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तिथि माह वर्ष
  • राष्ट्रपति सचिवालय
  • चार राष्ट्रों के राजदूतों ने भारत के राष्ट्र पति को अपने परिचय पत्र पेश किए  
  • भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द जी का ‘वतन को जानो’ कार्यक्रम में भाग लेने वाले युवाओं को संबोधन   
  • प्रधानमंत्री कार्यालय
  • प्रधानमंत्री ने ‘कृषि‍-2022: किसानों की आय दोगुनी करने’ पर आयोजित राष्‍ट्रीय सम्‍मेलन को संबोधित किया     
  • प्रधानमंत्री 21 फरवरी को लखनऊ में उत्तर प्रदेश निवेशक शिखर सम्‍मेलन का उद्घाटन करेंगे  
  • मंत्रिमंडल
  • राष्‍ट्रीय शहरी आवास कोष के गठन को मंत्रिमंडल की मंजूरी   
  • हरियाणा के गुरुग्राम में भारतीय रक्षा विश्‍वविद्यालय की भूमि के पास बस-बे के निर्माण को मंत्रिमंडल की मंजूरी   
  • मंत्रिमंडल ने भारत और इस्राइल के बीच फिल्मों के सह-निर्माण के समझौते का अनुमोदन किया  
  • केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने ओडिशा के अनुरोध पर महानदी जल विवाद-अंतरराज्यीय नदी विवाद कानून, 1956 के अंतर्गत न्यायाधिकरण के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी  
  • केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने रेलवे क्षेत्र में भारत-मोरक्‍को सहयोग समझौते को मंजूरी दी  
  • केन्द्रीय मंत्रिमंडल ने अनियमित जमा योजना और चिट फंडों (संशोधन) पर प्रतिबंध लगाने के नए विधेयक, 2018 को मंजूरी दी  
  • आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए)
  • मुजफ्फरपुर-सगौली और सगौली-वाल्‍मिकीनगर लाइनों का विद्युतीकरण सहित दोहरीकरण  
  • चारधाम महामार्ग परियोजना के तहत उत्‍तराखंड में सिल्‍कयारा बेंद बारकोट टनल को मत्रिमंडल की मंजूरी  
  • झांसी-माणिकपुर और भीमसेन-खैरार लाइनों का विद्युतीकरण सहित दोहरीकरण  
  • जेपोर-मलकानगिरी नई लाइन परियोजना  
  • मुज्जफरपुर-सगौली और सगौली-वाल्मीकि नगर मार्ग का दोहरीकरण तथा विद्युतीकरण  
  • झांसी- माणिकपुर और भीमसेन-खैरार रेल मार्ग का दोहरीकरण तथा विद्युतीकरण  
  • मंत्रिमंडल ने कर्नाटक में राष्ट्रीय राजमार्ग- 275 के नीदागट्टा-मैसूरु सेक्शन को छह लेन करने की मंजूरी दी  
  • मंत्रिमंडल द्वाराकोयला खान (विशेष उपबंध) अधिनियम 2015 और खान एवं खनिज (विकास और नियमन) अधिनियम 1957के तहत कोयले की बिक्री के लिए खदानों/ब्लॉकों की नीलामी प्रक्रिया को मंजूरी  
  • भटनी-औरनिहार लाइन का विद्युतीकरण और दोहरीकरण   
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय
  • श्रीमती हरसिमरत कौर बादल ने ऑपरेशन ग्रीन्‍स के तौर-तरीकों पर चर्चा करने के लिए हितधारकों के साथ मुलाकात की  
  • पेयजल एवं स्वच्छता मंत्रालय
  • केन्‍द्र सरकार की ओर से उत्तराखंड में जल एवं स्‍वच्‍छता को काफी बढ़ावा, सुश्री उमा भारती ने गंगा ग्राम, नई स्‍वजल परियोजना और गंगोत्री स्वच्छ प्रतीक स्‍थल  का शुभारंभ किया  
  • महिला और बाल विकास मंत्रालय
  • संसद भवन में शिशु सदन सुविधा की शुरूआत शीघ्र  
  • रक्षा मंत्रालय
  • डीएसी ने 1850 करोड़ रुपये के बराबर की खरीद को मंजूरी दी  
  • रेल मंत्रालय
  • मुजफ्फरपुर-सगौली और सगौली-वाल्‍मिकीनगर लाइनों का विद्युतीकरण सहित दोहरीकरण  
  • झांसी-माणिकपुर और भीमसेन-खैरार लाइनों का विद्युतीकरण सहित दोहरीकरण  
  • जेपोर-मलकानगिरी नई लाइन परियोजना  
  • भटनी-औंडिहार लाइन का विद्युतीकरण सहित दोहरीकरण  
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  • 11वें मंत्रिस्‍तरीय सम्‍मेलन चरण के बाद डब्‍ल्‍यूटीओ पर 19-20 फरवरी, 2018 को चिंतन बैठक आयोजित  
  • विद्युत मंत्रालय
  • श्री आर. के. सिंह ने भारतीय विद्युत क्षेत्र में उभरते अवसरों और अनुसंधान एवं विकास की चुनौतियों पर आयोजित ‘अंतर्राष्‍ट्रीय आरएंडडी सम्‍मेलन’ का उद्घाटन किया  
  • श्रम एवं रोजगार मंत्रालय
  • कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम की 173वीं बैठक सम्‍पन्‍न ईएसआइसी विजन 2022 सैद्धांतिक रूप से अनुमोदित 2022 तक 10 करोड़ कामगारों तक पहुँचने का लक्ष्‍य भुवनेश्‍वर और रायगढ़ में नए अस्‍पताल स्‍वीकृत  
  • संचार मंत्रालय
  • भारतीय डाक द्वारा ऑनलाइन उपभोक्ता सर्वेक्षण की शुरूआत  
  • संस्कृति मंत्रालय
  • स्‍वच्‍छता पर फोकस के साथ वाराणसी 21 एवं 22 फरवरी को दो दिवसीय संस्‍कृति महोत्‍सव ‘स्‍वच्‍छाग्रह-बापू को कार्यांजलि’ का आयोजन करेगा   

