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हिंदी विज्ञप्तियां
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- अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्गों के लिए बैकलॉग आरक्षित रिक्तियों की भर्ती के लिए चलाए गए विशेष भर्ती अभियान की समीक्षा
- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- पेट्रालियम मंत्री ने प्रस्तावित गैस मूल्य संशोधन से संबंधित आरोपों को नकारा
- अप्रैल 2013 में तेल और प्राकृतिक गैस के क्षेत्र उत्पादन संबंधी प्रदर्शन
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- योजना आयोग
- भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा आधार से जुड़ी नई सेवाओं (आँख की पुतलियों द्वारा सत्यापन, वन टाइम पिन द्वारा सत्यापन और ई-के वाई सी) तथा स्थायी पंजीकरण केंद्रों का शुभारंभ
- वित्त मंत्रालय
- आयकर विभाग का पुनर्गठन
- विद्युत मंत्रालय
- ऊर्जा मंत्रालय की हिन्दी सलाहकार समिति राजभाषा लागू करने के पक्ष में
- शिपिंग मंत्रालय
- बंदरगाह मूल सुविधा सुधार परियोजनाओं के लिए सुरक्षा एजेंसियों
को समय पर सुरक्षा अनुमति जारी करने के निर्देश
- सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
- नागालैंड में दीमापुर से कोहिमा तक के राष्ट्रीय राजमार्ग-39 को
4 लेन का बनाने के लिए अंतिम अनुमोदन
- सड़क क्षेत्र के विकास में बाधाएं दूर की गईं
- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
- जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम- माता एवं नवजात शिशुओं का बचाव
- श्री गुलाम नबी आज़ाद ने पूरी की स्वीडन की दो दिवसीय यात्रा
- राष्ट्रीय एड्स नियंत्रण सहायता परियोजना को कैबिनेट समिति की मंजूरी
- संस्कृति मंत्रालय
- मलयालम भाषा को शास्त्रीय भाषा में वर्गीकृत किया गया
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पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय24-मई, 2013 20:08 IST
पेट्रालियम मंत्री ने प्रस्तावित गैस मूल्य संशोधन से संबंधित आरोपों को नकारा
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पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली ने एक सांसद द्वारा प्रस्तावित गैस मूल्य संशोधन के संबंध में लगाए गए आरोपों के बारे में आई मीडिया रिपोर्टों को नकारते हुए इस विषय में तथ्य सामने रखे हैं।
मंत्री महोदय ने बताया कि मई 2012 में घरेलू गैस के मूल्यों को निर्धारित करने के लिए निर्देशों की रूपरेखा तय करने के लिए डॉ. रंगराजन की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार समिति का गठन किया गया था। समिति ने अपनी रिपोर्ट दिसबंर 2012 में पेश की तथा पेट्रोलियम गैस तथा प्राकृतिक गैस मंत्रालय कैबिनेट आर्थिक मामलों की समिति के समक्ष डॉं. रंगराजन समिति की सिफारिशों पर आधारित कैबिनेट नोट तैयार रहा है। सीसीईए द्वारा अनुमोदित डॉं. रंगराजन समिति के सुझाए तरीके के आधार पर प्रस्तावित दिशा-निर्देश 1 अप्रैल 2013 से प्रभावी होंगे। स्वाभाविक रूप से योजना आयोग तथा अन्य मंत्रियों के सुझाव भी इस केबिनेट नोट में शामिल होंगे। प्रस्तावित गैस मूल्य दिशा-निर्देश समान रूप से प्राकृतिक गैस के उत्पादन में संलग्न निजि तथा सार्वजनिक कंपनियों पर लागू होंगे। इसलिए यह आशंका निराधार है कि निजि क्षेत्र को लाभ पहुंचाने के लिए मूल्य संशोधन किया जा रहा है।
वर्तमान में गैस का अधिकांश उत्पादन उन ब्लॉकों में हो रहा है जो एनईएलपी के विभिन्न् चरणों के तहत आबंटित किए गए हैं तथा सरकार एवं उत्पादकों के बीच हस्ताक्षरित ‘उत्पादन भागीदारी अनुबंधत्’ (पीएससी) के अंतर्गत आते हैं। पीएससी के द्वारा अनुबंध के विभिन्न पक्षों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से प्रतियोगी मूल्यों पर गैस का विक्रय किया जाएगा तथा मूल्य तय करने के आधार सरकार द्वारा तय किए जाएंगे। डॉ. रंगराजन समिति द्वारा सुझाए गए तरीके पर आधारित दिशा निर्देशों का उद्देश्य पीएससी के अंतर्गत उपरोक्त अनुबंध को पूरा करना है।
भारत में तेल तथा गैस का पर्याप्त उत्पादन नहीं हो पा रहा है परिणामस्वरूप देश काफी हद तक पेट्रोलियम उत्पादों के आयात पर निर्भर है जो भारत के वित्तीय स्थिति पर भी भारी पड़ रहा है। वर्ष 2012-13 में आवश्यक 286 एमएमएससीएमडी के मुकाबले 111 एमएमएससीएमडी प्राकृतिक गैस ही उपलब्ध थी। यदि घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान मांग और आपूर्ति की इस खाई के और भी चौड़ा हो जाने की आशंका है। तेल तथा गैस के वार्षिक आयात का बिल लगभग 160 बिलियन अमरीकी डॉलर (7 लाख करोड़ से अधिक) तक पहुंच गया है। 2012-13 में प्राकृतिक गैस का आयात 8.79 बिलियन अमरीकी डॉलर था जिसके, 2016-17 में बढ़कर 17.82 बिलियन अमरीकी डॉलर तक पहुंचने की संभावना है। इससे वित्तीय असंतुलन के अलावा ऊर्जा तथा उवर्रक क्षेत्र पर सब्सिडी का बोझ भी बढ़ता है।
इन्हीं सब कारणों से भारत में गैस के उत्पादन को बढ़ावा देने की आवश्यकता है।
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वि. कासोटिया/रजनी/दयाशंकर-2502
(Release ID 22398)
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