विज्ञप्तियां उर्दू विज्ञप्तियां फोटो निमंत्रण लेख प्रत्यायन फीडबैक विज्ञप्तियां मंगाएं Search उन्नत खोज
RSS RSS
Quick Search
home Home
Releases Urdu Releases Photos Invitations Features Accreditation Feedback Subscribe Releases Advance Search
हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
  • रेल मंत्रालय
  • भारतीय रेलवे का पैरा मेडिकल स्‍टाफ के लिए सबसे बड़ा भर्ती अभियान  
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  • भारत-ब्रिटेन संयुक्त आर्थिक एवं व्यापार समिति की 13वीं बैठक का संयुक्त वक्तव्य  
  • उत्तर भारतीय आम के निर्यात को बढावा देने समुद्री मार्ग द्वारा पहली खेप लखनऊ से इटली भेजी गई  

 
वित्त मंत्रालय15-अप्रैल, 2016 16:55 IST

वित्‍त मंत्री श्री अरुण जेटली ने वाशिंगटन डीसी में भारत-अमेरिका आर्थिक एवं वित्‍तीय साझेदारी (ईएफपी) की 6ठी वार्षिक मंत्री स्‍तरीय बैठक में भाग लिया; जोर दिया कि वित्‍तीय कदम कार्यबल (एफएटीएफ) को निश्चित रूप से आतंकवाद के वित्‍त पोषण से संबंधित विभिन्‍न देशों में कानून का कारगर क्रियान्‍वयन सुनिश्चित करना चाहिए और आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले तथा आतंकवादी ढांचे का पोषण करने वाले देशों के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए

श्री जेटली ने जी-20 वित्‍त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक ग‍वर्नरों की बैठक, ब्रिक्‍स मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक ग‍वर्नरों की बैठक और ब्रिक्‍स गवर्नरों के नये विकास बैंक बोर्ड (एनडीबी) की बैठक में भी भाग लिया

श्री जेटली ने जी-20 वित्‍त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक ग‍वर्नरों की बैठक, ब्रिक्‍स मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक ग‍वर्नरों की बैठक और ब्रिक्‍स गवर्नरों के नये विकास बैंक बोर्ड (एनडीबी) की बैठक में भी भाग लिया

    केंद्रीय वित्‍त मंत्री श्री अरुण जेटली ने वाशिंगटन डीसी में कल भारत-अमेरिका आर्थिक एवं वित्‍तीय साझेदारी (ईएफपी) की 6ठी वार्षिक मंत्री स्‍तरीय बैठक में भाग लिया। इस बैठक में दोनों पक्षों ने आपसी समझ को मजबूत बनाने तथा द्विपक्षीय एवं बहुपक्षीय मुद्दों की एक व्‍यापक श्रृंखला में सहयोग को बेहतर बनाने के लिए किए जाने वाले सतत प्रयासों का जायजा लिया।

      दोनों पक्षों ने अमेरिका और भारत के बीच द्विपक्षीय कर विवादों के समाधान में की गई उल्‍लेखनीय प्रगति को दर्ज किया। दोनों देशों के बीच विदेशी खाता कर अनुपालन अधिनियम (एफएटीसीए) के अनुरूप अंत: सरकारी समझौते के तहत वित्‍तीय सूचनाओं को साझा करने में भी प्रगति हासिल की गई है। वित्‍त मंत्री ने रेखांकित किया कि वित्‍तीय कदम कार्यबल (एफएटीएफ) को निश्चित रूप से आतंकवाद के वित्‍त पोषण से संबंधित विभिन्‍न देशों में कानून का कारगर क्रियान्‍वयन सुनिश्चित करना चाहिए और आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले तथा आतंकवादी ढांचे का पोषण करने वाले देशों के खिलाफ ठोस कदम उठाने चाहिए। एफएटीएफ को कर छूट प्राप्‍त देशों के जरिये समेत अपतट कर चोरी एवं करवंचना के मुद्दे का भी समाधान करना चाहिए। अमेरिका ने भारत के ढांचागत विकास के लिए वित्‍त पोषण विकल्‍पों में वृद्धि करने के लिए भारत के राष्‍ट्रीय निवेश एवं ढांचागत कोष (एनआईआईएफ) को सहायता देने की पेशकश की तथा सार्वजनिक वित्‍त पोषण जैसे क्षेत्रों में दिलचस्‍पी जताई।

      वित्‍त मंत्री श्री अरुण जेटली ने जी-20 वित्‍त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक ग‍वर्नरों की बैठक, ब्रिक्‍स मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक ग‍वर्नरों की बैठक और ब्रिक्‍स गवर्नरों के नये विकास बैंक बोर्ड (एनडीबी) की बैठक में भी भाग लिया।

