विज्ञप्तियां उर्दू विज्ञप्तियां फोटो निमंत्रण लेख प्रत्यायन फीडबैक विज्ञप्तियां मंगाएं Search उन्नत खोज
RSS RSS
Quick Search
home Home
Releases Urdu Releases Photos Invitations Features Accreditation Feedback Subscribe Releases Advance Search
हिंदी विज्ञप्तियां
तिथि माह वर्ष
  • राष्ट्रपति सचिवालय
  • राष्ट्रपति डा. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय के 9 वें दीक्षांत समारोह में उपस्थित हुए  
  • भारत के राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविन्द का डॉक्टर वाई. एस. परमार यूनिवर्सिटी ऑफ हार्टिकल्चर एंड फोरेस्ट्री के 9वें दीक्षांत समारोह में सम्बोधन, सोलन, 21 मई, 2018  
  • उप राष्ट्रपति सचिवालय
  • हमें शास्‍त्रीय भारतीय कला के रूपों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए : उपराष्ट्रपति  
  • हमें इस पर फोकस करना होगा कि कैसे विज्ञान और अधिक प्रौद्योगिकी खुशहाली और बेहतर जीवन ला सकती है : उपराष्ट्रपति  
  • गृह मंत्रालय
  • उप-राष्ट्रपति आंध्र प्रदेश के कोंडापवूलुरू गांव में एनआईडीएम की दक्षिणी कैम्पस इमारत की आधारशिला रखेंगे  
  • गृह मंत्री छत्तीसगढ़ में सीआरपीएफ की 241 बस्तारिया बटालियन की पासिंग आउट परेड में शामिल हुए  
  • चुनाव आयोग
  • भारत के निर्वाचन आयोग ने पूर्व सीईसी/ईसी के साथ बैठक की  
  • पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
  • भारत ने अपने मंगलोर रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व के लिए एडनॉक के कच्‍चे तेल का पहला कार्गो प्राप्‍त किया  
  • रक्षा मंत्रालय
  • सेवा जीवन विस्‍तार की वैधता के लिए ब्रह्मोस मिसाइल का सफल परीक्षण  
  • रक्षा मंत्री का नगालैंड दौरा विमान में तकनीकी खराबी के कारण स्थगित  
  • रेल मंत्रालय
  • भारतीय रेल के भव्य स्टेशन, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस भवन के 130 वर्ष  
  • भारतीय रेल के भव्य स्टेशन, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस भवन के 130 वर्ष  
  • रेल मंत्रालय और रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) ने वित्‍त वर्ष 2018-19 के लिए एमओयू पर हस्‍ताक्षर किए  
  • विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय
  • डॉ.हर्षवर्धन मिशन नवाचार मंत्री स्तरीय बैठक में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे  
  • वित्त मंत्रालय
  • सरकारी स्टॉक की बिक्री (पुनर्निर्गम) के लिए नीलामी  
  • स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय
  • श्री जे.पी. नड्डा ने निपाह वायरस के नियंत्रण के लिए केरल सरकार को सभी प्रकार का समर्थन देने का आश्वासन दिया, प्रकोप की जाँच के लिए बहु-प्रशासनिक केंद्रीय टीम भेजी गई  
  • संस्कृति मंत्रालय
  • आई.जी.एन.सी.ए. में “संजारी: एक भारत – श्रेष्ठ भारत” की सातवीं श्रृंखला का आयोजन  
  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय
  • आधिकारिक आंकड़ों के लिए गुणवत्‍ता आश्‍वासन पर सामान्‍य दिशा-निर्देश अधिसूचित  

 
कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय05-अक्टूबर, 2017 19:31 IST

सीसीआई ने पॉली एल्यूमीनियम क्लोराइड की आपूर्ति के लिए दिल्ली जल बोर्ड के टेंडरों की बोली के भाव बढ़ाने के लिए ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड, आदित्य बिरला कैमिकल्स (इंडिया) लिमिटेड और गुजरात ऐल्कलीज एंड कैमिकल्स लिमिटेड के खिलाफ आदेश जारी किया, प्रतिस्पर्धा रोधी आचरण के लिए जीआईएल, एबीसीआईएल और जीएसीएल पर क्रमशः 2.30 करोड़ रुपये, 2.09 करोड़ रुपये और 1.88 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया

   भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने पाया कि ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (जीआईएल), आदित्य बिरला कैमिकल्स (इंडिया) लिमिटेड (एबीसीआईएल) और गुजरात ऐल्कलीज एंड कैमिकल्स लिमिटेड (जीएसीएल) ने दिल्ली जल बोर्ड के टेंडरों के भाव बढ़ाने के लिए प्रतिस्पर्धा कानून 2002 के अनुच्छेद (1) पढ़ें अनुच्छेद 3(3)(डी) के प्रावधानों का उल्लंघन किया, जिन्हें पॉली एल्यूमीनियम क्लोराइड (पीएसी) की खरीद के लिए जारी किया गया था। पॉली एल्यूमीनियम क्लोराइड का इस्तेमाल पानी के शुद्धिकरण के लिए किया जाता है।

दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा दायर संदर्भ पर आज अंतिम आदेश पारित किया गया।

जीआईएल और एबीसीआईएल की इस दलील को अस्वीकार करते हुए कि वे एकल आर्थिक कंपनियां हैं, सीसीआई ने अपने आदेश में कहा कि ये दोनों कंपनियां न केवल कानूनी तौर पर अलग-अलग कंपनियां है बल्कि इन्होंने इन टेंडरों में व्यक्तिगत हैसियत और अलग-अलग रूप से भाग लिया है। सीसीआई ने कहा कि कानून के अनुच्छेद 3(3) के अंतर्गत शुरू की गई कार्यवाही के संदर्भ में एकल आर्थिक कंपनी की अवधारणा का इससे कोई संबंध नहीं है, खासतौर से बोली के भाव बढ़ाने/कपटपूर्ण बोली के मामले में।

उपरोक्त कंपनियों को बंद करने का आदेश देने के अलावा, सीसीआई ने प्रतिस्पर्धा रोधी आचरण करने के लिए जीआईएल, एबीसीआईएल और जीएसीएल पर 2.30 करोड़ रुपये, 2.09 करोड़ रुपये और 1.88 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया। जुर्माने की राशि जीआईएल और एबीसीआईएल के पिछले तीन वर्षों के औसत महत्वपूर्ण कारोबार की 6 प्रतिशत की दर से लगाई गई है। आयोग ने जीआईएल और एबीसीआईएल के आचरण पर नजर रखी थी, क्योंकि इन कंपनियों ने स्पष्ट रूप से अलग-अलग बोली जमा करते समय प्रतिस्पर्धा का मुखौटा बनाकर एक साझा चैनल के जरिए इसे तैयार किया और अंतिम रूप दिया।

तरल क्लोराइड के लिए टेंडर में बोली के कथित भाव बढ़ाने के संबंध में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा दायर एक अन्य संदर्भ में पारित आदेश देखें- तरल क्लोराइड एक अन्य रसायन है जिसका इस्तेमाल पान के

शुद्धिकरण के लिए किया जाता है। सीसीआई ने इसमें कोई उल्लंघन नहीं पाया क्योंकि महानिदेशक द्वारा आधारभूत मूल्य, परिवहन लागत, करों और पक्षों की लाभ सीमा के संबंध में कोई विश्लेषण नहीं किया गया जैसा कि पिछले संदर्भ में किया गया था।

सीसीआई के आदेश की एक प्रति सीसीआई की वेबसाइट  www.cci.gov.in पर अपलोड कर दी गई है।  

 

****

वीएल/केपी/डीके – 4045

 

 

 

 

(Release ID 67501)


  विज्ञप्ति को कुर्तिदेव फोंट में परिवर्तित करने के लिए यहां क्लिक करें
डिज़ाइन एवं होस्‍ट राष्‍ट्रीय सूचना केंद्र (एनआईसी),सूचना उपलब्‍ध एवं अद्यतन की गई पत्र सूचना कार्यालय
ए खण्‍ड शास्‍त्री भवन, डॉ- राजेंद्र प्रसाद रोड़, नई दिल्‍ली- 110 001 फ़ोन 23389338