनकरों की चिंता (14-अक्टूबर,2017)
  • पर्यटन पर्व: भारत की विविधता के अन्वेषण का एक विशेष अवसर (13-अक्टूबर,2017)
  • पर्यटन पर्वः सब देखो अपना देश (13-अक्टूबर,2017)
  • किसानों को खेती में प्रवृत्त रखने की चुनौती (12-अक्टूबर,2017)
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  • ग्रामीण भारत में बदलाव (11-अक्टूबर,2017)
  • देश में अपराधी न्याय प्रणाली को फास्ट ट्रैक बनाने के लिये सीसीटीएनएस डिजिटल पुलिस पोर्टल का शुभारंभ (11-अक्टूबर,2017)
  • बेहतर जल प्रबंधन समय की जरूरत (05-अक्टूबर,2017)
  • गांधी जी के लिए अहिंसा स्‍वच्‍छता के समान थी (03-अक्टूबर,2017)
 
विशेष सेवा और सुविधाएँ

नवप्रवर्तन: भारतीय सूक्ष्‍म, लघु और मझोले उद्यमों का बदलता परि‍दृश्‍य
वि‍शेष लेख

वि‍शेष लेख

          

     नवप्रवर्तन एक प्रमुख घटक और एकमात्र मार्ग है जि‍से एक महत्‍वपूर्ण व्‍यापारि‍क रणनीति‍के तौर पर अपनाने से भारतीय सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम  उद्यम, (एमएसएमई)  वर्तमान वैश्‍वि‍क परि‍दृश्‍य में बने रह सकते हैं। सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय नए उत्‍पादों, नई प्रक्रि‍याओं और नई सेवाओं के नि‍र्माण के संदर्भ में एमएसएमई में नि‍रंतर नवाचार प्रोत्‍साहन के लि‍ए कई उपाय कर चुका है।

      अर्थव्‍यवस्‍था के हर क्षेत्र में नवप्रवर्तन के प्रोत्‍साहन और संवर्द्धन के लि‍ए प्रधानमंत्री द्वारा राष्‍ट्रीय नवप्रवर्तन परि‍षद का गठन कि‍या गया था।  एक सशक्‍त  रूपरेखा के वि‍कास के लि‍ए सचि‍व (एमएसएमई) की अध्‍यक्षता में इस नवप्रवर्तन परि‍षद ने एक सक्षम विकास की रूपरेखा तैयार की जो व्‍यापारि‍क उपक्रमों के लि‍ए उत्‍कृष्‍ट अभि‍नव वि‍चारों को सामने लाने में मदद करेगी।

 राष्ट्रीय विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता कार्यक्रम

     सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्रालय भारतीय एमएसएमई के बीच वैश्‍वि‍क प्रति‍स्‍पर्धात्‍मकता वि‍कसि‍त करने के लि‍ए सरकार के राष्ट्रीय विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता कार्यक्रम के क्षेत्रीय कार्यक्रम का कार्यान्वयन कर रही है। एमएसएमई क्षेत्र की संपूर्ण मूल्‍य श्रृंखला को बढ़ाने के लि‍ए लक्षि‍त एनएमसीपी के अंतर्गत दस घटक हैं। इनमें नए संयंत्र कक्षों (टूल रूम) की स्‍थापना, उत्‍पाद और प्रक्रि‍या गुणवत्‍ता को बढ़ाना, सूक्ष्‍म वि‍नि‍र्माण प्रौद्योगि‍कि‍यों के माध्‍यम से लागत में कमी लाना और डिजाइन क्‍लीनिक आदि‍शामि‍ल हैं। इन 10 में से, एक घटक अर्थात इनक्‍यूबेटर योजना, खासतौर पर अभि‍नव वि‍चारों के विकास में मदद करने की जरूरत को पूरा करती है। अब तक, मंत्रालय 76 संस्‍थानों की पहचान कर चुका है और अभि‍नव वि‍चारों को के विकास में उनकी वि‍त्‍तीय सहायता भी कर चुका है। यह एक सतत योजना है और सफल व्‍यापारि‍क उपक्रमों के लि‍ए और अधि‍क अभि‍नव वि‍चारों का विकास कि‍या जाएगा।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम

