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संस्कृति मंत्रालय29-जनवरी, 2015 17:11 IST

प्रख्‍यात गायक, संगीतकार, गीतकार एवं अभिनेता शेखर सेन संगीत नाटक अकादमी के अध्‍यक्ष नियुक्‍त किए गए

श्री शेखर सेन संगीत नाटक अकादमी के अध्‍यक्ष नियुक्‍त किए गए हैं। शेखर सेन जाने माने गायक, अभिनेता, नाट्य निर्देशक, संगीतकार एवं गीतकार हैं।

संस्‍कृति मंत्रालय द्वारा 28 जनवरी, 2015 को जारी आदेश के अनुसार श्री शेखर सेन तत्‍काल प्रभाव से पांच वर्षों के लिए संगीत नाटक अकादमी के अध्‍यक्ष नियुक्‍त किए गए हैं। श्री सेन ने अनुसंधान मुखी अनेक संगीत कार्यक्रम किए हैं और 1983 से ही गायक, गीतकार एवं संगीतकार के रूप में शानदार भजन एल्‍बम प्रस्‍तुत कर रहे हैं। श्री सेन 'तुलसी', 'कबीर', 'विवेकानंद', 'सन्‍मति', 'साहब' और 'सूरदास' जैसे प्रसिद्ध नाटकों में अपने मोनो (एकल) अभिनय संगीत नाटक के लिए प्रसिद्ध हैं।

श्री शेखर सेन को पद्म श्री सहित अनेक प्रतिष्‍ठित पुरस्‍कार तथा राज्‍य स्‍तर के पुरस्‍कार मिले हैं।

श्री शेखर सेन- परिचय

श्री सेन मजे हुए गायक, संगीत निर्देशक, गीतकार और अभिनेता हैं। उन्‍होंने संगीत निर्देशक के रूप में कैरियर के रूप शुरुआत की और फिर भजनों के संगीत निर्देशन की ओर मुड़े। उन्‍होंने गायक, गीतकार एवं संगीतकार के रूप में अनेक भजन एल्‍बम दिए हैं। श्री सेन ने 'तुलसी', 'कबीर', 'विवेकानंद', 'सन्‍मति', 'साहब' और सूरदास जैसे प्रसिद्ध नाटकों में अपना मोनो (एकल) अभिनय संगीत नाटक प्रस्‍तुत किया है। श्री सेन ने अनुसंधान मुखी संगीत कार्यक्रम भी किए हैं। इनमें 'दुष्‍यंत ने कहा था', 'मध्‍ययुगीन काव्‍य', 'पाकिस्‍तान का हिन्‍दी काव्‍य', 'मीरा से महादेवी तक' शामिल हैं।

श्री सेन की प्रस्‍तुतियों को भारत में तथा अमेरिका, ब्रिटेन, बेल्‍जियम, सूरीनाम, सिंगापुर, जर्काता, हांगकांग, दक्षिण अफ्रीका, संयुक्‍त अरब अमीरात, मारीशस एवं त्रिनिदाद में काफी सराहा गया है।

श्री सेन ने अनेक गायन कन्‍सड में अपना प्रस्‍तुतिकरण दिया है। उन्‍होंने मोनो अभिनय संगीत नाटक 'कबीर' लोकसभा में भी पेश किया। उनके एकल अभिनय संगीत नाटक की भारत और विदेशों में काफी प्रशंसा हुई है।

भारत के राष्‍ट्रपति ने कला के क्षेत्र में श्री शेखर सेन को पद्म श्री पुरस्‍कार देने की स्‍वीकृति दी है। उन्‍हें उत्‍तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी द्वारा 2001 में थियेटर के क्षेत्र में योगदान के लिए सफदर हासमी पुरस्‍कार प्रदान किया गया था। महाराष्‍ट्र राज्‍य हिंदी साहित्‍य अकादमी ने उन्‍हें 2008 में वी. शांताराम सम्‍मान दिया।

वि.कासोटिया/एएम/डीटी/सीसी -437
(Release ID 33451)


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