विज्ञप्तियां उर्दू विज्ञप्तियां फोटो निमंत्रण लेख प्रत्यायन फीडबैक विज्ञप्तियां मंगाएं Search उन्नत खोज
RSS RSS
Quick Search
home Home
Releases Urdu Releases Photos Invitations Features Accreditation Feedback Subscribe Releases Advance Search
हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
  • राष्ट्रपति सचिवालय
  • भारत के राष्ट्रपति ‘मन की बातः ए सोशल रिवोल्युशन ऑन रेडियो’ और ‘मार्चिंग विद ए बिलियन - एनालाइज़िंग नरेन्द्र मोदी गवर्नमेंट एट मिडटर्म’ नामक दो पुस्तकों की पहली प्रति प्राप्त करेंगे   
  • गुयाना के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का बधाई संदेश   
  • जॉर्जिया के स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति का बधाई संदेश   
  • अंतरिक्ष विभाग
  • स्‍वीडन के अंतरिक्ष क्षेत्र के प्रमुख ने डॉ. जितेन्‍द्र सिंह से मुलाकात की   
  • आयुष
  • अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2017 के प्रमुख कार्यक्रम का आयोजन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में लखनऊ में : श्री श्रीपद येस्‍सो नाइक   
  • गृह मंत्रालय
  • श्री किरण रिजिजू ने कैनकन, मैक्सिको में आपदा जोखिम न्‍यूनीकरण वैश्विक मंच पर देश का वक्‍तव्‍य प्रस्‍तुत किया   
  • नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
  • “2030 तक सार्वभौमिक ऊर्जा पहुंच लक्ष्य को हासिल करने में आईएसए एक प्रभावी माध्यम के रूप में भूमिका निभा सकता है” – श्री पीयूष गोयल  
  • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  • भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 24.05.2017 को 53.28 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रही   
  • महिला और बाल विकास मंत्रालय
  • राष्‍ट्रीय महिला आयोग ने राज्‍य महिला आयोगों के साथ बैठक की   
  • रक्षा मंत्रालय
  • भारतीय वायु सेना की टीम का माउंट धौलागिरि पर्वतारोहण अभियान   
  • संजय मित्रा ने नये रक्षा सचिव के रूप में कार्यभार संभाला  
  • वित्त मंत्रालय
  • गांधीनगर में आयोजित बैंक की वार्षिक बैठक की सफलता के लिए अफ्रीकी विकास बैंक के अध्यक्ष ने भारत का धन्यवाद किया , उम्‍मीद जताई कि ये बैठकें एएफडीबी के नये बदलाव के एजेंडे में योगदान देंगी   
  • गांधीनगर में आयोजित बैंक की वार्षिक बैठक की सफलता के लिए अफ्रीकी विकास बैंक के अध्यक्ष ने भारत का धन्यवाद किया  
  • चीनी, चाय एवं कॉफी (तुरंत तैयार कॉफी को छोड़कर) और दूध पाउडर के संबंध में प्रस्तावित जीएसटी कर की दरें वर्तमान दरों से कम होंगी, चीनी पर वर्तमान कर की दर 8 फीसदी है, जबकि प्रस्तावित कर की दर 5 फीसदी होगी  
  • शहरी विकास मंत्रालय
  • छत्तीसगढ़ में नवीन शहरी मिशन की कल रायपुर में समीक्षा की जाएगी   
  • सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय
  • ढोला-सदिया : पूर्वोत्‍तर के लिए नई आशा का पुल   

 
राष्ट्रपति सचिवालय17-मार्च, 2017 19:00 IST

डॉ. एम.एस. स्‍वामीनाथन एक महान विश्‍व प्रतिष्ठित वैज्ञानिक है : राष्‍ट्रपति

राष्‍ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज (17 मार्च, 2017) मुम्‍बई में मुम्‍बई विश्‍वविद्यालय के विशेष दीक्षान्‍त समारोह के दौरान डॉ. एम.एस. स्‍वामीनाथन को डी.लिट की मानद उपाधि प्रदान की।

 