      नवाचार और उद्यमशीलता को जमीनी स्‍तर पर प्रोत्‍साहि‍त करने के लि‍ए, मंत्रालय द्वारा एक महत्‍पूर्ण कार्यक्रम अर्थात प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) का कार्यान्‍वयन कि‍या जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत, परि‍योजना लागत की 35 प्रति‍शत तक सीमांत राशि उद्यम स्‍थापि‍त करने की इच्‍छा रखने वाले उद्यमि‍यों को प्रदान की जाती है। मंत्रालय राजीव गांधी उद्यमी मि‍त्र योजना (आरजीयूएमवाई) भी कार्यान्‍वि‍त कर रहा है, जि‍समें पहली पीढ़ी के संभावित उद्यमि‍यों को सभी सहायता प्रदान की जाती है।

उद्यमिता विकास संस्थान

     राष्‍ट्रीय ज्ञान आयोग पहचान कर चुका है कि‍एमएसएमई के अनुसार नवाचार में सबसे महत्‍पूर्ण बाहरी बाधा कौशल की कमी है। मंत्रालय के अंतर्गत तीन राष्‍ट्रीय स्‍तर के उद्यमि‍ता वि‍कास संस्‍थान, एनआईईएसबीयूडी, नोयडा, एनआईएमएसएमई, हैदराबाद और आईआईई गुवाहाटी के साथ देशभर में फैले एमएसएमई वि‍कास संस्‍थान और प्रशि‍क्षण केन्‍द्र वर्तमान इकाईयों में मौजूदा कौशलों के उन्‍नयन एवं श्रमि‍कों और तकनीशि‍यनों में नए कौशलों के वि‍कास के साथ-साथ बेराजगार युवाओं के लि‍ए व्‍यापक प्रशि‍क्षण कार्यक्रमों का आयोजन करते हैं। सामाजि‍क रूप से अलाभान्‍वि‍त समूहों जैसे अन्‍य पि‍छड़े वर्ग, अनुसूचि‍त जाति‍, अनुसूचि‍त जनजाति‍, अल्‍पसंख्‍यक और महि‍लाओं के कौशल वि‍कास के लि‍ए वि‍शेष रूप से तैयार कार्यक्रमों का भी आयोजन कि‍या जा रहा है।

 

 

अंतर्राष्‍ट्रीय एसएमई वि‍कास पर वेब पोर्टल

            वैश्‍वीकरण के इस दौर में, अंतर्राष्‍ट्रीय के साथ-साथ घरेलू प्रति‍स्‍पर्धा में बने रहने के लि‍ए एमएसएमई के लि‍ए अंतर्राष्‍ट्रीय बाजारों की उचि‍त समझ आवश्‍यक है। मंत्रालय, अंतर्राष्‍ट्रीय बाजारों का आवश्‍यक और महत्‍वपूर्ण अनुभव प्राप्‍त कराने के लि‍ए अंतर्राष्‍ट्रीय प्रदर्शनि‍यों और मेलों में भारतीय एमएसएमई की भागीदारी के लि‍ए वि‍भि‍न्‍न योजनाओं के माध्‍यम से सुवि‍धा प्रदान करता है। इससे इस क्षेत्र से न सि‍र्फ नि‍र्यात को बढ़ाने में मदद मि‍लती है, बल्‍कि‍एमएसएमई को नवीनतम प्रौद्योगि‍कि‍यों को प्राप्‍त करने और सर्वश्रेष्‍ठ अंतर्राष्‍ट्रीय प्रबंधन कार्यप्रणालि‍यों को समझने में भी सहायता मि‍लती है। मंत्रालय के अंतर्गत एक सार्वजनि‍क क्षेत्र का उपक्रम, राष्‍ट्रीय लघु उद्योग नि‍गम लि‍मि‍टेड अंतर्राष्‍ट्रीय एसएमई वि‍कास पर एक समर्पि‍त वेब पोर्टल का संचालन कर रहा है, जो 28 देशों के एसएमई के बीच सूचना और निरंतर सहयोग की सुवि‍धा प्रदान करता है।

