विज्ञप्तियां उर्दू विज्ञप्तियां फोटो निमंत्रण लेख प्रत्यायन फीडबैक विज्ञप्तियां मंगाएं Search उन्नत खोज
RSS RSS
Quick Search
home Home
Releases Urdu Releases Photos Invitations Features Accreditation Feedback Subscribe Releases Advance Search
हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
  • राष्ट्रपति सचिवालय
  • राष्‍ट्रपति ने पांचों लद्दाख स्‍काउट्स बटालियनों और लद्दाख स्‍काउट्स रेजिमेंटल सेन्‍टर को निशान प्रदान करने के लिए लेह का दौरा किया   
  • उप राष्ट्रपति सचिवालय
  • संसद और राज्‍य विधानसभाओं में नियमित अवरोध चिंता का विषय है : उपराष्‍ट्रपति   
  • उपराष्‍ट्रपति ने उत्‍तर प्रदेश में हुई ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों के प्रति शोक व्‍यक्‍त किया  
  • प्रधानमंत्री कार्यालय
  • प्रधानमंत्री ने मृदा स्‍वास्‍थ्‍य कार्ड और पीएमएफबीवाई में प्रगति की समीक्षा की   
  • कृषि मंत्रालय
  • भारत छोड़ो आन्‍दोलन की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर पूरे देश में संकल्‍प से सिद्धि कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है  
  • खान मंत्रालय
  • जून 2017 में खनिज पदार्थों का उत्‍पादन (अनंतिम)   
  • गृह मंत्रालय
  • श्री धर्मेंद्र कुमार रेलवे सुरक्षा बल के महानिदेशक नियुक्त किए गए   
  • केन्‍द्रीय गृह मंत्री ने सीसीटीएनएस परियोजना के अंतर्गत डिजिटल पुलिस पोर्टल का शुभारंभ किया   
  • भारत और चीन के बीच डोकलाम गतिरोध का जल्‍द समाधान होने की आशा : श्री राजनाथ सिंह   
  • नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय
  • श्री पीयूष गोयल ने 8वीं विश्‍व नवीकरणीय ऊर्जा प्रौद्योगिकी कांग्रेस को संबोधित किया  
  • नागर विमानन मंत्रालय
  • वर्ष 2017 के दौरान घरेलू एयरलाइन्स का प्रदर्शन  
  • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  • भारतीय बास्केट के कच्चे तेल की अंतर्राष्ट्रीय कीमत 18.08.2017 को 49.75 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल रही   
  • पर्यटन मंत्रालय
  • जुलाई, 2017 में भारत में पर्यटन के माध्‍यम से विदेशी मुद्रा आय   
  • रक्षा मंत्रालय
  • लैंडिंग क्राफ्ट यूटिलिटी एमके-4 के दूसरे जहाज ‘आईएन एलसीयू एल52’ (जीआरएसई यार्ड 2093) की पोर्ट ब्लेयर में शुरूआत   
  • भारतीय सैन्य अकादमी में जेंटलमेन कैडेट का निधन   
  • वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय
  • बौद्धिक संपदा अधिकारों को लागू करने पर राष्‍ट्रीय कार्यशाला   
  • वित्त मंत्रालय
  • सरकारी स्‍टॉक की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी   
  • सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय
  • आईएफएफआई 2017 के लिए समीक्षा समिति गठित   
  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
  • स्‍वास्‍थ्‍य सचिव ने राष्‍ट्रीय स्‍वस्‍थ मिशन समीक्षा बैठक की अध्‍यक्षता की   
  • संस्कृति मंत्रालय
  • 15 अगस्त, 2017 से 28 जनवरी, 2018 तक लाइबेरिया के कोटे डी आईवरी तथा गिनिया में भारत महोत्सव का आयोजन   
  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
  • लैंगिक भेदभाव जड़ से समाप्त करना आवश्यक : श्री डी वी सदानंद गौड़ा   

 
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय, खाद्य और सार्वजनिक वितरण18-मार्च, 2017 16:38 IST

श्री राम विलास पासवान ने राज्यों के सचिवों और विधिक मापविज्ञान नियंत्रकों की केंद्र सरकार के साथ राष्ट्रीय परामर्शी बैठक का उद्घाटन किया

उद्योग एवं व्‍यापार के सतत विकास के लिए सही पैमाइश एक शक्तिशाली साधन: श्री राम विलास पासवान

विधिक माप विज्ञान मानकों के विभिन्‍न मापदंडों को दर्शाने वाले संग्रहालयों की स्‍थापना होगी: श्री पासवान

व्‍यापारियों द्वारा बाट एवं माप में अपनाई जा रही अनुचित व्‍यापार प्रथाओं को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा

