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रक्षा मंत्रालय14-सितम्बर, 2014 19:16 IST

सेना के जवानों ने अब तक 1,84,000 से भी ज्‍यादा लोगों को बचाया

कई और भारी-भरकम जल निकासी पंप हवाई मार्ग से घाटी भेजे जा रहे हैं

सेना के जवानों और एनडीआरएफ ने भीषण बाढ़ से तबाह जम्‍मू-कश्‍मीर में अपने राहत एवं बचाव कार्यों के तहत राज्‍य के विभिन्‍न हिस्‍सों में अब तक 1,84,000 से भी ज्‍यादा लोगों की जान बचाई है।

जल को शुद्ध करने वाली 13 टन टैबलेट और हर दिन 1.2 लाख बोतलों को फिल्‍टर करने की क्षमता रखने वाले छह संयंत्र पहले ही श्रीनगर पहुंच गए हैं। विशाखापत्‍तनम से रवाना किए गए जल निकासी पंप समेत इंजीनियरिंग स्‍टोर भी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र पहुंच गए हैं। कई और भारी-भरकम जल निकासी पंप आज जोधपुर और रायपुर से हवाई मार्ग के जरिये घाटी भेजे जा रहे हैं। इसी तरह दिल्‍ली से सीवेज पंप घाटी के लिए रवाना किए जा चुके हैं। राहत शिविरों और फील्‍ड हॉस्पिटल में बिजली की आपूर्ति बढ़ाने के लिए 3 से 5 केवीए की क्षमता वाले 30 जेनरेटर सेट भी श्रीनगर भेज दिए गए हैं। राज्‍य में संचार प्रणालियों को दुरुस्‍त करने के लिए बीएसएनएल के संचार उपकरण वहां भेजे जा रहे हैं।

बाढ़ से पीडि़त लोगों के बीच 8,200 कंबल बांटे गए हैं। इसी तरह इन लोगों को 1392 टेंट मुहैया कराए गए हैं। सशस्‍त्र बल चिकित्‍सा सेवाओं की 80 टीम जोर-शोर से अपने काम में जुट गई हैं। अवंतिपुर, पट्टन, अनंतनाग और ओल्‍ड एयरफील्‍ड में चार फील्‍ड हॉस्पिटल खोले गए हैं जहां रोगियों को चिकित्‍सा सेवा मुहैया कराई जा रही है। अब तक इन्‍होंने 51,476 मरीजों का इलाज किया है। पटना, दिल्ली, अहमदाबाद एवं अमृतसर से खाद्य पैकेट और आईआरसीटीसी की ओर से पानी की बोतलें तथा कंबल और टेंट समेत कुछ और राहत सामग्री हवाई मार्ग से वहां भेजी जा रही है।

भारतीय वायु सेना और आर्मी एविएशन कोर के 84 परिवहन विमान एवं हेलिकॉप्‍टर राहत और बचाव कार्य में लगे हुए हैं। सेना ने तकरीबन 30 हजार सैनिकों को राहत और बचाव कार्यों में लगाया है। रक्षाकर्मी बड़े पैमाने पर पानी की बोतलें और खाद्य पैकेट वितरित कर रहे हैं। अब तक 5,08,000 लीटर पानी एवं 3,10,000 खाद्य पैकेट और 1054 टन से ज्‍यादा पके खाद्य पदार्थ बाढ़ पीडि़तों के बीच वितरित किए जा चुके हैं।

रक्षाबलों ने श्रीनगर और जम्मू क्षेत्र में 19 राहत शिविर भी लगाए हैं। श्रीनगर क्षेत्र में बीबी कैंट, अवंतिपुर, ओल्ड एयरफील्ड, सुम्बल, छत्रगाम और जीजामाता मंदिर में शिविर लगाए गए हैं, जहां बाढ़ की त्रासदी से बचाए गए हजारों लोगों ने शरण ले रखी है। इन सभी को खाद्य पदार्थ एवं अन्य बुनियादी सुविधाएं मुहैया करायी जा रही हैं।

सड़क संपर्क बहाल करने के लिए सीमा सड़क संगठन के पांच कार्यदल, जिनमें 5700 कर्मी शामिल हैं, श्रीनगर, रजौरी और अखनूर में तैनात किए गए हैं। वे अब तक बटोटे-किश्‍तवार और श्रीनगर-सोनामार्ग सड़क संपर्कों को सफलतापूर्वक बहाल कर चुके हैं। श्रीनगर-बारामूला सड़क को हल्के वाहनों के लिए खोला जा रहा है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थितियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। इसके साथ ही नई दिल्‍ली स्थित आईडीएस के मुख्‍यालय में सुधरते हालात को अपडेट किया जा रहा है।

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वि.कासोटिया/आरआरएस/सीएस-3716
(Release ID 30315)


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