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वित्त मंत्रालय28-अगस्त, 2014 10:21 IST

श्री नरेंद्र मोदी आज प्रधानमंत्री जन धन योजना का शुभारंभ करेंगे। बेसिक मोबाइल फोन पर मोबाइल बैंकिंग सुविधा राष्ट्र को समर्पित की जाएगी

प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएनजीडीवाई) का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर प्रौद्योगिकी वित्तीय साक्षरता नाम की एक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। श्री नरेंद्र मोदी इस प्रदर्शनी को द

      प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी आज राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित एक समारोह में प्रधानमंत्री जन धन योजना (पीएनजीडीवाई) का शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर प्रौद्योगिकी वित्तीय साक्षरता नाम की एक प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। श्री नरेंद्र मोदी इस प्रदर्शनी को देखने जाएंगे। वित्तीय समावेशननाम की एक फिल्म भी दिखाई जाएगी। प्रधानमंत्री वित्तीय समावेशन के बारे में एक लोगो और मिशन दस्तावेज का विमोचन भी करेंगे। वे लोगो प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कार भी वितरित करेंगे और इस अवसर पर पांच लाभार्थियों को अकाउंट ओपनिंग किटअर्थात् बैंक खाते संबंधी दस्तावेज प्रदान करेंगे।

      केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली, वित्त राज्यमंत्री सुश्री निर्मला सीतारमन, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव, केबिनेट सचिव और रिजर्व बैंक के गवर्नर तथा अन्य अनेक गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर मौजूद होंगे।

      पीएमजेडीवाई के अंतर्गत 6 स्तंभों के अंतर्गत व्यापक वित्तीय समावेशन का लक्ष्य हासिल करने का प्रस्ताव है।

 

 

प्रथम चरण (15 अगस्त, 2014-14 अगस्त, 2015) -

        बैंकिंग सुविधाओं तक सबकी पहुंच सुनिश्चित करना।

        6 महीने बाद रुपये 5000 की ओवरड्राफ्ट सुविधा के साथ बुनियादी बैंक खाते और एक लाख रुपये के अंतर्निहित दुर्घटना बीमा कवर के साथ रुपया डेबिट कार्ड और रुपया किसान कार्ड सुविधा प्रदान करना।

        वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम

 द्वितीय चरण (15 अगस्त, 2015-15 अगस्त, 2018)

        ओवर ड्राफ्ट खातों में चूक कवर करने के लिए क्रेडिट गारंटी फंड की स्थापना।

        सूक्ष्म बीमा

        स्वावलम्बन जैसी असंगठित क्षेत्र बीमा योजना।

इसके अतिरिक्त इस चरण में पर्वतीय, जनजातीय और दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को शामिल किया जाएगा। इतना ही नहीं, इस चरण में परिवार के शेष व्यस्क सदस्यों और विद्यार्थियों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

      औसतन 3-4 गांवों के 1000-1500 परिवारों वाले देश के सभी ग्रामीण और अर्ध शहरी क्षेत्रों को सब-सर्विस एरिया (एसएसए) में शामिल करने का प्रस्ताव है। इसमें पूर्वोत्तर/पर्वतीय राज्यों को छूट दी जाएगी।

      यह प्रस्ताव है कि अगले 3 वर्षों में प्रत्येक केंद्र की व्यवहार्यता को देखते हुए 2000 से अधिक आबादी वाले 74000 गांवों को स्वावलम्बन अभियान के अंतर्गत व्यापार प्रतिनिधियों द्वारा कवर किया जाएगा और ऐसे केंद्रों को पूर्ण शाखाओं के रूप में परिवर्तित करने पर विचार किया जाएगा जहां 1+1 / 1+2 कर्मचारी काम कर रहे हों।

      समूचे देश में सभी 6 लाख गांवों को सर्विस एरिया के साथ जोड़ा जाएगा, जिनमें प्रत्येक बैंक सब-सर्विस एरिया वाले 1000 से 1500 परिवारों की जरूरतें एक निश्चित बैंकिंग बिंदु से करेगा। यह प्रस्ताव है कि सब-सर्विस क्षेत्रों को बैंकिंग केंद्रों अर्थात् शाखा बैंकिंग और शाखा रहित बैंकिंग के जरिए कवर किया जाएगा। शाखा बैंकिंग का अर्थ है, ईंट गारे से बना परंपरागत शाखाएं। शाखा रहित बैंकिंग के अंतर्गत एक नियत बिंदु व्यापार प्रतिनिधि एजेंट की सेवाएं शामिल हैं जो बुनियादी बैंकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए बैंक के प्रतिनिधि के रूप में काम करेगा।

      योजना की कार्यान्वयन नीति यह है कि वर्तमान बैंकिंग ढांचे का उपयोग किया जाए और सभी परिवारों को कवर करने के लिए उसका विस्तार भी किया जाए। ग्रामीण और शहरी दोनों ही क्षेत्रों में अब तक कवर न हुए परिवारों के बैंक खाते खोलने के लिए मौजूदा बैंकिंग नेटवर्क को भलीभांति तैयार किया जाएगा। विस्तार कार्य के अंतर्गत 50000 अतिरिक्त व्यापार प्रतिनिधियों की व्यवस्था, 7000 से अधिक शाखाओं और 20000 से अधिक नए एटीएम भी पहले चरण के दौरान स्थापित करने का प्रस्ताव है।

      यह देखा गया था कि सुप्त खातों पर बैंकों की लागत अधिक आती है और लाभार्थियों को कोई लाभ नहीं होता। इस तरह बड़ी संख्या में खोले गए खातों के सुप्त पड़े रहने के पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए व्यापक योजना अनिवार्य है।

      अतः नए कार्यक्रम में सभी सरकारी लाभों (केंद्र/राज्य/स्थानीय निकाय) को बैंकों के जरिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण प्रणाली के तहत लाने का प्रस्ताव है। इसके अंतर्गत एलपीजी योजना में डीबीटी फिर शामिल की जाएगी। ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा प्रायोजित महात्मा गांधी नरेगा कार्यक्रम को भी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण योजना में शामिल किए जाने की संभावना है।

      योजना के कार्यान्वयन में विभाग की सहायता के लिए एक परियोजना प्रबंधन परामर्शदाता/समूह की सेवाएं ली जाएंगी।

      यह भी प्रस्ताव है कि कार्यक्रम को दिल्ली में राष्ट्रीय स्तर पर और प्रत्येक राज्य की राजधानी तथा सभी जिला मुख्यालयों में एक साथ शुरू किया जाए।

      कार्यक्रम की प्रगति की रिपोर्टिंग/निगरानी के लिए एक वेब पोर्टल भी स्थापित किया जाएगा। विभिन्न पक्षों जैसे केंद्र सरकार, राज्य सरकारों के विभागों, रिजर्व बैंक, नाबार्ड, एनपीसीआई और अन्य की भूमिकाओं को परिभाषित किया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों के व्यापार प्रतिनिधियों के रूप में ग्राम दल सेवकों की नियुक्ति का प्रस्ताव है।

      दूर संचार विभाग से अनुरोध किया गया है कि वह कनेक्टिविटी कम होने या न होने की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित करे। उन्होंने सूचित किया है कि 2011 की जनगणना के अनुसार देश के 5.93 लाख गांवों में से करीब 50000 दूर संचार सम्पर्क के अंतर्गत कवर नहीं किए गए हैं।

***

 

 वि.कासोटिया/डीके/एम -3393

 

(Release ID 29954)


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