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हिंदी विज्ञप्तियां
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भारतीय श्रम सम्मलेन के 45वें सत्र में प्रधानमंत्री का भाषण
- अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय
- सरकार अल्पसंख्यकों को रियायती दर पर अधिक से अधिक ऋण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध।
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सुविधाओं के उन्नयन और नई सुविधाओं का निर्माण
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सेल और आरआईएनएल को आयात के लिए जहाज किराये पर
लेने की अनुमति देने का प्रस्ताव मंजूर
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243 लाख टन से अधिक गेहूँ की सरकारी खरीद की गई
- कृषि मंत्रालय
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- वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
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श्री आनंद शर्मा की जापान के
प्रधानमंत्री से भेंट
- श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
- तीव्र और समावेशी विकास के लिए कुशल श्रम शक्ति
आधारभूत आवश्यकता --- प्रधानमंत्री
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प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालय21-सितम्बर, 2012 19:54 IST
प्रवासी भारतीयों के संबंध में राज्यों के साथ 5वीं परामर्श बैठक सम्पन्न
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प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालय ने आज राज्यों के साथ 5वीं परामर्श बैठक संपन्न की। श्री परवेज़ दीवान, सचिव प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालय की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में प्रवास से जुड़े विषयों और प्रवासी भारतीयों से संबंधित प्रभावी मुद्दों के संबंध में राज्यों को मंत्रालय द्वारा आवश्यक सहयोग देने संबंधी मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। बैठक में प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालय, विदेश मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और प्रमुख कामगार भेजने वाले राज्यों जैसे- असम, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, पंजाब, राजस्थान, बिहार, गोवा, गुजरात, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, ओड़ीशा, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों को बैठक में आमंत्रित किया गया था।
बैठक में राज्यों को अवगत कराया गया कि सरकार ने अप्रवासी भारतीयों को बेहतर लाभ पहुंचाने के लिए भारतीय समुदाय कल्याण निधि (आईसीडब्ल्यूएफ) में संशोधन किये हैं। इसके अनुसार एचओएम द्वारा भोजन व्यवस्था करने के लिए सहायता 15 से बढ़ाकर 30 दिन कर दी गई है। मेज़मान देशों में भारतीय नागरिकों के प्रथमदृष्टया दोषी न होने पर अवैध रूप से रूकने पर दंड का भुगतान और जेल/नजरबंदी केन्द्रों में भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए छोटे दंड का भुगतान शामिल है। इसके अतिरिक्त जिन देशों में अप्रवासी भारतीयों की संख्या एक लाख से अधिक हो उन देशों में स्थानीय अप्रवासी भारतीय संघ स्थापित करने के लिए सहयोग प्रदान करना और 20 हजार भारतीय छात्रों से अधिक वाले देशों में प्रवासी भारतीय समुदाय छात्र कल्याण केन्द्र शुरू करने और संचालन करने में सहायता प्रदान की जाती है।
राज्यों के प्रतिनिधियों को सूचित किया गया कि पिछले तीन वर्षों के दौरान आईसीडब्ल्यूएफ द्वारा 21.07 करोड़ रूपये के व्यय से 19,179 भारतीयों की मदद की गई हैं। राज्यों से इस येाजना को पर्याप्त प्रचार देने का अनुरोध किया गया। प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालय ने प्रवास को सीधा, पारदर्शी, सुव्यवस्थित और मानवीय प्रक्रिया बनाने के लिए ई-माईग्रेट परियाजना की शुरूआत की है। इस परियोजना के प्रयासों से भारत से नियमित प्रवास को मजबूती और अवैध अप्रवास के जोखिम को कम करने में सहायता मिलेगी।
राज्यों से प्रस्तावित अप्रवासियों के बीच महात्मा गांधी प्रवासी सुरक्षा योजना जिसके अंतर्गत प्रवासी भारतीयों को पेंशन, वापसी पर एक राशि और 5 वर्ष की अवधि के लिए पूनर्वास और जीवन-बीमा प्रदान किया जाता है के कार्यान्वयन के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए अनुरोध किया गया। इसके अतिरिक्त राज्यों से प्रवासी भारतीय मामलों के मंत्रालय की अनियमित विदेशी अप्रवास को रोकने, अनियमित अप्रवास को रोकने के लिए नियमित प्रचार करने और मंत्रालय की अप्रवास संसाधन केन्द्र के लिए स्थान प्रदान करने में सहायता देने का अनुरोध किया गया है।
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मीणा/जुयाल/सुनील -4640
(Release ID 17951)
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