विज्ञप्तियां उर्दू विज्ञप्तियां फोटो निमंत्रण लेख प्रत्यायन फीडबैक विज्ञप्तियां मंगाएं Search उन्नत खोज
RSS RSS
Quick Search
home Home
Releases Urdu Releases Photos Invitations Features Accreditation Feedback Subscribe Releases Advance Search
हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
  • उप राष्ट्रपति सचिवालय
  • उप-राष्ट्रपति ने वेदों पर विश्व सम्मेलन का उद्घाटन किया   
  • प्रधानमंत्री कार्यालय
  • प्रधानमंत्री कल मिजोरम और मेघालय के दौरे पर जाएंगे, विभिन्‍न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे   
  • प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सरदार पटेल की पुण्यतिथि पर उनका स्मरण किया   
  • संसद के शीतकालीन सत्र के शुरुवात पर संसद भवन के बाहर प्रधानमंत्री द्वारा मिडिया को दिए गये वक्तव्य का मूल पाठ   
  • मंत्रिमंडल
  • कैबिनेट ने चमड़ा एवं फुटवियर क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी  
  • मंत्रिमंडल ने हैदराबाद में परिचालनगत सामुद्रिक विज्ञान के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने पर यूनेस्को के साथ समझौते को मंज़ूरी दी  
  • मंत्रिमंडल ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के तहत मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयोग के कार्य निष्पादन के लिए मेट्रो रेलवे सुरक्षा आयुक्त के एक मंडल कार्यालय के सृजन को मंजूरी दी    
  • मंत्रिमंडल ने केंद्र द्वारा प्रायोजित योजना राष्ट्रीय आयुष मिशन को 01 अप्रैल, 2017 से 31 मार्च, 2020 तक जारी रखने को मंजूरी दी   
  • मंत्रिमंडल ने भारत और कोलम्बिया के बीच कृषि और मत्‍स्‍य पालन के क्षेत्र में समझौता ज्ञापन पर हस्‍ताक्षर की मंजूरी दी    
  • मंत्रिमंडल ने पूर्वोत्‍तर के लिए एनएलसीपीआर योजना को मार्च, 2020  तक जारी रखने की मंजूरी दी   
  • मंत्रिमंडल ने 2000 रूपये मूल्‍य तक के डेबिट कार्ड/भीम यूपीआई/एईपीएस के लेन-देन पर लागू एमडीआर शुल्‍क की भरपाई करने की मंजूरी दी   
  • आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए)
  • मंत्रिमंडल ने कोंकण रेलवे कॉरपोरेशन लिमिटेड की दूसरी वित्‍तीय पुनर्संरचना को मंजूरी दी   
  • मंत्रिमंडल ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र (सिक्किम सहित) स्थित औद्योगिक इकाइयों को पूंजी निवेश सब्सिडी देने की मंजूरी दी   
  • आयुष
  • मंत्रिमंडल ने केंद्र द्वारा प्रायोजित योजना राष्ट्रीय आयुष मिशन को 01 अप्रैल, 2017 से 31 मार्च, 2020 तक जारी रखने को मंजूरी दी   
  • कृषि मंत्रालय
  • रबी की फसल की बुआई 514 लाख हेक्‍टेयर के पार   
  • महिला और बाल विकास मंत्रालय
  • श्रीमती मेनका संजय गांधी ने महिलाओं के प्रति हिंसा रोकने के लिए बहु क्षेत्रीय समाधान व्यवस्था को मज़बूत करने में ‘सखी वन स्टॉप केन्द्र’ की भूमिका पर दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का नई दिल्ली में उद्घाटन किया  
  • रक्षा मंत्रालय
  • रक्षा राज्य मंत्री श्री सुभाष भामरे ने नाभिकीय औषधि सभा के 49वें वार्षिक सम्मेलन का उद्घाटन किया   
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  • भारत का विदेश व्यापार : नवम्‍बर, 2017    
  • कैबिनेट ने चमड़ा एवं फुटवियर क्षेत्र में रोजगार सृजन के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी  
  • वित्त मंत्रालय
  • कच्चे पाम तेल, आरबीडी पाम तेल, अन्य-पाम तेल, कच्चे पामोलीन, आरबीडी पामोलीन, अन्य-पामोलीन, कच्चे सोयाबीन तेल, पीतल कतरन (सभी श्रेणियां), पोस्ता दाना, सुपारी, सोने और चांदी के टैरिफ मूल्‍यों में परिवर्तन   
  • विद्युत मंत्रालय
  • प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी मिजोरम में कल 60 मेगावॉट की ट्युरिअल जलविद्युत परियोजना राष्ट्र को समर्पित करेंगे   
  • सूक्ष्म, लघु और मझौले उद्यम मंत्रालय
  • सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमिता (एमएसएमई) मंत्रालय द्वारा स्वच्छता पखवाड़े का आयोजन   
  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
  • ‘आरएनआई रिपोर्ट’ प्रिंट मीडिया का एक महत्वपूर्ण संकेतक : स्मृति जुबिन इरानी   
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
  • एनएचएआई ने भारतमाला परियोजाना को समयबद्ध तरीके से कार्यान्वित करने के उद्देश्य से अपने अधिकारियों को प्रोत्साहित करने की योजना शुरू की  
  • मंत्रिमंडल ने हैदराबाद में परिचालनगत सामुद्रिक विज्ञान के लिए अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण केन्द्र स्थापित करने पर यूनेस्को के साथ समझौते को मंज़ूरी दी  
  • सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय
  • दिव्यांगजनों की सहायता को कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व निभाने के लिए श्री थावरचंद गहलोत ने संगठनों का आह्वान किया   