इस अवसर पर संबोधित करते हुए राष्‍ट्रपति ने कहा कि डॉ. स्‍वामीनाथन को डी.लिट की उपाधि प्रदान करना उनके लिए एक महत्‍वपूर्ण अवसर है। उन्‍होंने कहा कि महात्‍मा गांधी भी मुम्‍बई विश्‍वविद्यालय के पूर्व छात्रों में शामिल थे। इस विश्‍वविद्यालय ने विभिन्‍न क्षेत्रों में हमेशा ऐसे नेताओं को मान्‍यता दी है, जिन्‍होंने समाज के विभिन्‍न क्षेत्रों में परिवर्तनकारी भूमिका निभायी है। अतीत में जिन्‍हें डी-लिट की मानद उपाधि से सम्‍मानित किया गया था, उनमें प्रसिद्ध, विद्वान तथा समाज सुधारक शामिल थे। इनमें सर आर.जी.भंडारकर, दादाभाई नैरोजी, सर सी.वी.रमन तथा सर एम विश्‍वेश्‍वरय्या शामिल हैं।

 

राष्‍ट्रपति ने कहा कि डॉ. स्‍वामीनाथन के कार्यों की बदौलत हमारे देश में महत्‍वपूर्ण परिवर्तन आया है। उनके अग्रणी प्रयासों के कारण ही हमारा देश दुनिया के प्रमुख खाद्यान्‍न उत्‍पादक तथा निर्यातकों में से एक बना है। 65 साल की अवधि में डॉ. स्‍वामीनाथन ने वैज्ञानिकों और नीति निर्माताओं के सहयोग से पौधों तथा कृषि अनुसंधान के क्षेत्र से संबंधित समस्‍याओं पर कार्य किया। उन्‍हें एक अत्‍यंत प्रतिष्ठित वैश्विक वैज्ञानिक माना जाता है, क्‍योंकि उन्‍होंने भारत तथा अन्‍य जगहों पर विकासशील देशों में खाद्य उत्‍पादन के क्षेत्र में शानदार कार्य किये है। उन्‍होंने हमेशा टिकाऊ कृषि की वकालत की, जो हरित क्रांति की अग्रणी है।

 

राष्‍ट्रपति ने कहा कि राष्‍ट्र के विकास में उच्‍च शिक्षा क्षेत्र की एक महत्‍वपूर्ण भूमिका है। पारम्‍परिक ज्ञान भंडार होने के नाते, उच्‍च शिक्षा पर्यावरण प्रणाली अर्थव्‍यवस्‍था के विभिन्‍न विकास केन्‍द्रों को प्रभावित करेगी। अर्थव्‍यवस्‍था के विकास में उच्‍च शिक्षा का महत्‍वपूर्ण योगदान रहता है। स्‍नातकों को घरेलू अर्थव्‍यवस्था की जरूरतों को पूरा करना होगा। हमारे कॉलेज परिसरों में पाठ्यक्रम उद्योगों की आवश्‍यकताओं के अनुरूप होना चाहिए। यह सभी के लिए लाभकारी होगा।

 

राष्‍ट्रपति ने कहा कि 21वीं शताब्‍दी एशिया की शताब्‍दी हो सकती है और इस संदर्भ में एशियाई देशों ने सभी तरह के विकास के माध्‍यम से दुनिया में अपनी श्रेष्‍ठता हासिल कर ली है। इस यात्रा में मार्गदर्शन करने वाले महत्‍वपूर्ण तत्‍वों में शिक्षा और ज्ञान शामिल है।

 

राष्‍ट्रपति ने कहा कि प्राचीन भारत दार्शनिक बहस के उच्‍चस्‍तर तथा चर्चा के लिए जाना जाता था। भारत केवल भौगोलिक अभिव्‍यक्ति के लिए ही नहीं जाना जाता था, बल्कि एक विचार  और संस्‍कृति के लिए भी जाना जाता था। बातचीत और वार्तालाप हमारे जीवन का एक अभिन्‍न हिस्‍सा है, जिन्‍हें हम दूर नहीं कर सकते। विचारों का आदान-प्रदान करने के लिए  विश्‍वविद्यालय और उच्‍च शिक्षण संस्‍थान एक बेहतरीन मंच है। संकीर्ण मनोदशा और विचारों को छोडकर हमें तार्किक बहस को अपनाना चाहिए। हमारे शै‍क्षणिक संस्‍थानों में  असहिष्‍णुता, पूर्वाग्रहों और नफरत के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।   

 

***

वीके/केजे/जीआरएस- 738  

(Release ID 60029)


  विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
डिज़ाइन एवं होस्‍ट राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी),सूचना उपलब्‍ध एवं अद्यतन की गई पत्र सूचना कार्यालय
ए खण्‍ड शास्‍त्री भवन, डॉ- राजेंद्र प्रसाद रोड़, नई दिल्‍ली- 110 001 फ़ोन 23389338