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संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय04-जुलाई, 2012 20:25 IST
बादल संगणना सरकार का महत्वपूर्ण एजेंडा : कपिल सिब्बल
बादल सेवाओं के लिए समुचित रूपरेखा और प्रणाली जरूरी
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भारत में बादल सेवाओं के लिए एक सुरक्षित तथा प्रगतिशील पारिस्थितिक तंत्र तैयार करने के लिए सरकार उद्योग और अकादमिक जगत के साथ तालमेल बिठाना चाह रही है। केन्द्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री कपिल सिब्बल ने आज यहां बादल शिखर सम्मेलन 2012 के उद्घाटन के दौरान यह बात कही। शिखर सम्मेलन के मुख्य विषय ‘‘भारतीय बादल क्रांति का सूत्रपात’’ है।
बादल सेवाओं के लिए तकनीकी और अन्य मानकों की रूपरेखा की आवश्यकता, अनुबंध के मानकीकरण, गोपनीयता और सुरक्षा की स्थिति, आदि पर प्रकाश डालते हुए मंत्री महोदय ने उद्योग जगत से आग्रह किया कि वह बादल सेवाओं की स्थापना के लिए जरूरी बातों का पता लगाए। ज्ञान आधारित एक जटिल अर्थव्यवस्था में बादल कंप्यूटिंग को एक अच्छा आर्थिक समाधान बताते हुए मंत्री महोदय ने सुझाव दिया कि लघु और मझोले उद्यम (एसएमई) पर ध्यान केंद्रित किया जा सकता है और इसका प्रारंभिक बिंदु वैसे समूह हो सकते हैं, जिनमें उद्देश्य और दृष्टि की समानता है।
श्री सिब्बल ने इस अवसर पर 'भारतीय बादल क्रांति' पर भारतीय उद्योग परिसंघ (सीआईआई) का श्वेत पत्र भी जारी किया और कहा कि भारत संभावित क्रांति का लाभ लेने के लिए अभी भी समुचित ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया में है।
वि.कसोटिया/पाठक -3083
(Release ID 16307)
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