      अभि‍नव कार्यप्रणालि‍यों को अपनाए जाने से उद्यमी अति‍रि‍क्‍त नि‍वेश के लिए प्रोत्‍साहि‍त हो सकते हैं। अन्‍तर्राष्‍ट्रीय प्रति‍स्‍पर्धा से नि‍बटने के लि‍ए लघु उद्यमों को प्रौद्योगि‍की उन्‍नयन की सुवि‍धा प्रदान करने के क्रम में, मंत्रालय सूक्ष्‍म और लघु उद्यमों के लि‍ए ऋण गारंटी कोष ट्रस्‍ट (सीजीएफटीएमसीई) के माध्‍यम से प्रौद्योगि‍क उन्‍नयन के लि‍ए नि‍वेश पर पूंजी सब्‍सि‍डी प्रदान करता है। योजना के अंतर्गत, सूक्ष्‍म और लघु उद्यमों के लि‍ए भुगतान न हो पाने की स्‍थि‍ति‍में ऋण की सुवि‍धा के लि‍ए धनराशि‍की गारंटी को 75 प्रति‍शत तक बढ़ाया जा सकता है। मंत्रालय की निष्‍पादन और क्रेडिट रेटिंग योजना आंतरि‍क और वैश्‍वि‍क प्रति‍स्‍पर्धा का सामना करने के लि‍ए लघु उद्यमों को सशक्‍त बनाने की दि‍शा में एक अनूठा तरीका है। इस योजना के अंतर्गत, एमएसएमई का एक तीसरे पक्ष के तौर पर एक राष्‍ट्रीय अथवा अंतर्राष्‍ट्रीय रेटिंग एजेंसी द्वारा कि‍ये गये मूल्‍यांकन के आधार पर 75 प्रति‍शत तक की वि‍त्‍तीय सहायता प्रदान जाती है। इस रेटिंग से इकाइयों को अपनी ऋणसाख बनाने जैसे कई प्रकार के लाभ मि‍लते है, जो जल्‍दी और सस्‍ता ऋण प्राप्‍त करने में उनकी सहायता करते हैं। यह उनकी निष्‍पादन क्षमता को भी प्रमाणि‍त करती है, जि‍ससे उन्‍हें वि‍देशी अथवा अन्‍य थोक खरीदारों से खरीद ऑर्डर मि‍लने में सहायता मिलती है। यह उद्यमी को इकाई की मजबूती और कमजोरि‍यों के वि‍श्‍लेषण में भी मदद करती है और उसे अपने परि‍चालन निष्‍पादन में सुधार लाने हेतु परि‍वर्तन लाने के लि‍ए प्रेरि‍त कर सकता है।

      मंत्रालय एमएसएमई क्षेत्र में नवप्रवर्तन के प्रोत्‍साहन के लि‍ए अन्‍य कई कदम उठा चुका है। एमएसएमई के प्रयासों और उपलब्‍धि‍यों को पहचान दि‍लाने की दि‍शा में, चुनिंदा उद्यमों और उद्यमि‍यों को वार्षि‍क रूप से राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार प्रदान कि‍ए जाते हैं। अनुसंधान और वि‍कास प्रयासों, उद्यमशीलता और गुणवत्‍ता उत्‍पादों में वि‍भि‍न्‍न श्रेणि‍यों के लि‍ए पुरस्‍कार प्रदान कि‍ये जाते हैं। एमएसएमई को आईएसओ प्रमाणीकरण, बार कोडिंग, पेटेंट, बेहतर डिजाइनों आदि‍अपनाने के लि‍ए वि‍भि‍न्‍न योजनाओं के माध्‍यम से वि‍त्‍तीय सहायता दी जाती है और प्रोत्‍साहि‍त कि‍या जाता है।

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*एमएसएमई 2011 पर वैश्‍वि‍क सम्‍मेलन के दौरान सूक्ष्‍म, लघु और मध्‍यम उद्यम मंत्री श्री वीरभद्र सिंह के भाषण पर आधारि‍त।

वि‍.कसौटि‍या/शुक्‍ला/संजीव/यशोदा-204पूरीसूची-08/11/2011



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