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हिंदी विज्ञप्तियां
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अन्तर्राष्ट्रीय पुस्तक मेले (एसआईबीएफ) 2013 के दौरे पर
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से संबंधित निगरानी प्रणाली को और सुदृढ़ करेगी
- रेल मंत्रालय
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अप्रैल-मई 2013 में विभिन्न वस्तुओं/उत्पादों की ढुलाई से
रेलवे की आमदनी में वृद्धि
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श्री मल्लिकार्जुन खड़गे ने रेल मंत्रालय का पदभार संभाला
- वस्त्र मंत्रालय
- के एस राव ने कपड़ा मंत्री पद का कार्यभार संभाला
- वित्त मंत्रालय
- सरकार ने सात करोड़ रुपये के एक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश
प्रस्ताव को मंजूरी दी
- केरल राज्य यातायात योजना के लिए भारत और विश्व बैंक के बीच 216 मिलियन डॉलर का करार
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डिजिटल एड्रेसेबल केबल टेलीविज़न सिस्टम्स (डीएएस) के लिए लागू इंटरकनेक्शन विनियम और सभी एड्रेसेबल सिस्टम्स के लिए लागू प्रशुल्क आदेश के संशोधित मसौदे पर राय देने के लिए समय बढ़ाया गया
- स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
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श्रीमती संतोष चौधरी ने केंद्रीय स्वास्थ्य एंव परिवार कल्याण
राज्य मंत्री का पदभार सँभाला
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वित्त मंत्रालय10-जुलाई, 2012 20:10 IST
विदेशों से भारत में विदेशी मुद्रा भेजने पर
सेवा कर लगाने के संबंध में स्पष्टीकरण जारी
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केन्द्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने विदेशों से भारत में विदेशी मुद्रा भेजने पर सेवा कर लगाने के संबंध में आज आवश्यक स्पष्टीकरण जारी किया है। इस बारे में विभिन्न क्षेत्रों से अनेक प्रकार की चिन्ताएं व्यक्त की जा रही हैं।
सीबीईसी ने आज एक परिपत्र के द्वारा बताया कि मामलें की जांच की गई है और यह स्पष्ट किया गया है कि विदेशों से भारत में विदेशी मुद्रा भेजने की राशि पर कोई सेवा कर नहीं लगाया गया है। नकारात्मक सूची में सेवा को वित्त अधिनियम 1994 की धारा 65 बी के खंड (44) यथा संशोधित परिभाषित किया गया है। जिसमें धन के लेन – देन को इससे बाहर रखा गया है। चूकिें धन को भेजने की गतिविधि में कोई सेवा निहित नहीं है इसलिए यह सेवा कर का विषय नहीं है।
ऐसा धन भेजने के मामले में कोई शुल्क या कन्वर्जन प्रभार लगाया जाता है तो उन पर भी सेवा कर लागू नहीं होगा क्योंकि धन भेजने वाला व्यक्ति और प्रेषण करने वाले कंपनी दोनों ही भारत से बाहर स्थित हैं। सेवा नियम 2012 के प्रावधानों के अनुसार ऐसी सेवाओं कों भारत से बाहर उपलब्ध कराया गया माना जाता है इसलिए वे सेवा कर लगाने योग्य नहीं है।
आगे यह स्पष्ट किया गया है कि भारतीय समकक्ष बैंक या वित्तीय संस्थान जो धन प्राप्त करने पर उपलब्ध कराई गई सेवा के लिए विदेशी बैंक या किसी अन्य इकाई से प्रभार लेता है, उसको सेवा कर नहीं देना होगा क्योंकि इस प्रकार की सेवा का स्थान सेवा नियमों के प्रावधान के स्थान के नियम 3 के अंतर्गत भारत से बाहर होगा।
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(Release ID 16375)
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