 
राष्ट्रपति सचिवालय17-मार्च, 2017 19:00 IST

डॉ. एम.एस. स्‍वामीनाथन एक महान विश्‍व प्रतिष्ठित वैज्ञानिक है : राष्‍ट्रपति

राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज (17 मार्च, 2017) मुम्‍बई में मुम्‍बई विश्‍वविद्यालय के विशेष दीक्षान्‍त समारोह के दौरान डॉ. एम.एस. स्‍वामीनाथन को डी.लिट की मानद उपाधि प्रदान की।

 

इस अवसर पर संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति ने कहा कि डॉ. स्‍वामीनाथन को डी.लिट की उपाधि प्रदान करना उनके लिए एक महत्‍वपूर्ण अवसर है। उन्‍होंने कहा कि महात्‍मा गांधी भी मुम्‍बई विश्‍वविद्यालय के पूर्व छात्रों में शामिल थे। इस विश्‍वविद्यालय ने विभिन्‍न क्षेत्रों में हमेशा ऐसे नेताओं को मान्‍यता दी है, जिन्‍होंने समाज के विभिन्‍न क्षेत्रों में परिवर्तनकारी भूमिका निभायी है। अतीत में जिन्‍हें डी-लिट की मानद उपाधि से सम्‍मानित किया गया था, उनमें प्रसिद्ध, विद्वान तथा समाज सुधारक शामिल थे। इनमें सर आर.जी.भंडारकर, दादाभाई नैरोजी, सर सी.वी.रमन तथा सर एम विश्‍वेश्‍वरय्या शामिल हैं।

 

राष्‍ट्रपति ने कहा कि डॉ. स्‍वामीनाथन के कार्यों की बदौलत हमारे देश में महत्‍वपूर्ण परिवर्तन आया है। उनके अग्रणी प्रयासों के कारण ही हमारा देश दुनिया के प्रमुख खाद्यान्‍न उत्‍पादक तथा निर्यातकों में से एक बना है। 65 साल की अवधि में डॉ. स्‍वामीनाथन ने वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के सहयोग से पौधों तथा कृषि अनुसंधान के क्षेत्र से संबंधित समस्‍याओं पर कार्य किया। उन्‍हें एक अत्‍यंत प्रतिष्ठित वैश्विक वैज्ञानिक माना जाता है, क्‍योंकि उन्‍होंने भारत तथा अन्‍य जगहों पर विकासशील देशों में खाद्य उत्‍पादन के क्षेत्र में शानदार कार्य किये है। उन्‍होंने हमेशा टिकाऊ कृषि की वकालत की, जो हरित क्रांति की अग्रणी है।

 

राष्‍ट्रपति ने कहा कि राष्‍ट्र के विकास में उच्‍च शिक्षा क्षेत्र की एक महत्‍वपूर्ण भूमिका है। पारम्‍परिक ज्ञान भंडार होने के नाते, उच्‍च शिक्षा पर्यावरण प्रणाली अर्थव्‍यवस्‍था के विभिन्‍न विकास केन्‍द्रों को प्रभावित करेगी। अर्थव्‍यवस्‍था के विकास में उच्‍च शिक्षा का महत्‍वपूर्ण योगदान रहता है। स्‍नातकों को घरेलू अर्थव्‍यवस्था की जरूरतों को पूरा करना होगा। हमारे कॉलेज परिसरों में पाठ्यक्रम उद्योगों की आवश्‍यकताओं के अनुरूप होना चाहिए। यह सभी के लिए लाभकारी होगा।

 

राष्‍ट्रपति ने कहा कि 21वीं शताब्‍दी एशिया की शताब्‍दी हो सकती है और इस संदर्भ में एशियाई देशों ने सभी तरह के विकास के माध्‍यम से दुनिया में अपनी श्रेष्‍ठता हासिल कर ली है। इस यात्रा में मार्गदर्शन करने वाले महत्‍वपूर्ण तत्‍वों में शिक्षा और ज्ञान शामिल है।

 

राष्‍ट्रपति ने कहा कि प्राचीन भारत दार्शनिक बहस के उच्‍चस्‍तर तथा चर्चा के लिए जाना जाता था। भारत केवल भौगोलिक अभिव्‍यक्ति के लिए ही नहीं जाना जाता था, बल्कि एक विचार  और संस्‍कृति के लिए भी जाना जाता था। बातचीत और वार्तालाप हमारे जीवन का एक अभिन्‍न हिस्‍सा है, जिन्‍हें हम दूर नहीं कर सकते। विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए  विश्‍वविद्यालय और उच्‍च शिक्षण संस्‍थान एक बेहतरीन मंच है। संकीर्ण मनोदशा और विचारों को छोडकर हमें तार्किक बहस को अपनाना चाहिए। हमारे शै‍क्षणिक संस्‍थानों में  असहिष्‍णुता, पूर्वाग्रहों और नफरत के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।   

 

***

वीके/केजे/जीआरएस- 738  

(Release ID 60029)


  विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
डिज़ाइन एवं होस्‍ट राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी),सूचना उपलब्‍ध एवं अद्यतन की गई पत्र सूचना कार्यालय
ए खण्‍ड शास्‍त्री भवन, डॉ- राजेंद्र प्रसाद रोड़, नई दिल्‍ली- 110 001 फ़ोन 23389338