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महिला और बाल विकास मंत्रालय02-फरवरी, 2016 16:30 IST

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी ने पिछले 20 महीनों में उनके मंत्रालय द्वारा की गई पहलों के बारे में मीडिया के साथ चर्चा की

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी ने जयपुर में 1 फरवरी, 2016 को अखिल भारतीय क्षेत्रीय संपादकों के सम्मेलन का उद्घाटन किया। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा पिछले 20 महीनों के दौरान की गई अनेक पहलों के बारे में चर्चा की। उन्होंने मंत्रालय के बाल लिंग अनुपात और बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम के बारे में व्यापक रूप से बातचीत की। कुछ समाचार पत्रों में ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित हुई हैं कि मंत्री ने कन्या भ्रूण हत्या रोकने और भ्रूण के लिंग के पंजीकरण के बारे में केबिनेट को प्रस्ताव किया है। जो बिल्कुल निराधार है।

श्रीमती मेनका संजय गांधी ने कहा कि इस मुद्दे के बारे में एक विकल्पिक दृष्टिकोण यह है कि अगर प्रत्येक गर्भावस्था का पंजीकृत किया जा सके, भ्रूण के लिंग के बारे में माता - पिता को जानकारी दी जा सके और अगर भ्रूण का बच्ची होने के बारे में पता चले तो, तो उस बच्ची की डिलिवरी और विवरण पर नज़र रखी जानी चाहिए। इस प्रकार की प्रणाली से यह सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी कि किसी गर्भ का न केवल इसलिए गर्भपात न किया जा सके कि गर्भस्थ शिशु एक बच्ची है।

यह स्पष्ट किया गया है महिला एवं बाल विकास मंत्री ने इसका अपने दृष्टिकोण के एक बिंदु के रूप में उल्लेख किया है क्योंकि ऐसा ही मत हितधारकों द्वारा अकसर मंत्रालय के सामने लाया जाता रहा है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया है कि इस बारे में आगे बहस किये जाने की जरूरत है और मीडिया के लोगों से यह अनुरोध किया कि इस बारे में अपने सुझाव दें। उन्होंने आगे यह भी स्पष्ट किया कि इस चरण में इस मुद्दे पर मंत्रालय द्वारा किसी औपचारिक प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है।

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के फेसबुक पेज, ट्विटर हैंडल और ई-मेल (min-wcd@nic.in) पर सुझाव और प्रतिक्रियाएं दी जा सकती हैं।

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आईपीएस/ सीएस - 645
(Release ID 45660)


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