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विज्ञप्तियां
माह वर्ष
  • मंत्रिमंडल ने 2018-19 के चीनी सीजन के लिए चीनी मिलों द्वारा देय उचित एवं लाभकारी मूल्य के निर्धारण को मंजूरी दी (18-जुलाई,2018)
  • मंत्रिमंडल ने अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए(i) मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति योजना (II) मैट्रिक पश्‍चात् छात्रवृत्ति योजना (III) मेधा-सह-साधन योजना को 2017-18 से 2019-20 तक जारी रखने को मंजूरी दी (18-जुलाई,2018)
  • मंत्रिमंडल ने उत्‍तर प्रदेश में देवरिया के सलेमपुर में मेडिकल कॉलेज की स्‍थापना को स्‍वीकृति दी (18-जुलाई,2018)
  • मंत्रिमंडल ने विदर्भ, मराठवाड़ा तथा शेष महाराष्‍ट्र के सूखा संभावित क्षेत्र में सिचांई परियोजनाओं के लिए विशेष पैकेज को मंजूरी दी (18-जुलाई,2018)
  • मंत्रिमंडल ने पूर्व एनईएलपी तथा एनईएलपी ब्‍लॉकों में उत्‍पादन साझा करने के ठेके को युक्ति संगत बनाने के लिए नीति रूपरेखा को मंजूरी दी (18-जुलाई,2018)
  • मंत्रिमंडल ने बोइंग 747-400 विमान के एसईएसएफ परिचालन पर मुआवजे के संशोधन को मंजूरी दी (04-जुलाई,2018)
  • किसानों की आय को प्रोत्‍साहन (04-जुलाई,2018)
  • उच्‍च शिक्षा को प्रोत्‍साहन (04-जुलाई,2018)
 
आर्थिक मामलों पर मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए)

मंत्रिमंडल ने अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए(i) मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति योजना (II) मैट्रिक पश्‍चात् छात्रवृत्ति योजना (III) मेधा-सह-साधन योजना को 2017-18 से 2019-20 तक जारी रखने को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी की अध्‍यक्षता में मंत्रिमंडल की आर्थिक मामलों की समिति ने 6 अधिसूचित अल्‍पसंख्‍यक समुदायों के विद्यार्थियों के लिए मैट्रिक पूर्व, मैट्रिक पश्‍चात तथा मेधा सह साधन आधारित छात्रवृत्ति योजनाओं को 5338.32 करोड़ रुपये की लागत से 2019-20 की अवधि तक जारी रखने के प्रस्‍ताव को स्‍वीकृति दे दी है। इससे प्रतिवर्ष 70 लाख विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

 

प्रमुख विशेषताएं:

 

योजनाओं की निम्‍नलिखित प्रमुख विशेषताएं हैं:

 

·      योजनाएं राष्‍ट्रीय छात्रवृति पोर्टल (एनएसपी) के माध्‍यम से लागू की जाएंगी और छात्रवृतियों का वितरण प्रत्‍यक्ष लाभ अंतरण (डीबीपी) रूप में किया जाएगा।

·        लगभग 70 लाख छात्रवृतियां दी जाएंगी।

·       छात्रवृतियां उन विद्यार्थियों को दी जाएंगी जिन्‍हें पहले की अंतिम परीक्षा में 50 प्रतिशत से कम अंक प्राप्‍त नहीं हुए हैं।

·          विद्यार्थी सरकारी स्‍कूलों / संस्‍थानों या मान्‍यता प्राप्‍त निजी स्‍कूलों / संस्‍थानों में अध्‍ययनरत होना चाहिए।

·        2011 की जनगणना के अनुसार राज्‍य / समुदाय के अनुसार लक्ष्‍य / आवंटन।

·           केवल नई छात्रवृत्तियों के लिए भौतिक लक्ष्‍य तय किए जाते हैं।

·         नई छात्रवृत्तियों के अतिरिक्‍त छात्रवृत्तियों का नवीकरण भी किया जाता है। नवीकृत छात्रवृत्तियां वैसे विद्यार्थियों के लिए हैं जिन्‍होंने पहले के वर्षों में छात्रवृत्तियां प्राप्‍त की हैं  और जो पात्रता मानक पूरा करते हैं।

 

मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति योजना:

 

·               योजना का उद्देश्‍य अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के माता-पिता को अपने बच्‍चों को स्‍कूल भेजने (कक्षा 1 से 10) के लिए प्रेरित करना, स्‍कूली शिक्षा पर उनके वित्‍तीय बोझ को कम करनातथा उनके बच्‍चों की स्‍कूली शिक्षा पूरी करने में उनके प्रयासों को समर्थन देना है।

·               माता-पिता / अभिभावक की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

·               लक्ष्‍य – 30,00,000 नए आवेदकों के लिए

 

पात्रताएं

 

मद

पात्रताएं

 

 

छात्रवृत्ति प्रवेश दर + ट्यूशन फीस

 

कक्षा VIसे X तक प्रवेश शुल्‍क 500 रुपये प्रति वर्ष, यदि वास्‍तविक है (छात्रावासीय तथा दैनिक विद्यार्थी)

