विज्ञप्तियां उर्दू विज्ञप्तियां फोटो निमंत्रण लेख प्रत्यायन फीडबैक विज्ञप्तियां मंगाएं Search उन्नत खोज
RSS RSS
Quick Search
home Home
Releases Urdu Releases Photos Invitations Features Accreditation Feedback Subscribe Releases Advance Search
हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
  • राष्ट्रपति सचिवालय
  • राष्‍ट्रपति ने ऊर्जा एवं पर्यावरण : चुनौतियां और अवसर विषय पर अंतरराष्‍ट्रीय सम्‍मेलन का उद्घाटन किया  
  • उप राष्ट्रपति सचिवालय
  • केंद्र और राज्‍य राजनीति को दरकिनार रख टीम की तरह कार्य करें : उपराष्‍ट्रपति  
  • प्रधानमंत्री कार्यालय
  • सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की भारत यात्रा के दौरान हस्ताक्षरित सहमति पत्रों/समझौतों की सूची  
  • सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री का प्रेस वक्तव्य  
  • पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय
  • अगले 48 घंटे के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत पर पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव  
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  • चौथा भारत-आसियान एक्सपो समिट नई दिल्ली में 21-23 फरवरी, 2019 को आयोजित होगा  
  • डीपीआईआईटी ने स्टार्टअप से जुड़ी पहलों के आधार पर राज्यों की रैंकिंग का दूसरा संस्करण लांच किया  
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
  • श्री नितिन गडकरी कल उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर व बुलंदशहर में राष्ट्रीय राजमार्गों और नमामि गंगे परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे एवं आधारशिला रखेंगे     

 
पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए मंत्रालय05-जनवरी, 2017 19:32 IST

डॉ. जितेंद्र सिंह ने एनईसी के सदस्य प्रोफेसर गंगमुमेई कामेई के निधन पर शोक व्यक्त किया

केंद्रीय पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार), प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्‍य मंत्री, कार्मिक, लोक शिकायत, पेंशन, परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्‍य मंत्री डॉ. जितेन्‍द्र सिंह ने पूर्वोत्तर परिषद (एनईसी) के सदस्‍य प्रोफेसर गंगमुमेई कामेई के निधन पर शोक व्यक्त किया है। प्रोफेसर गंगमुमेई कामेई का निधन 77 वर्ष की आयु में आज मणिपुर के इम्फाल में हुआ। उनके सम्मान में शिलांग के एनईसी सचिवालय  में एक शोकसभा का आयोजन किया गया।

 अपने शोक संदेश में, डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए प्रोफेसर गंगमुमेई कामेई के योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। मंत्री महोदय ने कहा कि उन्‍हें न केवल एक प्रोफेसर के रूप में, बल्‍कि एक लेखक और इतिहासकार के रूप में याद नहीं किया जाएगा, जिनकी विशेषज्ञता क्षेत्रीय इतिहास पूर्वोत्तर भारत का इतिहास और मणिपुर थी। डॉ. सिंह ने कहा कि उन्‍होंने क्षेत्र के इतिहास, संस्कृति और समकालीन मुद्दों पर विस्तार से लिखा। डॉ. सिंह ने कहा कि प्रोफेसर कामेई का निधन हमारे लिए कष्‍टपूर्ण है, लेकिन आने वाले समय में पूर्वोत्तर क्षेत्र में उनके योगदान हमारे लिए  प्रेरणादायी बने रहेंगे।

***

वीके/एसएस/एसकेपी-38  

(Release ID 57949)


  विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
डिज़ाइन एवं होस्‍ट राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी),सूचना उपलब्‍ध एवं अद्यतन की गई पत्र सूचना कार्यालय
ए खण्‍ड शास्‍त्री भवन, डॉ- राजेंद्र प्रसाद रोड़, नई दिल्‍ली- 110 001 फ़ोन 23389338