केन्‍द्र सरकार से वित्त-पोषण के लिए, राज्‍यों द्वारा मोबाईल वैनों और प्रयोगशालाओं के प्रस्‍ताव, समुचित औचित्‍य सहित एकीकृत रूप से भेजे जा सकते हैं

श्री राम विलास पासवान, केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खादय एंव सार्वजनिक वितरण मंत्री ने कहा है कि उद्योग एवं व्‍यापार के सतत विकास के लिए सही पैमाइश एक शक्तिशाली साधन है और यह देश की सामाजिक प्रगति में भी योगदान देता है। गलत या अशुद्ध पैमाइश से अविश्‍वास पैदा होता है और यह अकसर सुरक्षा बाधा का स्रोत है। अत: मात्रात्‍मक आश्‍वासन की संस्‍कृति का संवर्धन- उपभोक्‍ता संरक्षण तथा आंतरिक व्‍यापार का प्राथमिक मुद्दा है। श्री राम विलास पासवान ने यह बात आज नई दिल्ली में आयोजित राज्यों के सचिवों और विधिक मापविज्ञान नियंत्रकों की केंद्र सरकार के साथ राष्ट्रीय परामर्शी बैठक के उद्घाटन के असवर पर कही। इस बैठक का आयोजन केंद्रीय उपभोक्ता मामले के विभाग द्वारा किया गया था। 

श्री पासवान ने इस अवसर पर कहा कि एक विधायी ढांचा होना चाहिए, हालांकि उसकी प्रभावकारिता उसके यथोचित कार्यान्‍वयन पर निर्भर करती है। आज भी आम उपभोक्‍ता अपने दैनिक जीवन में प्रयोग में आने वाले बी.पी. मीटर्स और भार तोलक मशीन जैसे कुछेक मह‍त्‍वपूर्ण उपकरणों में मौजूद अशुद्धियों से पीडि़त है। कभी-कभी पेट्रोल पम्‍पों और कृषि मं‍डियों में प्रयोग किए जाने वाले धर्मकांटों की सत्‍यता पर भी संदेह किया जाता है। कुछेक विनिर्माता आज भी पैकबंद वस्‍तु नियमों के उपबंधों की अवहेलना करते हैं। राज्‍यों के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए श्री पासवान ने उपभोक्‍ता मामले विभाग और राज्‍यों को सुझाव दिया कि वे प्रणाली में उपभोक्‍ताओं के विश्‍वास को बेहतर बनाने के प्रयासों को बढ़ाने के लिए और अनुचित व्‍यौहारों में लिप्‍त या बाजार में अवमानक उत्‍पादों को भेजने वाले विनिर्माताओं के दिमाग में डर पैदा करने के लिए एकजुट होकर कार्य करें। श्री पासवान ने विधिक मापविज्ञान को मजबूत बनाने के लिए पिछले दो वर्षों के दौरान मंत्रालय द्वारा अग्रसक्रिय रूप से उठाए गए महत्‍वपूर्ण कदमों का भी उल्‍लेख किया। हाल ही में की गई कुछ पहलें, अधिकतम खुदरा मूल्‍य से अधिक प्रभार लेने, दोहरे अधिकतम खुदरा मूल्‍य की घोषणा करने के विरुद्ध कार्रवाई करने पर केन्द्रित हैं और हम पैकबंद वस्‍तुएं नियम में भी कुछ बदलाव करने के बारे में विचार कर रहे हैं।

इस कार्यक्रम में उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री, श्री सी.आर. चौधरी भी उपस्थित रहे और प्रतिभागियों को सम्बोधित किया। श्री सी.आर. चौधरी ने कहा कि बाट एवं माप का विषय आम आदमी के लिए महत्‍वपूर्ण है। बाट एवं माप का गैर-सत्‍यापन और नियमों के गैर-प्रवर्तन से (i) उपभोक्‍ताओं को प्रत्‍यक्ष हानि; (ii) नागरिकों के स्‍वास्‍थ्‍य एवं सुरक्षा का गंभीर जोखिम; और (iii) राजकोष को राजस्‍व का काफी नुकसान हो सकता है। अत: एक पारदर्शी एवं प्रभावी विधिक मापविज्ञान प्रणाली से व्‍यापार, उद्योग तथा उपभोक्‍ताओं में विश्‍वास जागृत होता है और व्‍यवसाय करने हेतु सामंजस्‍यपूर्ण वातावरण तैयार होता है। श्री चौधरी ने कहा कि भारत सरकार, कई राज्‍यों द्वारा किए गए प्रयासों से और अग्रानीत नूतनताओं की प्रशंसा करती है।