कक्षा VI से  X तक ट्यूशन फीस 4200 रुपये प्रतिवर्ष, यदि वास्‍तविक है (छात्रावासीय तथा दैनिक विद्यार्थी)

गुजारा भत्‍ता

कक्षा I से V तक दैनिक विद्यार्थी के लिए 1000 रुपये प्रतिवर्ष

कक्षा VI से X (छात्रावासीय : 6000 रुपये प्रतिवर्ष) कक्षा VI से X दैनिक विद्यार्थी) : 1000 रुपये प्रतिवर्ष

 

मैट्रिक पश्‍चात छात्रवृत्ति योजना:

 

·         योजना का उद्देश्‍य गरीब और मेधावी अल्‍पसंख्‍यक विद्यार्थियों को वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराना है ताकि उन्‍हें उच्‍च शिक्षा का बेहतर अवसर मिले, उच्‍च शिक्षा में उनके ज्ञान में वृद्धि हो और अल्‍पसंख्‍यक विद्यार्थी संगठित क्षेत्र में रोजगार योग्‍य बन सकें।

·         माता-पिता / अभिभावक की वार्षिक आय 2 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

·         लक्ष्‍य – नए आवेदकों के लिए 5,00,000

 

पात्रता:

 

मद

पात्रता

 

 

 

 

छात्रवृति प्रवेश दर + ट्यूशन फीस

 

XI  से XII तक प्रवेश तथा ट्यूशन फीस 7000 रुपये प्रतिवर्ष, यदि वास्‍तिवक है (छात्रावासीय तथा दैनिक विद्यार्थी)

XI  तथा XII स्‍तर के तकनीकी तथा व्‍यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश तथा कोर्स / ट्यूशन फीस (1 या अधिक वर्ष के पाठ्यक्रम) : 10,000 रुपये प्रतिवर्ष, यदि वास्‍तविक हो (छात्रावासीय तथा दैनिक विद्यार्थी)

एमफिल तथा पीएचडी सहित स्‍नातक तथा स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर के लिए प्रवेश तथा ट्यूशन फीस 3,000 रुपये प्रतिवर्ष, यदि वास्‍तविक है (छात्रावासीय तथा दैनिक विद्यार्थी)

गुजारा भत्‍ता

तकनीकी और व्‍यावसायिक पाठ्यक्रम सहित कक्षा XI  तथा XII के लिए छात्रावासी विद्यार्थी को 3,800 रुपये प्रतिवर्ष तथा दैनिक विद्यार्थी के लिए 2,300 रुपये प्रतिवर्ष

स्‍नातक और स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर तकनीकी और पेशेवर पाठ्यक्रमों के अतिरिक्‍त पाठ्यक्रमों के लिए छात्रावासीय विद्यार्थी को 5,700 रुपये प्रतिवर्ष तथा दैनिक विद्यार्थी को 3,000 रुपये प्रतिवर्ष

एमफिल तथा पीचडी के लिए छात्रावासीय विद्यार्थी को 12,000 रुपये प्रतिवर्ष और दैनिक विद्यार्थी को 5,500 प्रतिवर्ष

 

मेधा सह साधन आधारित छात्रवृत्ति योजना:

 

·            योजना को उद्देश्‍य गरीब तथा मेधावी अल्‍पसंख्‍यक विद्यार्थियों को वित्‍तीय सहायता प्रदान करना है ताकि विद्यार्थी स्‍नातक तथा स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर पेशेवर तथा तकनीकी पाठ्यक्रम जारी रख सकें और परिणामस्‍वरूप अल्‍पसंख्‍यक समुदायों की सामाजिक, आर्थिक स्थितियों में सुधार हो सके।

·            माता-पिता / अभिभावकों की वार्षिक आय 2.50 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए।

·            लक्ष्‍य – नए आवेदकों के लिए 60,000

 

पात्रताएं:

 

·            योजना में सूचीबद्ध 85 संस्‍थाओं के विद्यार्थियों को पूरे पाठ्यक्रम की फीस कावितरण, अन्‍य के लिए 20 हजार रुपये प्रतिवर्ष, यदि वास्‍तविक है।

·            गुजारा भत्‍ता छात्रावासीय विद्यार्थी के लिए 10,000 रुपये प्रति वर्ष की दर से तथा दैनिक विद्यार्थियों के लिए 5,000 रुपये की दर से।

 

कोष निर्धारित करके विशेष फोकस:

 

यद्पि छात्राओं के लिए 30 प्रतिशत छात्रवृत्तियां निर्धारित है लेकिन उन्‍हें कुल छात्रवृत्तियों का 35 प्रतिशत वितरित किया जाता है।

 

प्रमुख प्रभाव:

 

