विज्ञप्तियां उर्दू विज्ञप्तियां फोटो निमंत्रण लेख प्रत्यायन फीडबैक विज्ञप्तियां मंगाएं Search उन्नत खोज
RSS RSS
Quick Search
home Home
Releases Urdu Releases Photos Invitations Features Accreditation Feedback Subscribe Releases Advance Search
हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
  • राष्ट्रपति सचिवालय
  • राष्‍ट्रपति ने साहसिक खेल पुरस्‍कार दिए   
  • कृषि मंत्रालय
  • कृषिगत शिक्षा और अनुसंधान में भारत-इंडोनेशिया के द्विपक्षीय सम्बंधों की वृहद संभावनाएं: श्री राधा मोहन सिंह   
  • गृह मंत्रालय
  • गैर-घातक हथियार के रूप में पेलेट गन का संभावित विकल्‍प खोजने संबंधी विशेषज्ञ समिति ने अपनी रिपोर्ट सौंपी   
  • ब्रिटेन के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री डॉ. लियाम फॉक्स ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली से भेंट की   
  • भारत और मॉरीशस के बीच आपसी व्‍यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने और आय एवं पूंजीगत लाभ पर कर के संदर्भ में राजकोषीय अपवंचन की रोकथाम व दोहरे कराधान को टालने से संबंधित समझौते में संशोधन के लिए प्रोटोकॉल क  
  • भारत-अमेरिकी सामरिक और वाणिज्यिक वार्ता   
  • ई-खरीद के लिए आपूर्तिकर्ताओं से संबंधि‍त सरकारी ई-मार्केटप्‍लेस (जेम) पर कार्यशाला   
  • पद्म पुरस्कार 2017 के लिए नामांकन   
  • श्री मधुकर गुप्‍ता की अध्‍यक्षता वाली समिति ने केंद्रीय गृह मंत्री को रिपोर्ट सौंपी   
  • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  • भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 26.08.2016 को 47.14 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रही   
  • पर्यावरण एवं वन मंत्रालय
  • भारतीय कृषि वैज्ञानिक हमारे किसानों की आवश्‍यकताएं पूरी करने में सक्षम: पर्यावरण मंत्री   
  • रक्षा मंत्रालय
  • सुब्रतो मुखर्जी स्‍पोर्ट्स एजुकेशन सोसायटी को राष्‍ट्रीय खेल प्रोत्‍साहन पुरस्‍कार  
  • तंजानिया की नौसेना के कमांडर रियर एडमिरल आर एस लसवई 29 अगस्‍त से 01 सितम्‍बर 2016 तक भारत की यात्रा पर   
  • रसायन और उर्वरक मंत्रालय
  • श्री अनंत कुमार ने उचित मूल्य पर औषधि उपलब्ध की आवश्यकता पर बल दिया; “फार्मा सही दाम“ मोबाइल ऐप्प लांच किया  
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  • ई-खरीद के लिए आपूर्तिकर्ताओं से संबंधि‍त सरकारी ई-मार्केटप्‍लेस (जेम) पर कार्यशाला   
  • भारत-अमेरिकी सामरिक और वाणिज्यिक वार्ता   
  • वित्त मंत्रालय
  • ब्रिटेन के अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मंत्री डॉ. लियाम फॉक्स ने केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली से भेंट की   
  • भारत और मॉरीशस के बीच आपसी व्‍यापार एवं निवेश को बढ़ावा देने और आय एवं पूंजीगत लाभ पर कर के संदर्भ में राजकोषीय अपवंचन की रोकथाम व दोहरे कराधान को टालने से संबंधित समझौते में संशोधन के लिए प्रोटोकॉल की अधिसूचन  
  • अमरीकी वाणिज्‍य मंत्री पेन्नी प्रित्जकर ने की वित्‍त मंत्री अरूण जेटली से मुलाकात   
  • शहरी विकास मंत्रालय
  • खुले में शौच से मुक्‍त नगरों/शहरों के दावों का तीसरे पक्ष द्वारा सत्‍यापन शुरू: 11 में से 10 दावे प्रमाणित  
  • संघ लोक सेवा आयोग
  • राष्ट्रीय रक्षा अकादमी एवं नौसेना अकादमी परीक्षा (II) 2016   
  • सम्मिलित रक्षा सेवा परीक्षा (II), 2015   

 
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय02-फरवरी, 2016 14:11 IST

महाराष्ट्र के कोयना क्षेत्र में भूकंप की क्रिया विधि को समझने के लिए कराड में बोरहोल जियोफिजिक्स रिसर्च लेब्रोट्रेरी की स्थापना की जा रही है