 
मानव संसाधन विकास मंत्रालय27-जनवरी, 2016 19:34 IST

केन्द्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान को नई श्रेणी के तहत 5 वर्ष की अस्थायी अवधि के लिए मानित विश्वविद्यालय की मान्यता

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के परामर्श पर केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर के लेह (लद्दाख) स्थित चोगलामसर के केन्द्रीय बौद्ध अध्ययन संस्थान (सीआईबीएस) को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 के प्रकाश में मानित विश्वविद्यालय घोषित किया है। यह घोषणा नई श्रेणी के तहत 5 वर्ष की अस्थायी अवधि के लिए की गई है। इसके तहत यह अवधि सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी और तिब्बती औषधि एवं ज्योतिष विभाग, धर्मशाला के पाठ्यक्रमों/कार्यक्रमों से सीआईबीएस की असम्बद्धता की तारीख से शुरू होगी।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग विशेषज्ञ समिति द्वारा 5 वर्ष के लगातार वार्षिक कामकाज के आधार पर दी जाने वाली रिपोर्ट के मद्देनजर सीआईबीएस की मानित विश्वविद्यालय की मान्यता निश्चित की जाएगी। भारत के गजट खंड 1, वर्ग 1 में प्रकाशित होने के लिए 15 जनवरी, 2016 को इसके संबंध में अधिसूचना जारी की गई।

यह घोषणा निम्नलिखित आधारों पर मान्य होगी-

1. विश्वविद्यालय आयोग नियमन (मानित विश्वविद्यालय संस्थान) 2010 में वर्ष 2014 और 2015 में होने वाले संशोधन तथा समय-समय पर मानित विश्वविद्यालयों के संबंध में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के संशोधन और दिशा-निर्देश सीआईबीएस पर बाध्यकारी होंगे।

2. उपरोक्त के अलावा इस घोषणा के अन्य आधार इस प्रकार हैं-

i) सीआईबीएस यूजीसी/भारत सरकार की सलाह से आवश्यकता पड़ने पर अपने मेमोरेंडम ऑफ एसोसिएशन रूल्स में संशोधन/उन्नयन करेगा। सीआईबीएस भारत सरकार या यूजीसी द्वारा सुझाव देने पर अपने नियमों में संशोधन/सुधार भी करेगा।

ii) सीआईबीएस किसी प्रकार का दूरस्थ शिक्षा कार्यक्रम प्रदान नहीं करेगा।

iii) सीआईबीएस यूजीसी और भारत सरकार की पूर्वानुमति के बिना कोई ऑफ कैंपस/ऑफ शोर कैंपस/नया विभाग न तो खोलेगा और न चलाएगा।

iv) सीआईबीएस को किसी कॉलेज/संस्थान को सम्बद्धता देने की अनुमति नहीं होगी।

v) सीआईबीएस को किसी भी परिस्थिति में उच्च शिक्षा के लिए कोई फ्रेंचाइजी नहीं देगा।

vi) सीआईबीएस द्वारा चलाए जाने वाले सभी अकादमिक कार्यक्रम प्रासंगिक वैधानिक परिषदों द्वारा बनाए गए नियमों तथा मानकों के अनुरूप होंगे।

vii) सीआईबीएस ऐसी कोई भी डिग्री न तो प्रस्तावित करेगा और न प्रदान करेगा, जो यूजीसी द्वारा मान्य नहीं है। संस्थान विश्वविद्यालय अनुदान आयोग अधिनियम, 1956 की धारा 22 के तहत यूजीसी द्वारा मान्य डिग्रियां ही प्रदान करेगा।

viii) छात्रों का प्रवेश, छात्रों की संख्या, नए पाठ्यक्रम/कार्यक्रमों की शुरूआत, पाठ्यक्रमों की अनुमति का नवीनीकरण आज के मामले में सीआईबीएस प्रासंगिक वैधानिक परिषदों के नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करेगा।

ix) अपनी प्रासंगिक निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेखित यूजीसी की विशेषज्ञ समिति के अवलोकनों और सुझावों को लागू करने के लिए सीआईबीएस सभी आवश्यक कदम उठाएगा।

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एकेपी/डीके – 566
(Release ID 45580)


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