विज्ञप्तियां उर्दू विज्ञप्तियां फोटो निमंत्रण लेख प्रत्यायन फीडबैक विज्ञप्तियां मंगाएं Search उन्नत खोज
RSS RSS
Quick Search
home Home
Releases Urdu Releases Photos Invitations Features Accreditation Feedback Subscribe Releases Advance Search
हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
  • पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय
  • स्वच्छ भारत केन्द्रीय दल ने चंपारण में विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर 2 एक समान गड्ढों के निर्माण में सहयोग किया  

 
पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय18-नवंबर, 2017 20:03 IST

स्वच्छ भारत केन्द्रीय दल ने चंपारण में विश्व शौचालय दिवस के अवसर पर 2 एक समान गड्ढों के निर्माण में सहयोग किया

कल आयोजित किए जाने वाले विश्व शौचालय दिवस की प्रक्रिया में  देश भर के राज्यों और जिलों द्वारा व्यवहार परिवर्तन और शौचालय निर्माण गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। इस पहल की अगुवाई में, पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के एक वरिष्ठ केंद्रीय स्तर के दल ने बिहार के पूर्व चंपारण जिले के तुरकौलिया गांव में दो गड्ढों के शौचालयों के निर्माण में ग्रामीणों की सहायता करते हुए श्रमदान किया।

 

      पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के सचिव, श्री परमेश्वरन अय्यर के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारीगण, 17 नवंबर, 2017 को गांव में आये थे। इस अभ्यास का एक उद्देश्य था कि अधिकारियों को एक विस्तारित अवधि के लिए गांव में रहने का अवसर प्रदान करना, ग्रामीणों के साथ सीधे बातचीत करना, व्यवहार परिवर्तन में प्रक्रिया में शामिल होना और देश में सबसे कम स्वच्छता कवरेज जिलों में से एक में उनके तीन दिवसीय कार्यक्रम के दौरान चुनौतियों और आकांक्षाओं पर चर्चा करना।

इस दल ने, चंपारण शताब्दी वर्ष के हिस्से के रूप में "सत्याग्रह से स्वच्छता तक" समारोह को मनाने के लिए चंपारण जिला को चुना। इस दल ने ग्रामीणों को अपने घरों में दो एक समान गड्ढों के शौचालयों का निर्माण और इनका उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित किया। श्रमदान के पहले दिन के पश्चात रात्रि चौपाल में ग्रामीणों के लिए फिल्म, टॉयलेट एक प्रेम कथा के प्रसारण का आयोजन भी किया गया। मंत्रालय और बिहार राज्य के संयुक्त दल ने गांवों में शौचालयों के लिए दो एक समान गड्ढों को खोदने, गड्ढों के अंदर ईंटों को बिछाने और शौचालय निर्माण में श्रमदान किया। कल विश्व शौचालय दिवस पर गांव को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जाएगा। इस दल ने चंपारण में विभिन्न स्मारकों में गांधीजी को श्रद्धांजलि अर्पित की तथा राज्य सरकार द्वारा आयोजित एक ‘मास्टर स्वच्छता प्रशिक्षक’ कार्यशाला में भी भाग लिया।

आज सुबह ही सचिव श्री परमेशवर अय्यर के नेतृत्व में दल ने खुले में शौच की सीमा का आकलन करने के लिए स्थानीय निगरानी समितियों के साथ मिलकर गांव में सतर्क निगरानी की शुरुआत की। इस दल ने खुले में शौच के लिए आए लोगों के साथ एक गहन आपसी बातचीत भी की और उनसे खुले में शौच से होने वाली बीमारियों और महिलाओं के समक्ष आने वाली कठिनाइयों के बारे में चर्चा की। दल ने लोगों को स्वयं के शौचालय बनाने के लिए प्रेरित करने के वास्ते  उनके घरों का भी दौरा किया। ग्रामीण महिलाओं और बच्चों ने अति उत्साह के साथ इस बातचीत में भाग लिया।

तुरकौलिया विद्यालय में इस क्षेत्र की छात्राओं के साथ एक विशेष सत्र का आयोजन किया गया।

विश्व शौचालय दिवस की पहल से बिहार के चंपारण में स्वच्छ भारत कार्यक्रम को प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है जो स्वच्छता कार्यक्रम को गति देने के लिए विशेष प्रयास कर रहा है। ग्रामीणों के साथ उनकी बातचीत में, सचिव श्री अय्यर और उनकी टीम ने सामुदायिक व्यवहार में बदलाव और शौचालय के उपयोग की आवश्यकता पर जोर दिया। ग्रामीणों ने अपने गांवों को जल्द ही खुले में शौचमुक्त बनाने का वायदा करते हुए इस आह्वान का उत्साहपूर्वक समर्थन किया।

 

 ***

 

वीएल/पीकेए/एनके – 5406  

 

(Release ID 69259)


  विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
डिज़ाइन एवं होस्‍ट राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी),सूचना उपलब्‍ध एवं अद्यतन की गई पत्र सूचना कार्यालय
ए खण्‍ड शास्‍त्री भवन, डॉ- राजेंद्र प्रसाद रोड़, नई दिल्‍ली- 110 001 फ़ोन 23389338