पिछले वर्षों के दौरान इन योजनाओं को लागू करने से अल्‍पसंख्‍यक समुदायों की सामान्‍य साक्षरता दर / स्‍तर पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। 2011 की जनगणना के अनुसार मुसलमान समुदाय की साक्षरता दर 59.1 प्रतिशत से बढ़कर 68.5 प्रतिशत, ईसाई समुदाय की साक्षरता दर 80.3 प्रतिशत से बढ़कर 84.5 प्रतिशत, सिख समुदाय की साक्षरता दर 69.4 प्रतिशत से बढ़कर 75.4 प्रतिशत, बौद्ध समुदाय की साक्षरता दर 72.7 प्रतिशत से बढ़कर 81.3 प्रतिशत तथा जैन समुदाय की साक्षरता दर 94.1 से बढ़कर 94.9 प्रतिशत हो गई है। महिलाओं के मामले में काफी सुधार हुआ है (पारसी समुदाय के लिए आंकड़े उपलब्‍ध नहीं हैं)।

·            अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के विद्यार्थियों की ओर से अभी भी अधिक छात्रवृत्तियों की मांग की जा रही है। वर्ष 2017-18 के लिए 35.60 लाख के वार्षिक लक्ष्‍य की तुलना में लगभग 60.00 लाख छात्रवृत्तियां दी गई हैं और 2018-19 में वितरण प्रक्रिया जारी है।

·            उपरोक्‍त छात्रवृत्ति योजनाओं के अंतर्गत छात्रवृत्ति लाभ उठाकर अल्‍पसंख्‍यक विद्यार्थी अपनी स्‍कूल / उच्‍च / पेशेवर शिक्षा जारी रखेंगे तथा सरकारी / निजी क्षेत्र या स्‍वरोजगार में रोजगार के अवसर बढ़ांएगे।

 

वित्‍तीय विवरण:

 

योजना का वित्त पोषण मंत्रालय के वार्षिक बजटीय प्रावधानों से किया जाएगा। व्यय विभाग की व्यय वित्त समिति ने इस योजना को जारी रखने की सिफारिश की है। वार्षिक अनुमानित व्यय का विवरण इस प्रकार हैः

 

वर्ष

2017-18*

2018-19

2019-20

आवश्यक धन(करोड़ रु. में)

1,779.44

1,779.44

1,779.44

 3 वर्षों के लिए कुल- 5,338.32 करोड़ रुपये

 

(2017-18 के दौरान 1,971.04 करोड़ रुपये के बजटीय व्‍यय किए गए। यह योजना उसी रूप में लागू की गई जिस रूप में मंत्रिमंडल ने 12वीं योजना अवधि के दौरान लागू करने की स्‍वीकृति दी थी)

 

लाभार्थी:

     

सभी तीनों छात्रवृति योजनाओं के लिए राज्‍य / समुदाय के अनुसार लक्ष्‍य / आवंटन 2011 की जनगणना के अनुसार लागू होगा। 6 अधिसूचित समुदायों यानी मुसलमान, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन तथा पारसी समुदायों के उन विद्यार्थियों 70 लाख छात्रवृत्तियां दिए जाने की संभावना है जो समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों से आते है।

 

कवर किए गए राज्‍य/जिले:

 

सभी तीनों छात्रवृत्ति योजनाएं देश के सभी 29 राज्‍यों तथा 7 केंद्र शासित प्रदेशों में 6 अधिसूचित समुदायों यानी मुसलमान, ईसाई, सिख, बौद्ध, जैन तथा पारसी समुदायों के विद्यार्थियों के लिए लागू की जाएंगी।

 

पृष्‍ठभूमि:

 

यह 11वीं तथा 12वीं पंचवर्षीय योजना से जारी से योजना है और इसे अगले तीन वर्षों के दौरान यानी 14वें वित्‍त आयोग की शेष अवधि के दौरान 2017-18 से 2019-20 तक लागू की जाएगी।

 

मैट्रिक पूर्व छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्‍य अल्‍पसंख्‍यक समुदाय के माता-पिता को अपने बच्‍चों को स्‍कूल भेजने (कक्षा 1 से 10) के लिए प्रेरित करना, स्‍कूली शिक्षा पर उनके वित्‍तीय बोझ को कम करनातथा उनके बच्‍चों की स्‍कूली शिक्षा पूरी करने में उनके प्रयासों को समर्थन देना है जबकि मैट्रिक पश्‍चात छात्रवृत्तियोजना का उद्देश्‍य गरीब और मेधावी अल्‍पसंख्‍यक विद्यार्थियों को वित्‍तीय सहायता उपलब्‍ध कराना है ताकि उन्‍हें उच्‍च शिक्षा का बेहतर अवसर मिले, उच्‍च शिक्षा में उनके ज्ञान में वृद्धि हो और अल्‍पसंख्‍यक विद्यार्थी संगठित क्षेत्र में रोजगार योग्‍य बन सकें। इसी तरह मेधा-सह-साधन आधारित छात्रवृत्ति योजना का उद्देश्‍य गरीब तथा मेधावी अल्‍पसंख्‍यक विद्यार्थियों को वित्‍तीय सहायता प्रदान करना है ताकि विद्यार्थी स्‍नातक तथा स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर पेशेवर तथा तकनीकी पाठ्यक्रम जारी रख सकें और परिणामस्‍वरूप अल्‍पसंख्‍यक समुदायों की सामाजिक, आर्थिक स्थितियों में सुधार हो सके।

 

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एकेटी/वीके/एजी/हेमा