प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव, श्री हेम पाण्डे ने उल्लेख किया कि ये पहली बार है जब विभाग द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर इतनी बड़ी परामर्शी बैठक का आयोजन किया जा रहा है और इससे अधिक उचित समय और कोई नहीं हो सकता जब केंद्र और राज्य अनुचित व्यापार प्रथाओं और कानून के उल्लंघनों के संबंध में गहन समन्वय में कार्य कर रहे हैं। श्री पाण्डे ने उल्लेख किया कि विधिक मापविज्ञान अधिनियम, 2009 और अधिनियम तथा नियमों के उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए राज्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है क्योंकि वे सत्यापन और मुहरांकन करते हैं, लाइसेंस जारी करते हैं और प्रवर्तन संबंधी गतिविधियां चलाते हैं। श्री पाण्डे ने विभिन्न राज्यों द्वारा उठाए गए अग्रसक्रिय कदमों का भी उल्लेख किया और यह सुझाव दिया कि तेजी से परिवर्तित हो रहे व्यापार और वाणिज्य परिदृश्य में इसकी निरंतर पुनरीक्षा और संशोधन किया जाना आवश्यक है। उपभोक्ता मामले विभाग के सचिव ने परामर्श दिया कि पूर्व में पैक किए गए उत्पादों, पैकेजों के रूपों और आकारों के संबंध में विधिक प्रथाओं संबंधी नई तकनीकों का सामना करने के लिए हमें तैयार रहना चाहिए।

बैठक में विधिक, प्रशासनिक, प्रचालन चुनौतियों से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई और भविष्य में एक अधिक समन्वित और केंद्रित कार्यनीति पर सहमति बनी।

बेहतर उपभोक्‍ता संरक्षण के लिए,  राज्‍यों के विधिक माप-विज्ञान प्रवर्तन को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए बैठक में निम्‍नलिखित महत्‍वपूर्ण निर्णय लिए गए:

1.  सभी सातों क्षेत्रीय निर्देश मानक प्रयोगशालाओं और भारतीय विधिक माप विज्ञान संस्‍थान,  रांची में विधिक माप विज्ञान मानकों के विभिन्‍न मापदंडों को दर्शाने वाले संग्रहालयों की स्‍थापना की जाएगी। फरीदाबाद स्थित क्षेत्रीय निर्देश मानक प्रयोगशाला में विधिक माप विज्ञान के सम्‍बन्‍ध में राष्‍ट्रीय स्‍तर के संग्रहालय की स्‍थापना की जाएगी।

2.  व्‍यापारियों द्वारा बाट एवं माप में अपनाई जा रही अनुचित व्‍यापार प्रथाओं को रोकने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग किया जाएगा।

3.  सभी राज्‍यों संघ शासित क्षेत्रों के मुख्‍यमंत्रियों से ग्राम पंचायत स्‍तर पर बाट एवं माप मानक उपकरण उपलब्‍ध कराने के लिए कहा जाएगा ताकि सन्‍देह की स्थिति में उपभोक्‍ता उनके द्वारा खरीदी गई वस्‍तुओं के तोल और माप की जांच के लिए ग्राम पंचायत सुविधाओं का लाभ उठा सके।.

4.  केन्‍द्र सरकार से वित्त-पोषण के लिए, राज्‍यों द्वारा मोबाईल वैनों और प्रयोगशालाओं के प्रस्‍ताव, समुचित औचित्‍य सहित एकीकृत रूप से भेजे जा सकते हैं।

5.  प्रति वर्ष मनाए जाने वाले राष्‍ट्रीय उपभोक्‍ता दिवस के अवसर पर विधिक माप विज्ञान का बेहतर प्रवर्तन करने वाले तीन राज्‍यों को पुरस्‍कृत किया जाएगा। 

6.  प्रचार के लिए उपलब्‍ध निधियों को विधिक माप विज्ञान के सम्‍बन्‍ध में उपभोक्‍ता जागरूकता का सृजन करने के लिए भी चिह्नित किया जाएगा।

7.  जागो ग्राहक जागो कार्यक्रम में विशेषरूप से ग्रामीण क्षेत्रों में विधिक माप विज्ञान के सम्‍बन्‍ध में उपभोक्‍ता जागरूकता और मोबाईल वैन सुविधा को लोकप्रिय बनाने पर ध्‍यान केन्द्रित किया जाएगा।

****

BCK/AK

(Release ID 60033)


  विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
डिज़ाइन एवं होस्‍ट राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी),सूचना उपलब्‍ध एवं अद्यतन की गई पत्र सूचना कार्यालय
ए खण्‍ड शास्‍त्री भवन, डॉ- राजेंद्र प्रसाद रोड़, नई दिल्‍ली- 110 001 फ़ोन 23389338