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नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय07-फरवरी, 2014 19:52 IST

सौर परियोजनाओं के लिए विश्व बैंक की सहायता

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 4,000 मेगावाट की कुल क्षमता वाली वृहद सौर ऊर्जा परियोजना के पहले चरण के 750 मेगावाट की परियोजना के अमल के लिए विश्व बैंक से 500 मिलियन डॉलर की सहायता के लिए आर्थिक मामलों के विभाग को एक प्रस्ताव भेजा है। यह परियोजना राजस्थान के संभर में हिंदुस्तान सॉल्ट्स लिमिटेड की खाली पड़ी जमीन पर स्थापित की जाएगी, जिसमें 1085 मिलियन डॉलर का अनुमानित खर्च आएगा।

यह परियोजना सार्वजनिक क्षेत्र की छह कंपनियों भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड, भारतीय सौर ऊर्जा निगम, हिंदुस्तान सॉल्ट्स लिमिटेड, पावरग्रिड, सतलुज जल विद्युत निगम लिमिटेड और राजस्थान इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंट्स लिमिटेड के संयुक्त उद्यम में लगाने का प्रस्ताव है। इस बारे में हाल ही में सार्वजनिक क्षेत्र की इन कंपनियों ने एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

आर्थिक मामलों का विभाग इस प्रस्ताव के प्रक्रियात्मक संचालन में लगा है और उसके द्वारा इसे आगे भेजे जाने पर विश्व बैंक इस पर विचार कर सकता है।

सरकार ने देश में सौर ऊर्जा क्षेत्र के विकास के लिए 11वीं और 12वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान विश्व बैंक से कोई ऋण नहीं प्राप्त किया है।

नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री डॉ फारूक अब्दुल्ला ने आज लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।

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वि.कासोटिया/एवी/एपीएस-537
(Release ID 26683)


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