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- युवा मामले और खेल मंत्रालय
- राज्यों और संघशासित प्रदेशों के खेल और युवा मामलों के मंत्रियों और
सचिवों के सम्मेलन का नई दिल्ली में समापन
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युवा मामले और खेल मंत्रालय25-मई, 2013 19:16 IST
राज्यों और संघशासित प्रदेशों के खेल और युवा मामलों के मंत्रियों और
सचिवों के सम्मेलन का नई दिल्ली में समापन
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खेल और युवा मामलों के राज्य मंत्रियों और संघशासित प्रदेश प्रभारियों के दो दिवसीय सम्मेलन का आज समापन हो गया। सम्मेलन की अध्यक्षता खेल और युवा मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री जितेंद्र सिंह द्वारा की गई। इस अवसर पर विभिन्न राज्य सरकारों और संघशासित प्रदेशों के मंत्री और सचिवों के अलावा प्रख्यात खिलाड़ी, खेल संघों के सदस्य, प्रमुख विश्वविद्यालों के उप कुलपति, प्रमुख व्यापारिक घरानों और उद्योगों के प्रतिनिधि, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
अपने समापन संबोधन में, श्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि खेल में एक अच्छे प्रशासन, बेहतर माहौल और खेल संघों के कामकाज में पारदर्शिता लाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय खेलों में फिक्सिंग और सट्टेबाजी जैसे घोटालों को रोकने के लिए कानून मंत्रालय और गृह मंत्रालय के साथ काम कर रहा था। मंत्री महोदय ने कहा क्योंकि खेल राज्यों का भी मामला है, ऐसे में राज्यों को इस विषय पर विचार-विमर्श की पहल करनी चाहिए कि खेलों में फिक्सिंग और सट्टेबाजी जैसी समस्याओं को काबू करने के लिए कैसे कानून बनाए जाएं। श्री सिंह ने देश में एक समान खेल कानूनों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। श्री जितेंद्र सिंह ने राज्यों को विश्वास दिलाया कि यदि राज्य चाहेंगे तो ऐसे कानून बनाने के लिए उन्हें केंद्र से सभी आवश्यक निर्देश और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। राज्यों ने इस सुझाव पर भी सहमति जताई कि केंद्र राज्यों द्वारा स्वीकार एक आदर्श खेल कानून बनाया जा सकता है।
श्री जितेंद्र सिंह ने खेलों के माध्यम से युवाओं के विकास को समर्थन और प्रोत्साहन देने के अलावा युवाओं से जुड़े कार्यक्रमों और योजनाओं को प्राथमिकता देने का भी आह्वान किया।
सम्मेलन के दौरान कई नई पहलों पर भी विचार-विमर्श किया गया। युवा मामलों के विभाग द्वारा की गई पहलों का भी उल्लेख किया गया। नेहरू युवा केंद्र संगठन का उल्लेख करते हुए मंत्री महोदय ने राज्य/जिला सलाहकार समितियों की नियमित बैठकों की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया और राज्य सरकारों से राज्य/जि़ला एजेंसियों के साथ बेहतर संबंध बनाने के लिए एन.वाई.के.एस. को राज्य स्तर और जि़ला स्तरों पर कार्यालय के लिए स्थान उपलब्ध कराने की अपील की।
उन्होंने कहा कि देश में खेलों को प्रोत्साहन देने के लिए मंत्रालय बड़े स्तर पर पंचायत युवा क्रीड़ा और खेल अभियान (पीवाईकेकेए) को और गति देने की दिशा में पहले से काम कर रहा है। केंद्र सरकार अंदरूनी और बाहरी दोनों तरह की खेल प्रतिस्पर्धाओं में ब्लॉक स्तर पर स्थलों की पहचान करके खेल परिसरों के निर्माण के लिए कोष उपलब्ध कराने में एक अहम भूमिका निभाएगी। ऐसे परिसरों के निर्माण के लिए 1.75 करोड़ रुपये तक की अतिरिक्त धनराशि प्रदान की जाएगी। इस व्यापक प्रयास के लिए करीब 12 हजार 500 करोड़ रुपये की धनराशि का अनुमान लगाया गया है।
श्री जितेंद्र सिंह ने खेल छात्रवृत्तियों के एक नए कार्यक्रम की भी घोषणा की, जिसके अंतर्गत खेल विज्ञान और खेल औषधि के विभिन्न क्षेत्रों में 10 छात्रवृत्तियां दी जाएंगी। सम्मेलन के दौरान "पहचान और खेल प्रतिभा को प्रोत्साहन (आईएनएसईएएल)" नामक एक नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस प्रस्तावित योजना के अंतर्गत प्रत्येक जि़ले में छह से दस वर्ष की आयु के छात्रों के लिए एक विशेष विद्यालय होगा, जिसमें वे खेलों में अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे। ईवाईकेकेए ग्रामीण प्रतियोगिताओं के माध्यम से इस आयु वर्ग के सौ योग्य छात्रों और छात्राओं का चयन किया जाएगा। इन चुने गए छात्रों जि़ला स्तर के खेल विद्यालयों में दाखिले के साथ-साथ रहने, खाने, खेल सुविधाओं के अलावा विद्यालय का शुल्क जैसी सुविधाएं सरकार द्वारा दी जाएंगी।
एन.सी.सी. के महानिदेशक ने भी एन.सी.सी. की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी देते हुए एन.सी.सी. की पहुंच को बढ़ाने के लिए राज्य सरकारों से व्यापक भागीदारी की अपील की।
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वि.कासोटिया/संजीव/सुनीता-2505
(Release ID 22400)
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