केंद्रीय विज्ञान, प्रौद्योगिकी और पृथ्वी विज्ञान मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कराड के हजारमाची में बोरहोल जियोफिजिक्स रिसर्च लेब्रोट्रेरी (बीजीआरएल) के निर्माण के लिए होने वाले भूमि पूजन का नेतृत्व किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सरकार वैज्ञानिक अनुसंधानों के जरिये प्राकृतिक आपदाओं की वजह से लोगों को होने वाली समस्याओं का हल ढूंढना चाहती है।

भारत सरकार का पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भूकंपीय समस्याओं की वजह से सामाजिक दिक्कतों की चुनौतियों को खत्म करने के लिए कराड में बोरहोल जियोफिजिक्स रिसर्च लेब्रोट्रेरी (बीजीआरएल) की स्थापना कर रहा है। इसके जरिये ड्रिलिंग इनवेस्टिगेशन को अंजाम दिया जाएगा। महाराष्ट्र के भूकंपीय क्षेत्र कोयना के इंटर-प्लेट भूकंपीय इलाके में गहराई तक वैज्ञानिक ड्रिलिंग की मंत्रालय की अवधारणा के तहत बीजीआरएल की स्थापना का फैसला किया गया है ताकि इलाके में भूकंप से जुड़े अनुसंधानों और मॉडलों की दिशा में काम किया जा सके।

शिवाजी सागर लेक को 1962 को ले लेने के बाद कोयना क्षेत्र में जलाशय की वजह से लगातार भूकंप आ रहे है। 1967 में कोयना क्षेत्र में 6.3 तीव्रता का भूकंप आया था जो दुनिया में सबसे ज्यादा तीव्रता का भूकंप था। अब तक 5 या इससे ज्यादा तीव्रता के 22 भूकंप आ चुके हैं। चार और इससे ज्यादा तीव्रता के 200 से ज्यादा भूकंप आ चुके हैं। क्षेत्र में कम तीव्रता के हजारों भूकंप आ चुके हैं। सभी भूकंप 30 गुना 20 किलोमीटर के दायरे में सीमित रहे हैं। लगातार भूकंपीय गतिविधियों और कोयना के वार्षिक लोडिंग और अनलोडिंग चक्र और निकटवर्ती वार्ना जलाशय में मजबूत संबंध है। हालांकि जलाशयों की ओर से भूकंप पैदा होने की परिघटना को समझने के लिए बनाए गए मॉडल से यह स्पष्ट नहीं हो सका है।

इस कार्यक्रम के तहत कोयना में भूकंप आने की क्रियाविधि को समझने के लिए एक इस कार्यक्रम के तहत एक खास नजरिया अपनाया जा रहा है। इसके लिए भूकंपीय क्षेत्र में गहरे तक खुदाई जाएगी और गहराई में एक बोरहोल वेधशाला स्थापित की जाएगी। इस तरह प्रत्यक्ष अवलोकन से इन भूकंपों की क्रिया विधि का मॉडल तैयार करने के लिए महत्वपूर्ण और नई जानकारी मिल सकेगी।

बोरहोल रिसर्च जियोफिजिक्स रिसर्च लेब्रोट्रेरी (बीजीआरएल) के तहत दफ्तर के लिए भवन, आधुनिक प्रयोगशाला और आधुनिक रिपोजटरी विकसित किए जा रहे हैं । यह भवन कराड में हजारमाची के कैंपस में बनेगा। महाराष्ट्र की सरकार ने इसके लिए जरूरी भूमि मुहैया कराई है। बोरहोल रिसर्च जियोफिजिक्स रिसर्च लेब्रोट्रेरी (बीजीआरएल) की स्थापना का उद्देश्य जियो-फिजिकल, जियोलॉजिकल और जियोटेक्निकल सुविधाओं के लिए एक विश्वस्तरीय संस्थान बनाना है। ऐसा संस्थान जहां भूकंप से जुड़े शोध हो सकेंगे।

भूमि पूजन समारोह में सतारा के सांसद श्री छत्रपति उदयनराजे भोसले, दक्षिण कराड के विधायक श्री पृथ्वीराज चह्वाण और भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के सचिव डॉ. एम राजीवन ने भी हिस्सा लिया

***


डीएम/एनआर – 643
(Release ID 45659)


  विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
डिज़ाइन एवं होस्‍ट राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी),सूचना उपलब्‍ध एवं अद्यतन की गई पत्र सूचना कार्यालय
ए खण्‍ड शास्‍त्री भवन, डॉ- राजेंद्र प्रसाद रोड़, नई दिल्‍ली- 110 001 फ़ोन 23389338