      अपने संबोधन में वित्‍त मंत्री ने रेखांकित किया कि भले ही भारत ने नियमित रूप से पिछली तीन तिमाहियों के दौरान विश्‍व में बड़ी अर्थव्‍यवस्‍थाओं के बीच सर्वोच्‍च विकास दर दर्ज कराई हो, पर वैश्विक वृद्धि दर लगातार सुस्‍त बनी हुई है और इसमें आवर्ती निम्‍नगामी संशोधन देखे जा रहे हैं। कमजोर मांग, मंहगे वित्‍तीय बाजार, कमजोर पड़ता व्‍यापार और उतार-चढ़ाव भरा पूंजी प्रवाह, वैश्विक सुधार के रास्‍ते की प्रमुख बाधाएं हैं। इसके अतिरिक्‍त, मौद्रिक नीति माध्‍यमों की क्षमता अपनी अधिकतम सीमा तक पहुंच चुकी है और अब यह समेकित नहीं रहा है। वैश्विक और क्षेत्रीय वित्‍तीय सुरक्षा जाल और निगरानी को नये वित्‍त पोषण तंत्रों के माध्‍यम समेत बढ़ाए जाने की आवश्‍यकता है। उन्‍होंने वैश्विक आर्थिक हलचलों को दूर करने के लिए वैश्विक रूप से समन्वित नीति कदमों की जरूरत पर जोर दिया।

      वित्‍त मंत्री ने ब्रिक्‍स मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक गवर्नरों (एफएमसीबीजी) की बैठक की अध्‍यक्षता की एवं वैश्विक अर्थव्‍यवस्‍था, संरचनागत सुधार अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष एवं विश्‍व बैंक की अभिव्‍यक्ति के सुधार एवं अन्‍य नई तथा वर्तमान में जारी पहलों जैसी सदस्‍य देशों की समान चिंताओं वाले मुद्दों पर विचार-विमर्श किया। वित्‍त मंत्री ने संतोष जताया कि आकस्मिक आरक्षित व्‍यवस्‍था एवं नवीन विकास बैंक (एनडीबी) जैसी ब्रिक्‍स की दो प्रमुख पहल पूरी तरह संचालनगत हो गई है। नवीन विकास बैंक संस्‍थान एवं ब्रिक्‍स रेटिंग एजेंसी की क्षमता पर विचार-विमर्श आयोजित किया गया। फैसला किया गया कि एक तकनीकी कार्यसमूह इन मुद्दों की विस्‍तार से जांच करेगा एवं अपने निष्‍कर्षों को अपनी अगली बैठक में ब्रिक्‍स वित्‍त मंत्रियों एवं केंद्रीय बैंक गवर्नरों को प्रस्‍तुत करेगा।

      वित्‍त मंत्री ने एनडीबी के अध्‍यक्ष श्री के.वी. कामथ एवं उनकी टीम को बैंक की गतिविधियों की तेजी के लिए बधाई दी। इस भावना को बाद में एनडीबी के गवर्नरों के बोर्ड के अन्‍य सदस्‍यों ने भी व्‍यक्‍त किया। एनडीबी के गवर्नरों के बोर्ड ने दर्ज किया कि बैंक ने 13 अप्रैल, 2016 को पहली परियोजनाओं की मंजूरी के जरिये अपना संचालन प्रारंभ किया है। एनडीबी ने भारत,चीन, ब्रा‍जील एवं दक्षिण अफ्रीका की चार हरित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को मंजूरी दी है जो 811 मिलियन डॉलर के बैंक वित्‍त पोषण से संबंधित है। भारत की परियोजनाओं में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे उधार देने के लिए केनरा बैंक को 250 मिलियन डॉलर का विविध खेपों में ऋण की प्रोविजनिंग शामिल है। इस परियोजना का परिणाम 500 मेगावॉट नवीकरणीय ऊर्जा का सृजन और करीब 800,000 टन कार्बन उर्त्‍सजन की बचत के रूप में सामने आएगा।

      वित्‍त मंत्री ने चीन के वित्‍त मंत्री श्री लोऊ जिवेई के साथ एक द्विपक्षीय बैठक भी की तथा विभिन्‍न बहु स्‍तरीय मंचों में अपनी स्थिति की समानता तथा सहयोग के क्षेत्रों पर विचार-विमर्श किया।

      वित्‍त मंत्री श्री अरुण जेटली वर्तमान में अंतरराष्‍ट्रीय मुद्रा कोष एवं विश्‍व बैंक, नवीन विकास बैंक के बोर्ड ऑफ गवर्नरों की वसंत बैठकों एवं अन्‍य संबंधित बैठकों में भाग लेने के लिए वाशिंगटन डीसी की आधिकारिक यात्रा पर हैं।  

                                   ***

एसकेजे/एनआर/2035

 

(Release ID 47254)


  विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
डिज़ाइन एवं होस्‍ट राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी),सूचना उपलब्‍ध एवं अद्यतन की गई पत्र सूचना कार्यालय
ए खण्‍ड शास्‍त्री भवन, डॉ- राजेंद्र प्रसाद रोड़, नई दिल्‍ली- 110 001 फ़ोन 23389338