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  • केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल रविवार को उधम सिंह नगर में उत्तराखंड के दूसरे मेगा फूड पार्क का उद्घाटन करेंगी (06-अप्रैल,2018)
 
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय

केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल रविवार को उधम सिंह नगर में उत्तराखंड के दूसरे मेगा फूड पार्क का उद्घाटन करेंगी

     केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री श्रीमती हरसिमरत कौर बादल रविवार (8 अप्रैल, 2018) को उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर स्थित महुआखेरा गंज में उत्तराखंड के दूसरे मेगा फूड पार्क का उद्घाटन करेंगी। इस फूड पार्क की स्थापना 99.96 करोड़ रुपये की लागत से की जा रही है और इसके साथ-साथ पड़ोसी जिलों के भी लगभग 25,000 किसान लाभान्वित होंगे।

   मेगा फूड पार्क – मेसर्स हिमालय मेगा फूड पार्क प्राइवेट लिमिटेड, जो 50.14 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया जा रहा है, में एक केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र के साथ-साथ राम नगर, रामगढ़ और कालाडुंगी में तीन प्राथमिक प्रसंस्करण केंद्र (पीपीसी) भी होंगे। इस पार्क में खेतों के पास प्राथमिक प्रसंस्करण और भंडारण की भी सुविधाएं होंगी। इस पार्क से न केवल उधम सिंह नगर के किसान, बल्कि निकटवर्ती जिलों नैनीताल, गढ़वाल, अल्मोड़ा और चंपावत के किसान भी लाभान्वित होंगे। हरिद्वार स्थित राज्य के प्रथम मेगा फूड पार्क में पहले से ही परिचालन शुरू हो चुका है।

     इस मेगा फूड पार्क के केंद्रीय प्रसंस्करण केंद्र (सीपीसी) में स्‍थापित की जा रही सुविधाओं में 1250 एमटी का बहुउद्देश्यीय कोल्ड स्टोरेज, प्रति घंटे 7,500 पैक की कीटाणुहीन ब्रिक फि‍लिंग लाइन, 6,000 एमटी का ड्राई वेयरहाउस, फल एवं सब्जी प्रसंस्करण लाइन (इनपुट क्षमता 7 एमटी/घंटा टमाटर पेस्ट के लिए, 8 एमटी/घंटा सेब के लिए, 10 एमटी/घंटा गाजर के लिए, 5 एमटी/घंटा फलों के गूदे के लिए), गुणवत्ता नियंत्रण एवं खाद्य पदार्थ परीक्षण प्रयोगशाला और अन्य संबंधित खाद्य प्रसंस्करण सुविधाएं शामिल हैं।

    यह मेगा फूड पार्क इसके अलावा पार्क में अवस्थित 25-30 खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों में लगभग 250 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश से लाभ उठाएगा और अंतत: 450-500 करोड़ रुपये के वार्षिक कारोबार का मार्ग प्रशस्‍त करेगा तथा इसके साथ ही 5000 व्यक्तियों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार भी प्रदान करेगा और सीपीसी तथा पीपीसी के आसपास के क्षेत्रों के लगभग 25,000 किसानों को लाभान्वित करेगा।

 

 

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वीके/एएम/आरआरएस- 8066