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हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
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  • बुद्ध पूर्णि‍मा के अवसर पर राष्‍ट्रपति‍की शुभकामनाएं   
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  • राष्‍ट्रीय एड्स नियंत्रण सहायता परियोजना को कैबिनेट समिति की मंजूरी  
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  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्‍य पिछड़े वर्गों के लिए बैकलॉग आरक्षित रिक्तियों की भर्ती के लिए चलाए गए विशेष भर्ती अभियान की समीक्षा  
  • आयकर वि‍भाग का पुनर्गठन  
  • कृषि मंत्रालय
  • 60 लाख हेक्‍टेयर ज़मीन पर खरीफ फसलों की खेती  
  • कार्मिक मंत्रालय, लोक शिकायत और पेंशन
  • अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्‍य पिछड़े वर्गों के लिए बैकलॉग आरक्षित रिक्तियों की भर्ती के लिए चलाए गए विशेष भर्ती अभियान की समीक्षा  
  • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  • अन्‍तर्राष्‍ट्रीय बाजार में भारतीय बास्‍केट के लिए कच्‍चे तेल की कीमत 23.05.2013 को घटकर 99.37 अमरीकी डॉलर प्रति बैरल हुई   
  • योजना आयोग
  • भारतीय विशिष्‍ट पहचान प्राधिकरण द्वारा आधार से जुड़ी नई सेवाओं (आँख की पुतलियों द्वारा सत्‍यापन, वन टाइम पिन द्वारा सत्‍यापन और ई-के वाई सी) तथा स्‍थायी पंजीकरण केंद्रों का शुभारंभ   
  • वित्त मंत्रालय
  • आयकर वि‍भाग का पुनर्गठन  
  • शिपिंग मंत्रालय
  • बंदरगाह मूल सुविधा सुधार परियोजनाओं के लिए सुरक्षा एजेंसियों को समय पर सुरक्षा अनुमति जारी करने के निर्देश   
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
  • नागालैंड में दीमापुर से कोहिमा तक के राष्‍ट्रीय राजमार्ग-39 को 4 लेन का बनाने के लिए अंतिम अनुमोदन   
  • सड़क क्षेत्र के विकास में बाधाएं दूर की गईं   
  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
  • जननी शि‍शु सुरक्षा कार्यक्रम- माता एवं नवजात शि‍शुओं का बचाव   
  • श्री गुलाम नबी आज़ाद ने पूरी की स्‍वीडन की दो दि‍वसीय यात्रा   
  • राष्‍ट्रीय एड्स नियंत्रण सहायता परियोजना को कैबिनेट समिति की मंजूरी  
  • संस्कृति मंत्रालय
  • मलयालम भाषा को शास्‍त्रीय भाषा में वर्गीकृत किया गया   

 
वित्त मंत्रालय21-सितम्बर, 2012 19:55 IST

अपराधियों के अपराध करने से पहले उन्‍हें पकड़ने के लिए निवारक और सक्रिय सतर्कता को बढ़ावा देने की ज़रूरत- सतर्कता आयुक्‍त

केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी) के सतर्कता आयुक्‍त श्री जे.एम.गर्ग ने ज़ोर देकर कहा है कि सतर्कता के नकारात्‍मक संबंधी विचारों को कम करने की ज़रूरत है। इसके लिए निवारक और सक्रिय सतर्कता को बढ़ावा देने की ज़रूरत है ताकि अपराधियों को अपराध करने से पहले ही पकड़ा जा सके। उन्‍होंने केंद्रीय उत्‍पाद और सीमा शुल्‍क बोर्ड (सीबीईसी) को सलाह दी कि सतर्कता कार्रवाई में देरी से बचा जाना चाहिए। उन्‍होंने कहा अनुशासनात्‍मक प्राधिकरणों को पारदर्शी और काम के लिए समर्पित रहकर उदाहरण स्‍थापित करने चाहिए। श्री गर्ग कल 'पारदर्शी और मज़बूत सतर्कता तंत्र' पर दो दिवसीय गोष्‍ठी का शुभारंभ करने के बाद बोल रहे थे। राजस्‍व सचिव श्री सुमित बोस, सीबीईसी की अध्‍यक्ष सुश्री प्रवीण महाजन तथा सीबीईसी के सभी सदस्‍य, सीबीईसी के मुख्‍य आयुक्‍त और महानिदेशक तथा अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी भी इस अवसर पर मौजूद थे। केंद्रीय उत्‍पाद एवं सीमा शुल्‍क बोर्ड ने हेबिटेट सेंटर ,नई दिल्‍ली में 20 और 21 सितंबर,2012 को दो दिवसीय गोष्‍ठी का आयोजन किया था। इसका उद्देश्‍य सीबीईसी, सीवीसी और सीबीआई के वरिष्‍ठ अधिकारियों के साथ खुली बातचीत करके सतर्कता तंत्र में सुधार लाना था।

आज गोष्‍ठी के दूसरे दिन सीबीआई के निदेशक श्री ए पी सिंह तथा राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग के अध्‍यक्ष और पूर्व मुख्‍य सूचना आयुक्‍त श्री वज़हत ह‍बीबुल्‍लाह ने भी अधिकारियों को संबोधित किया।

सीबीआई के निदेशक श्री ए.पी.सिंह ने अंतरराष्‍ट्रीय पारदर्शिता सूचकांक में भारत के गिरते स्‍तर पर चिंता व्‍यक्‍त की। उन्‍होंने कहा कि ई- टेंडरिंग की शुरूआत करने, सूचना के प्रकटन आदि के जरिए पारदर्शिता को बढ़ाया जा सकता है।

राष्‍ट्रीय अल्‍पसंख्‍यक आयोग के अध्‍यक्ष श्री वज़हत हबीबुल्‍लाह ने विभाग की अंदरूनी प्रणाली को सुधारने और भ्रष्‍टाचार को कम करने के लिए आरटीआई की प्रासंगिकता के बारे विस्‍तार से बताया । उन्‍होंने बताया कि प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की ज़रूरत है।

राजस्‍व सचिव श्री सुमित बोस ने बेहतर प्रणाली के लिए प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल की ज़रूरत पर सहमति जताई। उन्‍होंने ऐसा माहौल बनाने की ज़रूरत पर भी बल दिया जहां ईमानदार प्रशासक बिना किसी डर के काम सके।

सीबीईसी की अध्‍यक्ष प्रवीण महाजन ने सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के इस्‍तेमाल के जरिए सीबीईसी को आसान और पारदर्शी कर प्रशासन बनाने के लिए सीबीईसी द्वारा किए गए उपायों की जानकरी दी।

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मीणा/ प्रियंका/4637
(Release ID 17952)


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